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नरौरा बांध से पानी छोड़ा, अलर्ट जारी
Shahjahanpur
Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
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गंगा में पानी बढ़ने से फर्रूखाबाद जिले के कई गांव खतरे में
- 127000 क्यूसेक पानी और रिलीज होने से स्थिति बिगड़ने के आसार
अमर उजाला नेटवर्क
जलालाबाद। गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी कम होने के बाद ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हो पाईं थीं कि नरौरा बांध से 127000 क्यूसेक पानी और रिलीज हो जाने से स्थिति पुन: बिगड़ने के आसार बन गए हैं। बुधवार सुबह तक पानी यहां तक पहुंचने के मद्देनजर ग्रामीणों को चेतावनी दे दी गई है। दूसरी ओर जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार ओंकारनाथ और नायब तहसीलदार राजेश चौरसिया ने राजस्व कर्मचारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ संक्रामक रोगों से बचाव के लिए गांव वालों को दवाइयां वितरित कीं।
इस संबंध में श्री चौरसिया ने बताया कि नरौरा बांध से पानी रिलीज होने की सूचना ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ ही स्थिति पर नजर रखने के लिए कई कर्मचरियों की तैनाती कर दी गई है। कहा: पहले में बढ़ा पानी कम होने के बाद प्रभावित गावों में स्थिति धीर-धीरे सामान्य हो गई थी मगर और पानी नदी में आने के बाद ग्रामीणों को दुबारा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मगर प्रशासन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
यहां बता दें कि इस बांध से 24-25 अगस्त को पानी रिलीज होने से उफनाई गंगा की चपेट में आए भरतपुर, कटेला नगला, पैलानी उत्तर, बौनी नगला, बांसखेड़ा, इस्लामनगर, मोती नगला, के साथ करीब एक दर्जन गांव जलमग्न हो गए थे। साथ ही सीमावर्ती गावों की कई एकड़ खेती में खड़ी फसल भी बर्बाद हो गई थी। हालांकि रविवार रात से नदी के जल स्तर में कमी आने के बाद गांव से पानी उतरने की स्थिति सामान्य होने लगी थी, परंतु पानी रिलीज होने की खबर से प्रभावित ग्रामीणों की नींद उड़ गई। नदी में पानी बढ़ने से फर्रूखाबाद जिले के कई गांवों खतरे में है।
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नदियों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी खतरे जैसी की बात नहीं है। गंगा, रामगंगा, गर्रा, खन्नौत आदि नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। बांधों से पानी रिलीज होने से नदियों का जलस्तर बढ़ना स्वाभाविक है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर पूरी तरह निगाह रखे है।
- मो. अबु तालिब, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, नहर खंड।
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- 127000 क्यूसेक पानी और रिलीज होने से स्थिति बिगड़ने के आसार
अमर उजाला नेटवर्क
जलालाबाद। गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी कम होने के बाद ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हो पाईं थीं कि नरौरा बांध से 127000 क्यूसेक पानी और रिलीज हो जाने से स्थिति पुन: बिगड़ने के आसार बन गए हैं। बुधवार सुबह तक पानी यहां तक पहुंचने के मद्देनजर ग्रामीणों को चेतावनी दे दी गई है। दूसरी ओर जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार ओंकारनाथ और नायब तहसीलदार राजेश चौरसिया ने राजस्व कर्मचारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ संक्रामक रोगों से बचाव के लिए गांव वालों को दवाइयां वितरित कीं।
इस संबंध में श्री चौरसिया ने बताया कि नरौरा बांध से पानी रिलीज होने की सूचना ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ ही स्थिति पर नजर रखने के लिए कई कर्मचरियों की तैनाती कर दी गई है। कहा: पहले में बढ़ा पानी कम होने के बाद प्रभावित गावों में स्थिति धीर-धीरे सामान्य हो गई थी मगर और पानी नदी में आने के बाद ग्रामीणों को दुबारा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मगर प्रशासन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
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यहां बता दें कि इस बांध से 24-25 अगस्त को पानी रिलीज होने से उफनाई गंगा की चपेट में आए भरतपुर, कटेला नगला, पैलानी उत्तर, बौनी नगला, बांसखेड़ा, इस्लामनगर, मोती नगला, के साथ करीब एक दर्जन गांव जलमग्न हो गए थे। साथ ही सीमावर्ती गावों की कई एकड़ खेती में खड़ी फसल भी बर्बाद हो गई थी। हालांकि रविवार रात से नदी के जल स्तर में कमी आने के बाद गांव से पानी उतरने की स्थिति सामान्य होने लगी थी, परंतु पानी रिलीज होने की खबर से प्रभावित ग्रामीणों की नींद उड़ गई। नदी में पानी बढ़ने से फर्रूखाबाद जिले के कई गांवों खतरे में है।
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नदियों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी खतरे जैसी की बात नहीं है। गंगा, रामगंगा, गर्रा, खन्नौत आदि नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। बांधों से पानी रिलीज होने से नदियों का जलस्तर बढ़ना स्वाभाविक है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर पूरी तरह निगाह रखे है।
- मो. अबु तालिब, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, नहर खंड।