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फूड सिक्योरिटी एक्ट के खिलाफ मिश्रा गुट मुखर
Shahjahanpur
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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जिलाध्यक्ष ने बताई विरोध की रणनीति
- घोषित की नवगठित 34 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने पिछले साल पांच अगस्त को प्रभावी हुए फूड सिक्योरिटी एक्ट में निहित प्रावधानों को अव्यवहारिक बताते हुए प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार इस कानून के खिलाफ मुखर होने का निर्णय किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने रविवार को नगराध्यक्ष अनिल गुप्ता के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए खाद्य सुरक्षा कानून के विरोध की रणनीति का खुलासा किया और इस मौके पर संगठन की नवगठित 34 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी घोषित की।
खाद्य सुरक्षा कानून के नए प्रारूप की आड़ लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का शोषण किए जाने के खिलाफ मिश्रा गुट के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों डीएम एके बरनवाल को पत्र देकर नए खाद्य लेने की बाध्यता पर तब तक रोक लगाए जाने की मांग की, जब तक कि व्यापार संगठनों की आपत्तियों का केन्द्र सरकार के स्तर से निस्तारण नहीं हो जाता। इस मुद्दे पर संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष पं. श्याम बिहारी मिश्र द्वारा जारी परिपत्र आज मीडिया को उपलब्ध कराकर जिलाध्यक्ष ने इस एक्ट के तमाम नकारात्मक पहलुओं को उद्घाटित करके उन्हें खारिज करने योग्य बताया।
श्री दुआ ने कहा: सालाना 12 लाख और इससे कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों से लाइसेंस के नियत शुल्क सौ की जगह पांच सौ रुपये और बड़े व्यवसाइयों से दो हजार के बजाय कई गुना अधिक रकम मांगकर उनका शोषण किया जा रहा है। वैसे भी एक्ट के नोटिफिकेशन की अवधि से एक वर्ष तक नए खाद्य लाइसेंस लेने की बाध्यता नहीं है।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि खाद्य विभाग की मनमानी के विरोध में जिले की सभी तहसीलों और कस्बों के प्रमुख व्यापारियों को भी शामिल किया गया है। जिला कार्यकारिणी में अध्यक्ष समेत महामंत्री नाजिम खां का मनोनयन प्रदेश स्तर पर पहले ही हो चुका है। आज घोषित सूची के अनुसार जिला इकाई में सुशील गुप्ता संयुक्त महामंत्री, नीरज गुप्ता कोषाध्यक्ष और वेद प्रकाश रावत, सालिम खां, जवाहर रस्तोगी, दयाशंकर शर्मा, तरुण पांडेय, शोभित गुप्ता, संजीव राठौर, जुझार सिंह मोंगा तथा सुनील गुप्ता उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।
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- घोषित की नवगठित 34 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने पिछले साल पांच अगस्त को प्रभावी हुए फूड सिक्योरिटी एक्ट में निहित प्रावधानों को अव्यवहारिक बताते हुए प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार इस कानून के खिलाफ मुखर होने का निर्णय किया है। संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने रविवार को नगराध्यक्ष अनिल गुप्ता के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए खाद्य सुरक्षा कानून के विरोध की रणनीति का खुलासा किया और इस मौके पर संगठन की नवगठित 34 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी घोषित की।
खाद्य सुरक्षा कानून के नए प्रारूप की आड़ लेकर विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का शोषण किए जाने के खिलाफ मिश्रा गुट के पदाधिकारियों ने पिछले दिनों डीएम एके बरनवाल को पत्र देकर नए खाद्य लेने की बाध्यता पर तब तक रोक लगाए जाने की मांग की, जब तक कि व्यापार संगठनों की आपत्तियों का केन्द्र सरकार के स्तर से निस्तारण नहीं हो जाता। इस मुद्दे पर संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष पं. श्याम बिहारी मिश्र द्वारा जारी परिपत्र आज मीडिया को उपलब्ध कराकर जिलाध्यक्ष ने इस एक्ट के तमाम नकारात्मक पहलुओं को उद्घाटित करके उन्हें खारिज करने योग्य बताया।
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श्री दुआ ने कहा: सालाना 12 लाख और इससे कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों से लाइसेंस के नियत शुल्क सौ की जगह पांच सौ रुपये और बड़े व्यवसाइयों से दो हजार के बजाय कई गुना अधिक रकम मांगकर उनका शोषण किया जा रहा है। वैसे भी एक्ट के नोटिफिकेशन की अवधि से एक वर्ष तक नए खाद्य लाइसेंस लेने की बाध्यता नहीं है।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि खाद्य विभाग की मनमानी के विरोध में जिले की सभी तहसीलों और कस्बों के प्रमुख व्यापारियों को भी शामिल किया गया है। जिला कार्यकारिणी में अध्यक्ष समेत महामंत्री नाजिम खां का मनोनयन प्रदेश स्तर पर पहले ही हो चुका है। आज घोषित सूची के अनुसार जिला इकाई में सुशील गुप्ता संयुक्त महामंत्री, नीरज गुप्ता कोषाध्यक्ष और वेद प्रकाश रावत, सालिम खां, जवाहर रस्तोगी, दयाशंकर शर्मा, तरुण पांडेय, शोभित गुप्ता, संजीव राठौर, जुझार सिंह मोंगा तथा सुनील गुप्ता उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।