{"_id":"5a0864d94f1c1b59678bb2d0","slug":"91510499545-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में बंदी-कैदियों को बांटा गायत्री परिवार का साहित्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में बंदी-कैदियों को बांटा गायत्री परिवार का साहित्य
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
Jailbreak
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। गायत्री शक्ति पीठ गौहरपुरा के तत्वावधान में गायत्री परिवार के लोगों ने जिला कारागार में बंदियों और कैदियों को गायत्री परिवार के साहित्य का वितरण किया। गायत्री मंत्र लेखन का भी वितरण किया गया। बंदियों को इसकी उपयोगिता और महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर जेल में गायत्री परिवार के साहित्य और अखंड ज्योति की स्थापना भी की गई।
गायत्री परिवार के लोगों ने बंदी और कैदियों को युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा के सद् साहित्य का भी वितरण किया। जेलर पीके दुबे ने कहा कि सकारात्मक दृष्टि कोण अपनाकर अपराधी भी महषि वाल्मीकि की तरह विद्वान बन सकता है। गायत्री परिवार से अश्विता सेठ, रंजीत वर्मा, पवित्र सेठ, अमन, शिवम, सूरज, कौशलेंद्र मिश्र ने बंदियों को गायत्री शक्ति पीठ के बारे में जानकारी दी। सेठ ने कहा कि अपराध करने का अर्थ यह नहीं कि अपराधी समाज की मुख्यधारा से कभी नहीं जुड़ सकेगा। हर बंदी और कैदी को सकारात्मक और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए। डिप्टी जेलर संतोष रावत ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
गायत्री परिवार के लोगों ने बंदी और कैदियों को युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा के सद् साहित्य का भी वितरण किया। जेलर पीके दुबे ने कहा कि सकारात्मक दृष्टि कोण अपनाकर अपराधी भी महषि वाल्मीकि की तरह विद्वान बन सकता है। गायत्री परिवार से अश्विता सेठ, रंजीत वर्मा, पवित्र सेठ, अमन, शिवम, सूरज, कौशलेंद्र मिश्र ने बंदियों को गायत्री शक्ति पीठ के बारे में जानकारी दी। सेठ ने कहा कि अपराध करने का अर्थ यह नहीं कि अपराधी समाज की मुख्यधारा से कभी नहीं जुड़ सकेगा। हर बंदी और कैदी को सकारात्मक और आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए। डिप्टी जेलर संतोष रावत ने भी विचार रखे।
विज्ञापन