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ब्रॉड गेज होगी पीलीभीत की मीटर गेज ब्रांच लाइन
Shahjahanpur
Updated Wed, 09 Jul 2014 05:34 AM IST
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- मोदी सरकार के रेल बजट में आमान परिवर्तन प्रस्तावित
- बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड, चार घंटे का सफर दो घंटे में होगा
- पुरानी पटरियों पर हिंडोले की तरह झूलते चलती हैं ट्रेनें
- नए ट्रैक पर टनकपुर तक दौड़ सकेंगी एक्सप्रेस गाड़ियां
अनूप वाजपेयी
शाहजहांपुर। मोदी सरकार ने रेल बजट में पीलीभीत मीटर गेज ब्रांच लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने की घोषणा करके जिले के लोगों को दूसरा अप्रत्याशित तोहफा दिया है। फिलहाल, इस रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन सहित चार जोड़ी सवारी गाड़ियां दौड़ रही हैं। छोटी लाइन के दशकों पुराने ट्रैक पर यह गाड़ियां 85 किमी का सफर साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा करती हैं। उम्मीद है कि बड़ी लाइन बिछने पर गाड़ियां यह दूरी दो घंटे में तय कर सकेंगी और मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार टनकपुर तक नई एक्सप्रेस गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
ब्रिटिश पीरिएड में सन् 1906 में उत्तर रेलवे के स्थानीय स्टेशन की स्थापना हुई और उसी के समानान्तर पूर्वोत्तर रेलवे ने पीलीभीत-शाहजहांपुर के बीच मीटर गेज ब्रांच लाइन तैयार कराई। शुरुआत में इस ट्रैक पर एक जोड़ी ट्रेन चलाई गईं, लेकिन जैसे-जैसे रूट पर यात्री बढ़े, गाड़ियों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्तमान में पीलीभीत ब्रांच लाइन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन सहित चार जोड़ी गाड़ियां चल रही हैं।
एनईआर स्टेशन की आमदनी भी पिछले तीन दशक में दस लाख से बढ़कर 45 लाख रुपये मासिक हो चुकी है। प्रत्येक मालगाड़ी से होने वाली करीब सात लाख रुपये की आय अतिरिक्त है। इसके बावजूद रूट पर पड़ने वाले चार स्टेशनों और दस हाल्टों पर यात्री सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। पिछले साल स्थानीय स्टेशन के प्लेटफॉर्म विस्तार का काम शुरू हुआ, लेकिन टीन शेड की कमी, इकलौते बुकिंग काउंटर, गुणवत्ता युक्त खान-पान के सीमित संसाधन, लचर सफाई प्रबंध आदि कमियां मुसाफिरों को परेशान किए हैं।
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यही नहीं, दशकों पुरानी सिंगल छोटी लाइन को भी नहीं बदला जा सका। इस कारण कई जगह ट्रैक के नीचे की मिट्टी बारिश में खिसकने से वहां की पटरियां भी असमतल हो गईं। इस कारण वहां से गुजरते समय गाड़ी की बोगियां हिंडोले की तरह झूलने लगती हैं। इस कमी के कारण गाड़ियां स्पीड भी नहीं पकड़ पातीं, लेकिन अब यह खामियां अतीत की बातें होने जा रही हैं।
माना जा रहा है कि ब्रांच लाइन का मौजूदा ट्रैक उखाड़कर बड़ी लाइन डाले जाने पर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी। चूंकि, पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-मैलानी, भोजीपुरा-पीलीभीत और पीलीभीत-टनकपुर सेक्शन में आमान परिवर्तन का काम पहले से जारी है। इसलिए उम्मीद है कि पीलीभीत तक ब्रॉड गेज का काम पूरा होने के बाद यहां से सीधे टनकपुर तक नई एक्सप्रेस ट्रेनें दौड़ाना संभव हो जाएगा। इसका सीधा लाभ मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले श्रद्घालुओं को मिलना तय है।
ब्रांच लाइन के स्टेशनों
की सुधरेगी हालत
‘रेल मंत्रालय मीटर गेज की लाइनों को चरणबद्घ तरीके से ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने में जुटा है। शाहजहांपुर-पीलीभीत-मैलानी सेक्शन पर बड़ी लाइन बिछने से तराई और पूर्वांचल के कई जिले रेलवे के मेन ट्रैफिक से जुड़ जाएंगे। ब्रॉड गेज के आमान परिवर्तन का काम शुरू होने पर ब्रांच लाइन के स्टेशनों की हालत भी सुधर जाएगी।’
