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बैंक प्रबंधक को एक माह की कैद
Shahjahanpur
Updated Wed, 18 Dec 2013 05:49 AM IST
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आदेश का अनुपालन न करने पर मिली सजा
शाहजहांपुर। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव ने फोरम के आदेश का अनुपालन न करने पर खुदागंज स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को एक माह के कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
तहसील तिलहर के गांव सकतिया निवासी बलराम सिंह का बचत खाता स्टेट बैंक आफ इंडिया खुदागंज में है। सात मार्च 2012 को उसने अपने एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक आफ बड़ौदा द्वारा लगाई गई मशीन का प्रयोग किया। उसे 10 हजार रुपये प्राप्त नहीं हुए। जबकि खाते से 10 हजार रुपये कट गए। बैंक से शिकायत करने पर उससे कहा गया कि उसकी शिकायत ईमेल कर दी गई है और 10-12 दिन में पैसा वापस आ जाएगा, परंतु उसके रुपये वापस नहीं आए।
इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला फोरम के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव और सदस्य सुरेशपाल ने बैंक प्रबंधक को 10 हजार रुपये बलराम के खाते में जमा करने एवं सात मार्च 2012 से छह प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिलवाने का आदेश दिया। इसके साथ परिवादी के मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये, वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये दिलाए जाने का आदेश दिया था। इस आदेश का अनुपालन न करने पर परिवादी ने न्यायालय में इजरा दाखिल किया। इसके बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने फोरम के आदेश का अनुपालन न करने पर शाखा प्रबंधक को एक माह के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शाहजहांपुर। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव ने फोरम के आदेश का अनुपालन न करने पर खुदागंज स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को एक माह के कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
तहसील तिलहर के गांव सकतिया निवासी बलराम सिंह का बचत खाता स्टेट बैंक आफ इंडिया खुदागंज में है। सात मार्च 2012 को उसने अपने एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक आफ बड़ौदा द्वारा लगाई गई मशीन का प्रयोग किया। उसे 10 हजार रुपये प्राप्त नहीं हुए। जबकि खाते से 10 हजार रुपये कट गए। बैंक से शिकायत करने पर उससे कहा गया कि उसकी शिकायत ईमेल कर दी गई है और 10-12 दिन में पैसा वापस आ जाएगा, परंतु उसके रुपये वापस नहीं आए।
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इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला फोरम के अध्यक्ष एके श्रीवास्तव और सदस्य सुरेशपाल ने बैंक प्रबंधक को 10 हजार रुपये बलराम के खाते में जमा करने एवं सात मार्च 2012 से छह प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिलवाने का आदेश दिया। इसके साथ परिवादी के मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये, वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये दिलाए जाने का आदेश दिया था। इस आदेश का अनुपालन न करने पर परिवादी ने न्यायालय में इजरा दाखिल किया। इसके बाद जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने फोरम के आदेश का अनुपालन न करने पर शाखा प्रबंधक को एक माह के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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