{"_id":"123-96957","slug":"Shahjahanpur-96957-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट दर्ज होने के विरोध में बंद रहा खुटार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिपोर्ट दर्ज होने के विरोध में बंद रहा खुटार
Shahjahanpur
Updated Tue, 01 Jul 2014 05:33 AM IST
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व्यापारियों ने निकाला मार्च, लगाए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे
- सोनपाल को बरामद करने और दर्ज रिपोर्ट निरस्त नहीं होने तक आंदोलन का फैसला
- एसडीएम और सीओ से वार्ता के बाद भी नहीं निकल सका मामले का कोई हल
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बोलेरो गाड़ी चालक सोनपाल की बरामदगी नहीं होने के विरोध में रविवार को चक्का जाम करने के मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने के विरोध में सोमवार को खुटार का बाजार पूरी तरह से बंद से बंद रहा। व्यापारियों ने मार्च निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों के साथ ही कई संगठनों के नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक सोनपाल की बरामदगी नहीं होती और चक्का जाम के मामले में दर्ज रिपोर्ट निरस्त नहीं होती तबतक बाजार बंद रहेगा और आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून को बुकिंग पर वाहन को लेकर नैनीताल गया था। उसके वापस नहीं आने पर पिता की ओर से 23 जून को गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस पर आरोपी से साठगांठ का आरोप लगाते हुए 25 जून को थाने का घेराव और 29 जून को मुख्य चौराहे पर चक्का जाम किया गया था। उधर, आरोपी ने पुलिस पर टार्चर करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। रविवार को एसओ रजी अहमद को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने चक्का जाम करने, जानलेवा हमला करने सहित तमाम गंभीर धाराओं में 19 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एसओ रजी अहमद की ओर से रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट में कई व्यापारियों के नाम भी शामिल थे। इससे नाराज व्यापारियों ने सोमवार को बाजार बंद कर दिया और रिपोर्ट निरस्त नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान कर दिया। जानकारी पाकर एसडीएम विनय पाठक, सीओ बीएस मौतला थाने पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि मामले से डीएम और एसपी को अवगत कराया जाएगा। उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चालक के अपहरण के
आरोपी को भेजा जेल
- अस्पताल से हिरासत में लेकर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बोलेरो गाड़ी चालक सोनपाल के अपहरण में नामजद हरजिंदर सिंह को पुलिस ने सोमवार को अस्पताल से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून से लापता है। पिता सकटेलाल ने गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ पुत्र के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो दिन पूर्व आरोपी को सीने में दर्द की शिकायत पर शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपी को कहना था कि पुलिस के टार्चर करने के कारण उसकी हालत बिगड़ी है।
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सोमवार को कार्यवाहक थाना प्रभारी आरबी रस्तोगी ने शाहजहांपुर के निजी अस्पताल पहुंचकर हरजिंदर को हिरासत में ले लिया। आरोपी के परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई की जमकर विरोध किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को धारा 364, 392 में जेल भेज दिया है। बताया जाता है कि चालक के अपहरण के मामले में आरोपी के एक रिश्तेदार और एक परिवारिक सदस्य का भी नाम सामने आया है। उधर चालक सोनपाल को सोमवार को भी कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस की कार्रवाई
तानाशाही पूर्ण: अनिल
खुटार। व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि चक्का जाम के दौरान दुकाने बंद हो जाने से कई व्यापारी भी मामला जानने को मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने व्यापारियों को भी जाम में सहयोगी बताते हुए रिपोर्ट दर्ज की है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि पूरा संगठन व्यापारियों के साथ है। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट को निरस्त नहीं किया तो बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस की मनमानी
सहन नहीं होगी
- व्यापारियों और नेताओं ने की पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चक्का जाम करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने से आक्रोशित लोगों ने बाजार बंदी के बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में बैठक कर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की तीखी आलोचना की।
