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आयरन की गोलियां खाकर 45 छात्राएं बीमार
Shahjahanpur
Updated Tue, 11 Mar 2014 05:33 AM IST
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय निगोही में हड़कंप
- हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने को निगोही अस्पताल से दी गई थीं - पेट दर्द से तड़पती छात्राएं जिला अस्पताल भेजी गईं, सभी खतरे से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। निगोही के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की लगभग 45 छात्राएं आयरन की गोलियां खाने से बीमार हो गईं। एक साथ सभी छात्राओं के पेट में दर्द की शिकायत होनेेेे पर वार्डन समेत स्टाफ के अन्य सदस्यों में हड़कंप मच गया। पेट दर्द से तड़पती छात्राओं को तत्काल 108 एंबुलेंस से निगोही के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनकी हालत में लगातार सुधार आ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं। जिला अस्पताल में पहले 21 छात्राओं को भेजा गया, लेकिन बाद में शेष छात्राओं को भी रेफर कर दिया गया।
वार्डन पूनम गुप्ता ने बताया कि 28 फरवरी को उन्होंने स्कूल में मेडिकल कैंप लगवाया था, जिसमें अधिकांश छात्राओं में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई थी। हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए डॉक्टरों ने आयरन की गोलियां खाने की सलाह दी थी, जो सप्ताह में एक खानी थीं। श्रीमती गुप्ता ने बताया कि पिछले सोमवार को भी छात्राओं को गोलियां खिलाई गई थीं, जिससे उनके पेट में हल्का दर्द हुआ था, लेकिन किसी छात्रा ने इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी।
इसके बाद आज फिर उन्हें नाश्ते के बाद गोलियां खिलाई गईं। ये गोलियां सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास दी गई थीं, उससे पहले सभी को मैन्यू के अनुसार चने और चाय का नाश्ता दिया गया था। गोलियां खाने के करीब आधा घंटे बाद सभी के पेट में अचानक दर्द होने लगा और छात्राएं दर्द से तड़पने लगीं। उनकी हालत बिगड़ती देख तत्काल अस्पताल संपर्क किया गया और एंबुलेंस से सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन लगाकर कुछ दवाइयां भी दीं और बाद में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच सूचना मिलने पर सहायक लेखाधिकारी पीपी सिंह समेत अन्य विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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जिला अस्पताल में छात्राओं के पहुंचने पर तत्काल उनका इलाज शुरू कर दिया गया। सामान्य रूप से दर्द से पीड़ित छात्राओं को चेकअप के बाद दवाइयां दे दी गई, लेकिन कुछ छात्राओं को ग्लूकोज भी चढ़ाना शुरू कर दिया गया। इसी बीच निगोही में रह गईं शेष छात्राओं को भी 108 एंबुलेंस देर शाम जिला अस्पताल भेज दिया गया। सभी छात्राएं कक्षा आठ की हैं। इधर, सूचना मिलते ही जिला स्काउट मास्टर निकहत परवीन और जिला गाइड कैप्टन दपिंदर कौर भी अस्पताल पहुंच गईं और छात्राओं को संभालती रहीं। इस बीच वार्डन पूनम गुप्ता, रचना सिंह आदि शिक्षिकाओं के साथ भी अस्पताल में डटी रहीं।
‘आयरन की गोलियां निगोही अस्पताल से ही ली गई थीं। नाश्ते के बाद छात्राओं को ये गोलियां खाने को दी गई थीं। पिछले सोमवार को भी गोलियां खिलाई गई थीं, लेकिन उस दिन किसी छात्रा को कोई परेशानी नहीं हुई। आज अचानक सभी के पेट में दर्द शुरू होने से वह घबरा गईं। ईश्वर की कृपा है कि सभी बच्चियां ठीक हैं।’
- पूनम गुप्ता, वार्डन
‘आयरन की गोलियां खाने से अक्सर ऐसा हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। इन गोलियां से गैसटाइटिस की प्राब्लम हो जाती है। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। खतरे वाली कोई बात नहीं है।’
- डॉ. एयूपी सिन्हा, जिला अस्पताल
पहले चरण में इन छात्राओं
को लाया गया अस्पताल
