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Shahjahanpur News: मरम्मत पर 6.25 करोड़ खर्च... अब जांच में कोलाघाट पुल खतरनाक

Thu, 15 Jun 2023 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Thu, 15 Jun 2023 01:11 AM IST
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6.25 crore spent on repair, now Kolaghat bridge dangerous in investigation
जलालाबाद। कोलाघाट के पक्के पुल से चौपहिया वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद अब धूमिल हो गई है। जांच में पुल के करीब 17 पिलर खतरनाक स्थिति में पाए गए हैं। हालांकि पुल यातायात के लायक नहीं है, यह पता पुल की मरम्मत पर 6.25 करोड़ रुपये फूंकने के बाद चला है। अब यहां नए पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि 147 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया जाएगा। नया पुल पुराने के बगल में बनेगा या फिर किसी अन्य स्थान पर, यह अभी तय नहीं है।
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हालांकि स्थानीय स्तर पर सेतु निगम के अधिकारी इसे लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं। कोलाघाट पर रामगंगा और बहगुल नदी पर बने पक्के पुल का एक पिलर 29 नवंबर, 2021 को ढह गया था। पिलर के साथ ही मरम्मत के बाद पुल को दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने बताया कि मौजूदा पुल के 17 पिलर जांच में काफी खराब स्थिति में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुल को लेकर सेतु निगम के एमडी से पांच जून को वार्ता हुई थी।
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तब संज्ञान में आया कि मौजूदा पुल से चौपहिया वाहनों का आवागमन संभव नहीं है। सेतु निगम नए पुल के लिए 147 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेज रहा है। सरकार की मंशा है कि पुल ऐसी जगह बने जो कम लंबाई का हो ताकि उसकी लागत को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि यूं तो पुल को दोपहिया वाहनों के लिए खोला जाना भी खतरनाक है लेकिन जनहित में मंजूरी दी गई है।
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वर्ष 2009 में 43 करोड़ की लागत से पौने दो किलोमीटर लंबे कोलाघाट पुल का निर्माण कराया गया था। दो साल पहले पुल का कुछ हिस्सा ढहने के बाद शासन ने इसकी जांच केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) को सौंपी थी। आवागमन में क्षेत्रीय जनता की परेशानी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से जांच रिपोर्ट आने से पहले ही करीब सवा छह करोड़ की लागत से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी गई।
बाद में करीब आठ महीने बाद आई जांच रिपोर्ट में वेल (कुआं) से लेकर पुल की डिजाइन तक पर सवालिया निशान लगाते हुए जांच एजेंसी ने इसके कई पिलर क्रिटिकल पोजिशन में बताए। पुल से आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित रखने को कहा गया था। साथ ही पुल की अन्य तरह की जांच की जरूरत भी बताई थी। इस दौरान पुल की कई अन्य स्तर पर भी हुई जांच में पुल से आवागमन को खतरनाक बताया गया। हालांकि लोगों को राहत देने के लिए कुछ माह पहले इस पुल से दोपहिया वाहनों को आने-जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद से लोग चौपहिया वाहनों के आवागमन की छूट मिलने का इंतजार कर रहे थे।

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आज से हटना शुरू हो जाएगा पैंटून पुल
बरसात के मद्देनजर 15 जून से कोलाघाट पर बने पैंटून पुल को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अब मिर्जापुर-कलान के लोगों को जलालाबाद या महानगर आने के लिए 50 किलोमीटर से ज्यादा का चक्कर लगाना पड़ेगा। लोगों को फर्रुखाबाद के राजेपुर होते हुए आना-जाना पड़ेगा। पैंटून पुल के हट जाने पर पिछले साल की तरह कई महीने तक लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ेगा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को होगी, जिन्हें रोजाना आना-जाना पड़ता है।
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नए पुल के निर्माण के लिए शासन स्तर पर कवायद चल रही होगी। इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। - ब्रजेंद्र मौर्य, डीपीएम सेतु निगम
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