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15 बिजली कनेक्शनों का पहले दिन बढ़ाया लोड
Shahjahanpur
Updated Mon, 28 Jan 2013 05:30 AM IST
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पॉवर कारपोरेशन का लोड एक्सटेंशन प्रोग्राम जारी
- यह विशेष अभियान दस फरवरी तक चलेगा
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। कम क्षमता के कनेक्शन पर ज्यादा बिजली उपभोग करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने को पॉवर कारपोरेशन का महत्वाकांक्षी लोड एक्सटेंशन प्रोग्राम रविवार से खामोशी के साथ शुरू हो गया। राजपत्रित अवकाश का दिन होने और प्रचार-प्रसार की कमी के चलते अभियान के पहले दिन शहरी क्षेत्र में केवल 15 उपभोक्ताओं ने घरेलू कनेक्शनों का लोड बढ़वाया।
बता दें कि शहरी क्षेत्र में घरेलू प्रकाश और पंखा के करीब 47 हजार कनेक्शन हैं। इनमें से ज्यादातार उपभोक्ताओं ने मिनिमम बिलिंग का लाभ उठाने को एक किलोवाट के कनेक्शन ले रखे हैं, जबकि उनके यहां जेट पंप, सबमर्सिबल, कूलर, वॉशिंग मशीन, रूम हीटर, ब्लोअर आदि बिजली से चलने वाले ऐसे उपकरणों का खूब इस्तेमाल होता है, जिनका लोड दो से तीन किलोवॉट तक बैठता है।
ऐसे कनेक्शनों से विभाग को दोहरी क्षति उठानी पड़ती है। प्रति किलोवॉट 65 रुपये के सरचार्ज समेत बिजली की बढ़ी दरों से मिलने वाले भुगतान से हाथ धोना पड़ता है। दूसरे, बिजली की ज्यादा खपत करने वाले ऐसे कनेक्शनों से नेटवर्क पर ओवरलोडिंग से लाइन फाल्ट और अन्य तकनीकी अड़चनें पड़ती हैं। कम बिजली भार के स्वीकृत कनेक्शन से ज्यादा बिजली दोहन को महकमा चोरी का प्रयास मानता है।
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इसलिए एक किलोवाट के कनेक्शन पर सशर्त प्रतिबंध पहले से लागू है। इसके तहत इस श्रेणी का कनेक्शन अब तभी स्वीकृत होगा जब क्षेत्र केजेई आवेदक के परिसर का स्वयं मुआयना करके अपनी रिपोर्ट देते हैं कि वाकई जहां कनेक्शन मांगा जा रहा है, वहां बिजली की न्यूनतम खपत की गुंजाइश है। बावजूद इसके एक किलोवॉट के जो कनेक्शन पहले जारी हो चुके हैं, उन्हें दो और तीन किलोवाट में परिवर्तित कराने को पॉवर कारपोरेशन निदेशालय ने आज से दस फरवरी तक विशेष अभियान शुरू किया है।
खास यह है कि विभाग स्तर से इस अभियान का ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं होने से शहरी क्षेत्र के अधिकांश उपभोक्ता लोड एक्सटेंशन प्रोग्राम से बेखबर रहे। यही वजह रही कि प्रॉफिट सेंटरों पर लोड बढ़ाने को एसडीओ से लेकर जेई तक मुस्तैद रहे, लेकिन उपभोक्ता सनडे की छुट्टी इंज्वॉय करने में मस्त रहे। नतीजे में शाम तक केवल 15 कनेक्शनों का भार बढ़ाने के आवेदन प्राप्त हुए जबकि अफसरों का मानना है कि शहर में 20 हजार से अधिक कनेक्शन लोड बढ़ाने लायक हैं।
आज है पर्याप्त आवेदन मिलने की उम्मीद
‘लोड बढ़ाने का अभियान पॉवर कारपोरेशन मुख्यालय ने 26 जनवरी से शुरू करने का इरादा बनाया था, लेकिन गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व अवकाश केमद्देनजर इस प्रोग्राम की शुरुआत आज से हो सकी। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार मुख्यालय स्तर से हो रहा है। कल 28 जनवरी को सप्ताह के पहले कार्य दिवस में लोड बढ़ाने संबंधी पर्याप्त आवेदन मिलने की उम्मीद है।’