आयरन की गोलियां खाने से बीमार हुईं छात्राओं में साक्षी भारती, कृष्णा भारती, रमन भारती, नीलम गौतम, आरती-प्रथम, दुर्गा, आरती गौतम-प्रथम, आरती गौतम-द्वितीय, अनुपम, नेहा मानव, प्रीति, गीता राठौर, वंदना सिंह, प्रियंका भारती-प्रथम, खुशबू रानी, दिव्या मौर्य, प्रियंका भारती-द्वितीय, कल्पना भारती, राखी गौतम, सरोज गौतम, अनीता गौतम, नेहा गौतम-प्रथम, नेहा गौतम-द्वितीय, स्वाती गौतम, रिंकी गौतम, नीतू रानी, संध्या गौतम, रजनी सिंह और कंचन सिंह को पहले चरण में जिला अस्पताल लाया गया। बाद में अन्य छात्राएं भी 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दी गईं।
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- हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने को निगोही अस्पताल से दी गई थीं - पेट दर्द से तड़पती छात्राएं जिला अस्पताल भेजी गईं, सभी खतरे से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। निगोही के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की लगभग 45 छात्राएं आयरन की गोलियां खाने से बीमार हो गईं। एक साथ सभी छात्राओं के पेट में दर्द की शिकायत होनेेेे पर वार्डन समेत स्टाफ के अन्य सदस्यों में हड़कंप मच गया। पेट दर्द से तड़पती छात्राओं को तत्काल 108 एंबुलेंस से निगोही के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनकी हालत में लगातार सुधार आ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं। जिला अस्पताल में पहले 21 छात्राओं को भेजा गया, लेकिन बाद में शेष छात्राओं को भी रेफर कर दिया गया।
वार्डन पूनम गुप्ता ने बताया कि 28 फरवरी को उन्होंने स्कूल में मेडिकल कैंप लगवाया था, जिसमें अधिकांश छात्राओं में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई थी। हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए डॉक्टरों ने आयरन की गोलियां खाने की सलाह दी थी, जो सप्ताह में एक खानी थीं। श्रीमती गुप्ता ने बताया कि पिछले सोमवार को भी छात्राओं को गोलियां खिलाई गई थीं, जिससे उनके पेट में हल्का दर्द हुआ था, लेकिन किसी छात्रा ने इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी।
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इसके बाद आज फिर उन्हें नाश्ते के बाद गोलियां खिलाई गईं। ये गोलियां सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास दी गई थीं, उससे पहले सभी को मैन्यू के अनुसार चने और चाय का नाश्ता दिया गया था। गोलियां खाने के करीब आधा घंटे बाद सभी के पेट में अचानक दर्द होने लगा और छात्राएं दर्द से तड़पने लगीं। उनकी हालत बिगड़ती देख तत्काल अस्पताल संपर्क किया गया और एंबुलेंस से सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन लगाकर कुछ दवाइयां भी दीं और बाद में जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस बीच सूचना मिलने पर सहायक लेखाधिकारी पीपी सिंह समेत अन्य विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
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‘आयरन की गोलियां निगोही अस्पताल से ही ली गई थीं। नाश्ते के बाद छात्राओं को ये गोलियां खाने को दी गई थीं। पिछले सोमवार को भी गोलियां खिलाई गई थीं, लेकिन उस दिन किसी छात्रा को कोई परेशानी नहीं हुई। आज अचानक सभी के पेट में दर्द शुरू होने से वह घबरा गईं। ईश्वर की कृपा है कि सभी बच्चियां ठीक हैं।’
- पूनम गुप्ता, वार्डन
‘आयरन की गोलियां खाने से अक्सर ऐसा हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। इन गोलियां से गैसटाइटिस की प्राब्लम हो जाती है। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। खतरे वाली कोई बात नहीं है।’
- डॉ. एयूपी सिन्हा, जिला अस्पताल
पहले चरण में इन छात्राओं
को लाया गया अस्पताल
आयरन की गोलियां खाने से बीमार हुईं छात्राओं में साक्षी भारती, कृष्णा भारती, रमन भारती, नीलम गौतम, आरती-प्रथम, दुर्गा, आरती गौतम-प्रथम, आरती गौतम-द्वितीय, अनुपम, नेहा मानव, प्रीति, गीता राठौर, वंदना सिंह, प्रियंका भारती-प्रथम, खुशबू रानी, दिव्या मौर्य, प्रियंका भारती-द्वितीय, कल्पना भारती, राखी गौतम, सरोज गौतम, अनीता गौतम, नेहा गौतम-प्रथम, नेहा गौतम-द्वितीय, स्वाती गौतम, रिंकी गौतम, नीतू रानी, संध्या गौतम, रजनी सिंह और कंचन सिंह को पहले चरण में जिला अस्पताल लाया गया। बाद में अन्य छात्राएं भी 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दी गईं।