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इटौली गन्ना क्रय केंद्र अजबापुर चीनी मिल से जोड़ने की मांग
Shahjahanpur
Updated Sat, 14 Dec 2013 05:49 AM IST
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लखनऊ जाकर गन्ना आयुक्त से मिले किसान
- 16 दिसंबर को डीएम और डीसीओ से बात करेंगे गन्ना आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। इटौली गन्ना क्रय केंद्र को अजबापुर चीनी मिल से जोड़े रखने की मांग को लेकर तमाम किसान शुक्रवार को लखनऊ जाकर गन्ना आयुक्त से मिले और अपना पक्ष रखकर समस्या के निराकरण की मांग की। आयुक्त ने उन्हें समस्या के वाजिब हल का भरोसा दिलाया है।
गौरतलब है कि पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल बंद होने के कारण गन्ना समिति पुवायां के तमाम क्रय केंद्र दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिए गए थे। गांव इटौली का गन्ना क्रय केंद्र अजबापुर चीनी मिल को आवंटित किया गया था। पांच वर्ष से यह सेंटर उक्त मिल को मिलता रहा है। वर्तमान सत्र से पुवायां चीनी मिल पेराई शुरू करने जा रही है। इस कारण इटौली का केंद्र पुवायां चीनी मिल को आवंटित किया गया है।
शुक्रवार को किसानों ने गन्ना आयुक्त से मुलाकात कर बताया कि पुवायां चीनी मिल को 54 लाख क्विंटल गन्ना परेाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मिल की पेराई क्षमता 20 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल अधिकतम अप्रैल तक ही चल सकेगी। इस प्रकार कुल 120 दिन में मिल अधिकतम 24 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर सकेगी। इसके अलावा मिल कई वर्ष तक बंदी के बाद मरम्मत कर चलाई जानी है ऐसे में इसके निरंतर चलने पर भी संदेह हैं। किसानों ने लक्ष्य के सापेक्ष गन्ना पेराई नहीं हो पाने की बात कहते हुए बताया कि इटौली का केंद्र पुवायां को दिए जाने से किसान परेशान है। उनका गन्ना मिल किस प्रकार खरीद सकेगी इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है।
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किसानों ने मांग रखते हुए कहा कि इटौली के क्रय केंद्र को पूर्व की भांति अजबापुर चीनी मिल को ही दिया जाना चाहिए। यदि इस वर्ष पुवायां मिल ठीक से चलती है तो अगले वर्ष से सेंटर को पुवायां मिल को दिया जा सकता है। आयुक्त ने किसानों को बताया कि 16 दिसंबर को वह शाहजहांपुर के डीएम और जिला गन्ना अधिकारी से वार्ता कर समस्या का समाधान कराएंगे। आयुक्त से मिलने गए किसानों में इटौली के प्रधान सर्वेश शर्मा, मोरसिंह, रामलखन दीक्षित, संतोष पाठक, रामगोविंद मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, राजबहादुर, महेश्वर दयाल सहित कई किसान प्रमुख रहे।
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- 16 दिसंबर को डीएम और डीसीओ से बात करेंगे गन्ना आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। इटौली गन्ना क्रय केंद्र को अजबापुर चीनी मिल से जोड़े रखने की मांग को लेकर तमाम किसान शुक्रवार को लखनऊ जाकर गन्ना आयुक्त से मिले और अपना पक्ष रखकर समस्या के निराकरण की मांग की। आयुक्त ने उन्हें समस्या के वाजिब हल का भरोसा दिलाया है।
गौरतलब है कि पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल बंद होने के कारण गन्ना समिति पुवायां के तमाम क्रय केंद्र दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिए गए थे। गांव इटौली का गन्ना क्रय केंद्र अजबापुर चीनी मिल को आवंटित किया गया था। पांच वर्ष से यह सेंटर उक्त मिल को मिलता रहा है। वर्तमान सत्र से पुवायां चीनी मिल पेराई शुरू करने जा रही है। इस कारण इटौली का केंद्र पुवायां चीनी मिल को आवंटित किया गया है।
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शुक्रवार को किसानों ने गन्ना आयुक्त से मुलाकात कर बताया कि पुवायां चीनी मिल को 54 लाख क्विंटल गन्ना परेाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मिल की पेराई क्षमता 20 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल अधिकतम अप्रैल तक ही चल सकेगी। इस प्रकार कुल 120 दिन में मिल अधिकतम 24 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर सकेगी। इसके अलावा मिल कई वर्ष तक बंदी के बाद मरम्मत कर चलाई जानी है ऐसे में इसके निरंतर चलने पर भी संदेह हैं। किसानों ने लक्ष्य के सापेक्ष गन्ना पेराई नहीं हो पाने की बात कहते हुए बताया कि इटौली का केंद्र पुवायां को दिए जाने से किसान परेशान है। उनका गन्ना मिल किस प्रकार खरीद सकेगी इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है।
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किसानों ने मांग रखते हुए कहा कि इटौली के क्रय केंद्र को पूर्व की भांति अजबापुर चीनी मिल को ही दिया जाना चाहिए। यदि इस वर्ष पुवायां मिल ठीक से चलती है तो अगले वर्ष से सेंटर को पुवायां मिल को दिया जा सकता है। आयुक्त ने किसानों को बताया कि 16 दिसंबर को वह शाहजहांपुर के डीएम और जिला गन्ना अधिकारी से वार्ता कर समस्या का समाधान कराएंगे। आयुक्त से मिलने गए किसानों में इटौली के प्रधान सर्वेश शर्मा, मोरसिंह, रामलखन दीक्षित, संतोष पाठक, रामगोविंद मिश्रा, सुरेंद्र मिश्रा, राजबहादुर, महेश्वर दयाल सहित कई किसान प्रमुख रहे।