- इंद्रासन यादव, स्टेशन प्रबंधक, पूर्वोेत्तर रेलवे
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- बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड, चार घंटे का सफर दो घंटे में होगा
- पुरानी पटरियों पर हिंडोले की तरह झूलते चलती हैं ट्रेनें
- नए ट्रैक पर टनकपुर तक दौड़ सकेंगी एक्सप्रेस गाड़ियां
अनूप वाजपेयी
शाहजहांपुर। मोदी सरकार ने रेल बजट में पीलीभीत मीटर गेज ब्रांच लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने की घोषणा करके जिले के लोगों को दूसरा अप्रत्याशित तोहफा दिया है। फिलहाल, इस रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन सहित चार जोड़ी सवारी गाड़ियां दौड़ रही हैं। छोटी लाइन के दशकों पुराने ट्रैक पर यह गाड़ियां 85 किमी का सफर साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा करती हैं। उम्मीद है कि बड़ी लाइन बिछने पर गाड़ियां यह दूरी दो घंटे में तय कर सकेंगी और मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार टनकपुर तक नई एक्सप्रेस गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
ब्रिटिश पीरिएड में सन् 1906 में उत्तर रेलवे के स्थानीय स्टेशन की स्थापना हुई और उसी के समानान्तर पूर्वोत्तर रेलवे ने पीलीभीत-शाहजहांपुर के बीच मीटर गेज ब्रांच लाइन तैयार कराई। शुरुआत में इस ट्रैक पर एक जोड़ी ट्रेन चलाई गईं, लेकिन जैसे-जैसे रूट पर यात्री बढ़े, गाड़ियों की संख्या भी बढ़ती गई। वर्तमान में पीलीभीत ब्रांच लाइन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन सहित चार जोड़ी गाड़ियां चल रही हैं।
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एनईआर स्टेशन की आमदनी भी पिछले तीन दशक में दस लाख से बढ़कर 45 लाख रुपये मासिक हो चुकी है। प्रत्येक मालगाड़ी से होने वाली करीब सात लाख रुपये की आय अतिरिक्त है। इसके बावजूद रूट पर पड़ने वाले चार स्टेशनों और दस हाल्टों पर यात्री सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। पिछले साल स्थानीय स्टेशन के प्लेटफॉर्म विस्तार का काम शुरू हुआ, लेकिन टीन शेड की कमी, इकलौते बुकिंग काउंटर, गुणवत्ता युक्त खान-पान के सीमित संसाधन, लचर सफाई प्रबंध आदि कमियां मुसाफिरों को परेशान किए हैं।
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यही नहीं, दशकों पुरानी सिंगल छोटी लाइन को भी नहीं बदला जा सका। इस कारण कई जगह ट्रैक के नीचे की मिट्टी बारिश में खिसकने से वहां की पटरियां भी असमतल हो गईं। इस कारण वहां से गुजरते समय गाड़ी की बोगियां हिंडोले की तरह झूलने लगती हैं। इस कमी के कारण गाड़ियां स्पीड भी नहीं पकड़ पातीं, लेकिन अब यह खामियां अतीत की बातें होने जा रही हैं।
माना जा रहा है कि ब्रांच लाइन का मौजूदा ट्रैक उखाड़कर बड़ी लाइन डाले जाने पर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी। चूंकि, पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-मैलानी, भोजीपुरा-पीलीभीत और पीलीभीत-टनकपुर सेक्शन में आमान परिवर्तन का काम पहले से जारी है। इसलिए उम्मीद है कि पीलीभीत तक ब्रॉड गेज का काम पूरा होने के बाद यहां से सीधे टनकपुर तक नई एक्सप्रेस ट्रेनें दौड़ाना संभव हो जाएगा। इसका सीधा लाभ मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले श्रद्घालुओं को मिलना तय है।
ब्रांच लाइन के स्टेशनों
की सुधरेगी हालत
‘रेल मंत्रालय मीटर गेज की लाइनों को चरणबद्घ तरीके से ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने में जुटा है। शाहजहांपुर-पीलीभीत-मैलानी सेक्शन पर बड़ी लाइन बिछने से तराई और पूर्वांचल के कई जिले रेलवे के मेन ट्रैफिक से जुड़ जाएंगे। ब्रॉड गेज के आमान परिवर्तन का काम शुरू होने पर ब्रांच लाइन के स्टेशनों की हालत भी सुधर जाएगी।’
- इंद्रासन यादव, स्टेशन प्रबंधक, पूर्वोेत्तर रेलवे