नगर पंचायत चेयरमैन गुड्डी देवी के पति लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि वह पूरी तरह से चालक सोनपाल के परिवार के साथ हैं। पुलिस उन पर चाहे जितने मुकदमे दर्ज कर दे, लेकिन सोनपाल के नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। सपा नेता अब्दुल सत्तार इदरीसी ने कहा कि पुलिस ने मनमाने तरीके से लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह सब एक नेता के इशारे पर किया गया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा नेता देवेश गुप्ता ने कहा कि सोनपाल को तलाश करने में पुलिस नाकाम रही है। पुलिस की नाकामी के खिलाफ आंदोलन किया गया तो रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। बैठक को छैलबिहारी सर्राफ, तरुण पांडे, संतोष शर्मा, अमरदीप सिंह, कृपाशंकर मिश्रा, सत्यपाल गुप्ता सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।
फर्जी आईडी लगाकर
खरीदा गया था सिम
- गांव ढकना का एक युवक करता है एक्टीवेट सिम की बिक्री
- खरीदे गए सिम से केवल हुई सोनपाल से बात
- मोबाइल में 13 दिन में बदले गए 30 सिम
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चालक सोनपाल से एक मोबाइल नंबर से लगभग एक महीना बात की गई। यह सिम फर्जी आईडी लगाकर गांव ढकना के एक युवक से खरीदा गया था। जिस मोबाइल में उक्त सिम डाला गया था उस मोबाइल में 13 दिन में लगभग 30 सिम बदले गए हैं। साफ है कि सोनपाल से बात करने वाला जरूर गैर कानूनी धंधा करता है।
पुलिस सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि गांव ढकना का एक युवक फर्जी आईडी लगाकर सिम को एक्टीवेट कर क्षेत्र भर में धड़ल्ले से बेचता है। 20 मई को उससे गांव हीरपुर के एक युवक ने एक्टीवेट सिम की मांग की थी। ज्यादा पैसे मिलने के लालच में युवक ने उसे गांव से बाहर आकर सिम दे दिया। 20 मई को यह सिम काम करने लगा। सबसे खास बात यह है कि इस सिम से केवल सोनपाल से ही बात की गई। सोनपाल के गायब होने के दिन 16 जून को इस सिम धारक की लोकेशन खुटार के गांव नवदिया सराय के पास थी, जबकि इसी तारीख को दिन में सोनपाल के मोबाइल की लोकेशन खुटार से तिकुनियां के बीच रही। रात में सोनपाल के मोबाइल की लोकेशन पलिया शो हुई। उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया, जो आज तक बंद है। 16 जून की रात में ही ढकना से खरीदा गया सिम भी बंद हो गया और दोबारा चालू नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार जिस मोबाइल में ढकना गांव के युवक से खरीदा गया सिम प्रयोग किया गया था उस मोबाइल र्के आईएमईआई नंबर को ट्रेस किया गया तो पता चला कि मोबाइल में 13 दिन में लगभग 30 सिम प्रयोग किए जा चुके हैं। ढकना के युवक ने जिस को सिम बेचा है उसकी शिनाख्त भी कर दी है। पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
खुलेआम बिक रहे
एक्टिीवेटेड सिम
खुटार। सरकार ने एक्टीवेटेड सिम बेचने पर पाबंदी लगा रखी है। नियमानुसार सिम बिक्री के बाद आईडी की तस्दीक कराई जाती है और उसके बाद सिम चालू किया जाता है, लेकिन ज्यादा ग्राहक बनाने के लालच में कुछ कंपनियां इस नियम से खिलवाड़ कर रही हैं। कुछ ज्यादा रुपये देकर एक्टीवेट सिम आराम से खरीदा जा सकता है।
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- सोनपाल को बरामद करने और दर्ज रिपोर्ट निरस्त नहीं होने तक आंदोलन का फैसला
- एसडीएम और सीओ से वार्ता के बाद भी नहीं निकल सका मामले का कोई हल
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बोलेरो गाड़ी चालक सोनपाल की बरामदगी नहीं होने के विरोध में रविवार को चक्का जाम करने के मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने के विरोध में सोमवार को खुटार का बाजार पूरी तरह से बंद से बंद रहा। व्यापारियों ने मार्च निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों के साथ ही कई संगठनों के नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक सोनपाल की बरामदगी नहीं होती और चक्का जाम के मामले में दर्ज रिपोर्ट निरस्त नहीं होती तबतक बाजार बंद रहेगा और आंदोलन किया जाएगा।
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून को बुकिंग पर वाहन को लेकर नैनीताल गया था। उसके वापस नहीं आने पर पिता की ओर से 23 जून को गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस पर आरोपी से साठगांठ का आरोप लगाते हुए 25 जून को थाने का घेराव और 29 जून को मुख्य चौराहे पर चक्का जाम किया गया था। उधर, आरोपी ने पुलिस पर टार्चर करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। रविवार को एसओ रजी अहमद को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने चक्का जाम करने, जानलेवा हमला करने सहित तमाम गंभीर धाराओं में 19 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एसओ रजी अहमद की ओर से रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट में कई व्यापारियों के नाम भी शामिल थे। इससे नाराज व्यापारियों ने सोमवार को बाजार बंद कर दिया और रिपोर्ट निरस्त नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान कर दिया। जानकारी पाकर एसडीएम विनय पाठक, सीओ बीएस मौतला थाने पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि मामले से डीएम और एसपी को अवगत कराया जाएगा। उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आरोपी को भेजा जेल
