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शहर की 50 हजार आबादी को नहीं मिलता पेयजल
Shahjahanpur
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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- जलाशय तो बने हैं, लेकिन पाइप लाइन नहीं
- इंडिया मार्का हैंडपंप बुझा रहे हैं लोगों की प्यास
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। जल ही जीवन है, इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता, लेकिन शहर की 50 हजार की आबादी आज भी पीने के पानी की सुविधा से महरूम है। इन क्षेत्रों में जलाशय तो बने हैं, लेकिन पाइप लाइन नहीं होने से क्षेत्रवासियों को वाटर सप्लाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है, हालांकि प्रशासन की ओर से गली-मुहल्लों में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, जो लोगों की प्यास बुझाने का कार्य कर रहे हैं।
हुसैनपुरा, हयातपुरा, लोदीपुर, ककरा, सुभाषनगर आंशिक, मामूड़ी, वीवीजई, बहादुर पुरा आंशिक, बिजली पुरा अंाशिक, बिजलीपुरा आंशिक, विसरात रोड से केरूगंज आदि कई इलाके ऐसे हैं जहां अभी तक पाइप लाइन नहीं पड़ी है। इन मोहल्लों की आबादी 50 हजार से अधिक बताई जाती है, जो पानी सप्लाई से वंचित हैं। ककरा कलां एक ऐसा क्षेत्र है जहां जलाशय तो बना हुआ है, लेकिन इस क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है।
दो तरह से जांचते हैं पानी की शुद्धता
सप्लाई किए जाने वाले पानी की शुद्घता जांचने के दो तरीके हैं। लोकल स्तर पर सीएमओ के यहां से केमिकल्स डालकर पीने के पानी का हर रोज परीक्षण कराया जाता है। इस ओटी टेस्ट करते हैं। दूसरा टेस्ट लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में होता है। इसके लिए जलाशय से पानी के नमूनों को लेकर प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसे बायोमैट्रिकल टेस्ट कहते हैं। हालांकि यह टेस्ट अधिकतर गर्मियों में ही होेते हैं।
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प्रदूषित सप्लाई समस्या
सड़कों और नाले-नालियों के किनारे पड़ी पाइप लाइन के लीकेज होने से अक्सर प्रदूषित पानी सप्लाई हो जाता है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। पालिका प्रशासन का कहना है कि लीकेज की जहां से भी शिकायत आती है, वहां तत्काल पालिका कर्मियों को भेजकर उसे ठीक कराया जाता है। पालिका रिकार्ड के मुताबिक दिन में दो-चार शिकायतें इस तरह की आती हैं।
अभी तक सभी रिपोर्ट पॉजिटिव
अभी तक ओटी टेस्ट और बायोमैट्रिकल टेस्ट के माध्यम से पानी के जो भी नमूने जांच के लिए भेजे गए उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट ही आई है, जबकि गर्मी के मद्देनजर फिर नमूने लखनऊ भेजने की तैयारी है। इसके अलावा जलाशयों में डोजर मशीन के माध्यम से हर रोज ब्लीचिंग का मिश्रण किया जाता है ताकि पानी की शुद्घता कायम रह सके।
- एसके सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
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- इंडिया मार्का हैंडपंप बुझा रहे हैं लोगों की प्यास
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। जल ही जीवन है, इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता, लेकिन शहर की 50 हजार की आबादी आज भी पीने के पानी की सुविधा से महरूम है। इन क्षेत्रों में जलाशय तो बने हैं, लेकिन पाइप लाइन नहीं होने से क्षेत्रवासियों को वाटर सप्लाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है, हालांकि प्रशासन की ओर से गली-मुहल्लों में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, जो लोगों की प्यास बुझाने का कार्य कर रहे हैं।
हुसैनपुरा, हयातपुरा, लोदीपुर, ककरा, सुभाषनगर आंशिक, मामूड़ी, वीवीजई, बहादुर पुरा आंशिक, बिजली पुरा अंाशिक, बिजलीपुरा आंशिक, विसरात रोड से केरूगंज आदि कई इलाके ऐसे हैं जहां अभी तक पाइप लाइन नहीं पड़ी है। इन मोहल्लों की आबादी 50 हजार से अधिक बताई जाती है, जो पानी सप्लाई से वंचित हैं। ककरा कलां एक ऐसा क्षेत्र है जहां जलाशय तो बना हुआ है, लेकिन इस क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है।
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दो तरह से जांचते हैं पानी की शुद्धता
सप्लाई किए जाने वाले पानी की शुद्घता जांचने के दो तरीके हैं। लोकल स्तर पर सीएमओ के यहां से केमिकल्स डालकर पीने के पानी का हर रोज परीक्षण कराया जाता है। इस ओटी टेस्ट करते हैं। दूसरा टेस्ट लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में होता है। इसके लिए जलाशय से पानी के नमूनों को लेकर प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसे बायोमैट्रिकल टेस्ट कहते हैं। हालांकि यह टेस्ट अधिकतर गर्मियों में ही होेते हैं।
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प्रदूषित सप्लाई समस्या
सड़कों और नाले-नालियों के किनारे पड़ी पाइप लाइन के लीकेज होने से अक्सर प्रदूषित पानी सप्लाई हो जाता है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। पालिका प्रशासन का कहना है कि लीकेज की जहां से भी शिकायत आती है, वहां तत्काल पालिका कर्मियों को भेजकर उसे ठीक कराया जाता है। पालिका रिकार्ड के मुताबिक दिन में दो-चार शिकायतें इस तरह की आती हैं।
अभी तक सभी रिपोर्ट पॉजिटिव
अभी तक ओटी टेस्ट और बायोमैट्रिकल टेस्ट के माध्यम से पानी के जो भी नमूने जांच के लिए भेजे गए उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट ही आई है, जबकि गर्मी के मद्देनजर फिर नमूने लखनऊ भेजने की तैयारी है। इसके अलावा जलाशयों में डोजर मशीन के माध्यम से हर रोज ब्लीचिंग का मिश्रण किया जाता है ताकि पानी की शुद्घता कायम रह सके।
- एसके सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद