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वार्डन को जांच में मिली क्लीन चिट
Updated Wed, 13 Sep 2017 06:43 PM IST
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मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। कस्तूरबा स्कूल में अनियमितताओं की शिकायत करने वाली शिक्षिका को मारपीट कर छत से फेंकने वाली वार्डन सहित तीन कर्मचारियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बजट में गड़बड़ी की शिकायतों की विभागीय जांच में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई है।
कस्तूरबा स्कूल में 4 सितंबर को देर रात वार्डन नीतू सिंह, हेड कुक विनीता और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नवनीत कुमार ने विद्यालय में हुई अनियमितताओं की मोबाइल में रिकार्डिंग करने वाली शिक्षिका सबिता अंबेडकर को मारपीट कर छत से नीचे फेंक दिया था। जिसकी रिपोर्ट घायल शिक्षिका सबिता ने तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज करवाई थी। इस मामले में बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शिकायतों की जांच में शिक्षिका द्वारा लगाए गए आरोप निराधार व तथ्यहीन पाए गए हैं, जबकि शिकायतकर्ता का पैर जीने से फिसल कर गिरने से टूटा है।
दूसरी तरफ पीड़ित शिक्षिका का कहना है कि विद्यालय में अनियमितताओं की मोबाइल में रिकार्डिंग करने से नाराज वार्डन ने कर्मचारियों के साथ उसे जान से मारने की नीयत से छत से फेंक दिया था। जिससे उसका पैर टूट गया है। मामले की रिपोर्ट आरोपियों के विरुद्ध दर्ज है। शिक्षिका ने कहा कि पूर्व वार्डन आकांक्षा गुप्ता के विरुद्ध भी इसी तरह के भ्रष्टाचार की शिकायतें हुई थीं। विभागीय जांच में आकांक्षा को भी क्लीन चिट दे दी गई थी, लेकिन मजिस्ट्रेटी जांच मे आकांक्षा की संविदा समाप्त हो गई। वह भी डीएम से इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग करेंगी।
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कस्तूरबा स्कूल में 4 सितंबर को देर रात वार्डन नीतू सिंह, हेड कुक विनीता और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नवनीत कुमार ने विद्यालय में हुई अनियमितताओं की मोबाइल में रिकार्डिंग करने वाली शिक्षिका सबिता अंबेडकर को मारपीट कर छत से नीचे फेंक दिया था। जिसकी रिपोर्ट घायल शिक्षिका सबिता ने तीनों कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज करवाई थी। इस मामले में बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शिकायतों की जांच में शिक्षिका द्वारा लगाए गए आरोप निराधार व तथ्यहीन पाए गए हैं, जबकि शिकायतकर्ता का पैर जीने से फिसल कर गिरने से टूटा है।
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दूसरी तरफ पीड़ित शिक्षिका का कहना है कि विद्यालय में अनियमितताओं की मोबाइल में रिकार्डिंग करने से नाराज वार्डन ने कर्मचारियों के साथ उसे जान से मारने की नीयत से छत से फेंक दिया था। जिससे उसका पैर टूट गया है। मामले की रिपोर्ट आरोपियों के विरुद्ध दर्ज है। शिक्षिका ने कहा कि पूर्व वार्डन आकांक्षा गुप्ता के विरुद्ध भी इसी तरह के भ्रष्टाचार की शिकायतें हुई थीं। विभागीय जांच में आकांक्षा को भी क्लीन चिट दे दी गई थी, लेकिन मजिस्ट्रेटी जांच मे आकांक्षा की संविदा समाप्त हो गई। वह भी डीएम से इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग करेंगी।
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