- अस्पताल से हिरासत में लेकर की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। बोलेरो गाड़ी चालक सोनपाल के अपहरण में नामजद हरजिंदर सिंह को पुलिस ने सोमवार को अस्पताल से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि खुटार निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून से लापता है। पिता सकटेलाल ने गांव हीरपुर निवासी हरजिंदर सिंह के खिलाफ पुत्र के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो दिन पूर्व आरोपी को सीने में दर्द की शिकायत पर शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपी को कहना था कि पुलिस के टार्चर करने के कारण उसकी हालत बिगड़ी है।
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सोमवार को कार्यवाहक थाना प्रभारी आरबी रस्तोगी ने शाहजहांपुर के निजी अस्पताल पहुंचकर हरजिंदर को हिरासत में ले लिया। आरोपी के परिवार वालों ने पुलिस की कार्रवाई की जमकर विरोध किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को धारा 364, 392 में जेल भेज दिया है। बताया जाता है कि चालक के अपहरण के मामले में आरोपी के एक रिश्तेदार और एक परिवारिक सदस्य का भी नाम सामने आया है। उधर चालक सोनपाल को सोमवार को भी कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस की कार्रवाई
तानाशाही पूर्ण: अनिल
खुटार। व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि चक्का जाम के दौरान दुकाने बंद हो जाने से कई व्यापारी भी मामला जानने को मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने व्यापारियों को भी जाम में सहयोगी बताते हुए रिपोर्ट दर्ज की है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि पूरा संगठन व्यापारियों के साथ है। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट को निरस्त नहीं किया तो बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस की मनमानी
सहन नहीं होगी
- व्यापारियों और नेताओं ने की पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चक्का जाम करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने से आक्रोशित लोगों ने बाजार बंदी के बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में बैठक कर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की तीखी आलोचना की।
नगर पंचायत चेयरमैन गुड्डी देवी के पति लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि वह पूरी तरह से चालक सोनपाल के परिवार के साथ हैं। पुलिस उन पर चाहे जितने मुकदमे दर्ज कर दे, लेकिन सोनपाल के नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। सपा नेता अब्दुल सत्तार इदरीसी ने कहा कि पुलिस ने मनमाने तरीके से लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह सब एक नेता के इशारे पर किया गया है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा नेता देवेश गुप्ता ने कहा कि सोनपाल को तलाश करने में पुलिस नाकाम रही है। पुलिस की नाकामी के खिलाफ आंदोलन किया गया तो रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। बैठक को छैलबिहारी सर्राफ, तरुण पांडे, संतोष शर्मा, अमरदीप सिंह, कृपाशंकर मिश्रा, सत्यपाल गुप्ता सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।
फर्जी आईडी लगाकर
खरीदा गया था सिम
- गांव ढकना का एक युवक करता है एक्टीवेट सिम की बिक्री
- खरीदे गए सिम से केवल हुई सोनपाल से बात
- मोबाइल में 13 दिन में बदले गए 30 सिम
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार। चालक सोनपाल से एक मोबाइल नंबर से लगभग एक महीना बात की गई। यह सिम फर्जी आईडी लगाकर गांव ढकना के एक युवक से खरीदा गया था। जिस मोबाइल में उक्त सिम डाला गया था उस मोबाइल में 13 दिन में लगभग 30 सिम बदले गए हैं। साफ है कि सोनपाल से बात करने वाला जरूर गैर कानूनी धंधा करता है।
पुलिस सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि गांव ढकना का एक युवक फर्जी आईडी लगाकर सिम को एक्टीवेट कर क्षेत्र भर में धड़ल्ले से बेचता है। 20 मई को उससे गांव हीरपुर के एक युवक ने एक्टीवेट सिम की मांग की थी। ज्यादा पैसे मिलने के लालच में युवक ने उसे गांव से बाहर आकर सिम दे दिया। 20 मई को यह सिम काम करने लगा। सबसे खास बात यह है कि इस सिम से केवल सोनपाल से ही बात की गई। सोनपाल के गायब होने के दिन 16 जून को इस सिम धारक की लोकेशन खुटार के गांव नवदिया सराय के पास थी, जबकि इसी तारीख को दिन में सोनपाल के मोबाइल की लोकेशन खुटार से तिकुनियां के बीच रही। रात में सोनपाल के मोबाइल की लोकेशन पलिया शो हुई। उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया, जो आज तक बंद है। 16 जून की रात में ही ढकना से खरीदा गया सिम भी बंद हो गया और दोबारा चालू नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार जिस मोबाइल में ढकना गांव के युवक से खरीदा गया सिम प्रयोग किया गया था उस मोबाइल र्के आईएमईआई नंबर को ट्रेस किया गया तो पता चला कि मोबाइल में 13 दिन में लगभग 30 सिम प्रयोग किए जा चुके हैं। ढकना के युवक ने जिस को सिम बेचा है उसकी शिनाख्त भी कर दी है। पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
खुलेआम बिक रहे
एक्टिीवेटेड सिम
खुटार। सरकार ने एक्टीवेटेड सिम बेचने पर पाबंदी लगा रखी है। नियमानुसार सिम बिक्री के बाद आईडी की तस्दीक कराई जाती है और उसके बाद सिम चालू किया जाता है, लेकिन ज्यादा ग्राहक बनाने के लालच में कुछ कंपनियां इस नियम से खिलवाड़ कर रही हैं। कुछ ज्यादा रुपये देकर एक्टीवेट सिम आराम से खरीदा जा सकता है।