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Shahjahanpur News: धूमधाम से निकाली शोभायात्रा
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जलालाबाद के गांव गुनारा में शोभायात्रा में शामिल महिलाएं व अन्य श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : कंटेनर में पीछे से घुसा ट्रक। संवाद
जलालाबाद। ग्राम पंचायत गुनारा के मंझरा कोठी वाला बाग में नवनिर्मित मंदिर में शिव परिवार तथा शिवलिंग की स्थापना से पहले शुक्रवार को मूर्तियों की बैंडबाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। कोठी वाला बाग से शुरू हुई शोभायात्रा बरेली फर्रुखाबाद हाईवे होती हुई नगर स्थित विभिन्न मंदिरों तक पहुंची। शोभायात्रा में शामिल लोग अबीर-गुलाल उड़ाते भगवान के भजनों पर झूमते-गाते चल रहे थे। शोभायात्रा के समापन पर कोठीवाला बाग में हवन-पूजन व वैदिक मंत्रों के साथ नवीन मूर्तियों की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई। इस दौरान दिनेश शर्मा, आलोक शर्मा, सर्वेश शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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श्रीकृष्ण जन्म की लीला का किया वर्णन
भावलखेड़ा। श्रीमद्भागवत कथा एवं शिव परिवार मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग का श्रवण कराया गया। कथा व्यास मोहित शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर अधर्म बढ़ गया, तब कारागार में वासुदेव-देवकी के यहां भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। शुक्रवार को बालकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जैसे ही नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल का जयघोष गूंजा, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर तालियों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर और माखन-मिश्री का भोग अर्पित कर बालगोपाल के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। संवाद
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श्रीकृष्ण जन्म की लीला का किया वर्णन
भावलखेड़ा। श्रीमद्भागवत कथा एवं शिव परिवार मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग का श्रवण कराया गया। कथा व्यास मोहित शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर अधर्म बढ़ गया, तब कारागार में वासुदेव-देवकी के यहां भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। शुक्रवार को बालकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जैसे ही नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल का जयघोष गूंजा, श्रद्धालुओं ने खड़े होकर तालियों और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर और माखन-मिश्री का भोग अर्पित कर बालगोपाल के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। संवाद
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