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कभी भी भैंसी नदी में गिर सकता है वाहन
Shahjahanpur
Updated Sat, 29 Nov 2014 05:31 AM IST
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कार को नुकसान पहुंचा रही पुल पर पड़ी चादर
- अधिकारी पुल की मरम्मत पर नहीं दे रहे ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। खुटार-पुवायां मार्ग स्थित भैंसी नदी का पुल बेहद जर्जर और कमजोर हो चला है। हालत ऐसे हो गए हैं कि पुल से कभी भी वाहन नदी में गिर सकता है।
अंग्रेजों के जमाने में बने इस पुल पर तमाम बार आवागमन बंद हो चुका है, लेकिन पुल के लकड़ी के पटले आदि बदलकर काम चलाऊ बना दिया जाता है। इस पुल से रोजाना सात-आठ सौ से अधिक वाहन गुजरते हैं। पड़ोसी देश नेपाल के अलावा पलिया, भीरा, मैलानी, खुटार, गंगसरा आदि के यात्रियों को शाहजहांपुर, बरेली, दिल्ली आदि जाने के लिए इसी पुल से गुजरना होता है। लोहे के एंगिलों पर लकड़ी के पटलों से बना पुल इतने जर्जर है कि किसी भी दिन गिर सकता है।
पुल पर पड़ी लोहे की चादर कार आदि में लग जाने से रोजाना वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी नदी के दोनों ओर पुल के जर्जर होने का बोर्ड लगाकर चुप बैठ गए हैं। कर्मचारी लोहे की चादर पर मिट्टी और पत्थर डालकर ढकते हैं लेकिन दूसरे दिन ही चादर फिर से उभरकर ऊपर आ जाती है।
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- अधिकारी पुल की मरम्मत पर नहीं दे रहे ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। खुटार-पुवायां मार्ग स्थित भैंसी नदी का पुल बेहद जर्जर और कमजोर हो चला है। हालत ऐसे हो गए हैं कि पुल से कभी भी वाहन नदी में गिर सकता है।
अंग्रेजों के जमाने में बने इस पुल पर तमाम बार आवागमन बंद हो चुका है, लेकिन पुल के लकड़ी के पटले आदि बदलकर काम चलाऊ बना दिया जाता है। इस पुल से रोजाना सात-आठ सौ से अधिक वाहन गुजरते हैं। पड़ोसी देश नेपाल के अलावा पलिया, भीरा, मैलानी, खुटार, गंगसरा आदि के यात्रियों को शाहजहांपुर, बरेली, दिल्ली आदि जाने के लिए इसी पुल से गुजरना होता है। लोहे के एंगिलों पर लकड़ी के पटलों से बना पुल इतने जर्जर है कि किसी भी दिन गिर सकता है।
पुल पर पड़ी लोहे की चादर कार आदि में लग जाने से रोजाना वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी नदी के दोनों ओर पुल के जर्जर होने का बोर्ड लगाकर चुप बैठ गए हैं। कर्मचारी लोहे की चादर पर मिट्टी और पत्थर डालकर ढकते हैं लेकिन दूसरे दिन ही चादर फिर से उभरकर ऊपर आ जाती है।
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