-हरी प्रकाश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन
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- यह विशेष अभियान दस फरवरी तक चलेगा
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। कम क्षमता के कनेक्शन पर ज्यादा बिजली उपभोग करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने को पॉवर कारपोरेशन का महत्वाकांक्षी लोड एक्सटेंशन प्रोग्राम रविवार से खामोशी के साथ शुरू हो गया। राजपत्रित अवकाश का दिन होने और प्रचार-प्रसार की कमी के चलते अभियान के पहले दिन शहरी क्षेत्र में केवल 15 उपभोक्ताओं ने घरेलू कनेक्शनों का लोड बढ़वाया।
बता दें कि शहरी क्षेत्र में घरेलू प्रकाश और पंखा के करीब 47 हजार कनेक्शन हैं। इनमें से ज्यादातार उपभोक्ताओं ने मिनिमम बिलिंग का लाभ उठाने को एक किलोवाट के कनेक्शन ले रखे हैं, जबकि उनके यहां जेट पंप, सबमर्सिबल, कूलर, वॉशिंग मशीन, रूम हीटर, ब्लोअर आदि बिजली से चलने वाले ऐसे उपकरणों का खूब इस्तेमाल होता है, जिनका लोड दो से तीन किलोवॉट तक बैठता है।
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ऐसे कनेक्शनों से विभाग को दोहरी क्षति उठानी पड़ती है। प्रति किलोवॉट 65 रुपये के सरचार्ज समेत बिजली की बढ़ी दरों से मिलने वाले भुगतान से हाथ धोना पड़ता है। दूसरे, बिजली की ज्यादा खपत करने वाले ऐसे कनेक्शनों से नेटवर्क पर ओवरलोडिंग से लाइन फाल्ट और अन्य तकनीकी अड़चनें पड़ती हैं। कम बिजली भार के स्वीकृत कनेक्शन से ज्यादा बिजली दोहन को महकमा चोरी का प्रयास मानता है।
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इसलिए एक किलोवाट के कनेक्शन पर सशर्त प्रतिबंध पहले से लागू है। इसके तहत इस श्रेणी का कनेक्शन अब तभी स्वीकृत होगा जब क्षेत्र केजेई आवेदक के परिसर का स्वयं मुआयना करके अपनी रिपोर्ट देते हैं कि वाकई जहां कनेक्शन मांगा जा रहा है, वहां बिजली की न्यूनतम खपत की गुंजाइश है। बावजूद इसके एक किलोवॉट के जो कनेक्शन पहले जारी हो चुके हैं, उन्हें दो और तीन किलोवाट में परिवर्तित कराने को पॉवर कारपोरेशन निदेशालय ने आज से दस फरवरी तक विशेष अभियान शुरू किया है।
खास यह है कि विभाग स्तर से इस अभियान का ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं होने से शहरी क्षेत्र के अधिकांश उपभोक्ता लोड एक्सटेंशन प्रोग्राम से बेखबर रहे। यही वजह रही कि प्रॉफिट सेंटरों पर लोड बढ़ाने को एसडीओ से लेकर जेई तक मुस्तैद रहे, लेकिन उपभोक्ता सनडे की छुट्टी इंज्वॉय करने में मस्त रहे। नतीजे में शाम तक केवल 15 कनेक्शनों का भार बढ़ाने के आवेदन प्राप्त हुए जबकि अफसरों का मानना है कि शहर में 20 हजार से अधिक कनेक्शन लोड बढ़ाने लायक हैं।
आज है पर्याप्त आवेदन मिलने की उम्मीद
‘लोड बढ़ाने का अभियान पॉवर कारपोरेशन मुख्यालय ने 26 जनवरी से शुरू करने का इरादा बनाया था, लेकिन गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व अवकाश केमद्देनजर इस प्रोग्राम की शुरुआत आज से हो सकी। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार मुख्यालय स्तर से हो रहा है। कल 28 जनवरी को सप्ताह के पहले कार्य दिवस में लोड बढ़ाने संबंधी पर्याप्त आवेदन मिलने की उम्मीद है।’
-हरी प्रकाश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन