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Shahjahanpur News: एक ऐसा गांव जहां होली पर शराब को हाथ तक नहीं लगाते ग्रामीण

Tue, 07 Mar 2023 11:02 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Mar 2023 11:02 PM IST
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A village where villagers don't even touch alcohol on Holi
- 1988 से शुरू हुई परंपरा आज तक है कायम, एकजुट होकर खेलते हैं सभी होली
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- गांव के बीच में पुरानी चौपाल में जलाते हैं होलिका, चलता है गीत-संगीत का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। शहर से सटा नियामतपुर गांव वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए होली पर एक अनूठी मिसाल पेश करता है। होली पर जहां लोग शराब पीकर एक-दूसरे का खून बहाने पर आतुर हो जाते हैं। वहीं नियामतपुर में 35 साल से होली के दिन किसी ने शराब को हाथ तक नहीं लगाया है। गांव में गाने-बजाने के साथ नृत्य होता है। एक-दूसरे के साथ गले मिलकर त्योहार की खुशियां साझा की जाती हैं।
सिंधौली क्षेत्र के नियामतपुर गांव निवासी भाजपा नेता वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने 1988 में प्रधान का चुनाव जीता था। प्रधान बनने के बाद वीरेंद्र यादव ने ग्रामीणों से होली पर शराब न पीने का संकल्प ग्रहण कराया था। तब से यह परंपरा आज तक जारी है। गांव के बीच में चौपाल के पास होली को जलाया जाता है। त्योहार पर ग्रामीण हारमोनियम, ढोलक, मंजीरा बजाते और लोकगीत गाते हुए दिन में 12 से एक बजे के बीच में आखत डालने जाते हैं। सभी एक-साथ मिलकर आखत डालकर परंपरा को निभाते हैं। इसके बाद चौपाल में होली मिलन होता है, जहां पर सभी एक-दूसरे को गले मिलकर बधाई देते हैं। इसके बाद एक-दूसरे के घरों पर जाकर बधाई देते हैं।
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12 से 14 सौ है गांव की आबादी, कभी नहीं हुआ विवाद
नियामतपुर गांव की आबादी करीब 12 से 14 सौ तक है। गांव में यादव, भुर्जी समेत कई जातियों के लोग रहते हैं। सभी होली वाले दिन शराब को हाथ नहीं लगाते हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि उनके गांव में कभी अवैध शराब नहीं निकाली गई। होली पर कभी विवाद भी नहीं हुआ। सभी एकता के सूत्र में बंधकर रहते हैं।
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सियासी लहजे से महत्वपूर्ण है यह गांव
वर्षों पहले गांव में रामप्रसाद प्रधान हुआ करते थे। 1988 में वीरेंद्र यादव प्रधान बने। उसके बाद उनका सियासी कद बढ़ता गया। वीरेंद्र जिला पंचायत अध्यक्ष बने। उसके बाद उनके पुत्र अजय यादव ने यह कुर्सी संभाली। वर्तमान में वीरेंद्र की बहू ममता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वीरेंद्र भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

होली के दिन शराब नहीं पीने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। गांव के लोगों ने उनका अनुरोध स्वीकार किया था। त्योहार पर सभी एक साथ आखत डालते हैं।
- वीरेंद्र पाल सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
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