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ज्यादा खून बह जाने से हुई थी हिरन की मौत
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ज्यादा खून बह जाने से हुई थी हिरन की मौत
पुवायां (शाहजहांपुर)। शुक्रवार को गंभीर घायल हिरन की मौत के मामले में वनकर्मियों के साथ ही पशु अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही भी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हिरन की मौत ज्यादा खून बहने के कारण हुई है।
गौरतलब है कि एक फरवरी को एक हिरन गंभीर हालत में पुवायां में रामनरायन मेहरोत्रा के ईंट भट्ठे पर आ गया था। श्रमिकों ने हिरन को रोक लिया और मामले की जानकारी वनकर्मियों को दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और हिरन को पुवायां के पशु अस्पताल ले गए। हिरन को रोकने से लेकर अस्पताल पहुंचाने तक भट्ठे के श्रमिकों का काफी योगदान रहा, लेकिन बाद में लापरवाही बरत दी गई। पशु अस्पताल में डॉक्टर ने हिरन को टांके लगा दिए और उसे वनकर्मियों के हवाले कर दिया। जबकि होना यह चाहिए था कि हिरन की हालत को देखते हुए उसे बरेली के आईवीआरआई भेज दिया जाना चाहिए था।
वनकर्मियों ने भी हिरन को बरेली आदि भिजवाए जाने की जरूरत नहीं समझी और उसे रेंज कार्यालय ले जाकर बिठा दिया। कई घंटे तक तड़पने के बाद हिरन की मौत हो जाने पर आनन फानन में उसका पोस्टमार्टम कराया गया और शव को दफन कर दिया गया।
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हिरन गंभीर घायल था। बेहोश करने के बाद उसको टांके लगाए। लगा कि हिरन ठीक हो जाएगा, इस कारण रेफर नहीं किया गया। बाद में हिरन की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में ज्यादा खून बहने से मौत होना पाया गया है।
डॉ. विनोद कुमार, डिप्टी सीवीओ पुवायां
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पुवायां (शाहजहांपुर)। शुक्रवार को गंभीर घायल हिरन की मौत के मामले में वनकर्मियों के साथ ही पशु अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही भी सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हिरन की मौत ज्यादा खून बहने के कारण हुई है।
गौरतलब है कि एक फरवरी को एक हिरन गंभीर हालत में पुवायां में रामनरायन मेहरोत्रा के ईंट भट्ठे पर आ गया था। श्रमिकों ने हिरन को रोक लिया और मामले की जानकारी वनकर्मियों को दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और हिरन को पुवायां के पशु अस्पताल ले गए। हिरन को रोकने से लेकर अस्पताल पहुंचाने तक भट्ठे के श्रमिकों का काफी योगदान रहा, लेकिन बाद में लापरवाही बरत दी गई। पशु अस्पताल में डॉक्टर ने हिरन को टांके लगा दिए और उसे वनकर्मियों के हवाले कर दिया। जबकि होना यह चाहिए था कि हिरन की हालत को देखते हुए उसे बरेली के आईवीआरआई भेज दिया जाना चाहिए था।
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वनकर्मियों ने भी हिरन को बरेली आदि भिजवाए जाने की जरूरत नहीं समझी और उसे रेंज कार्यालय ले जाकर बिठा दिया। कई घंटे तक तड़पने के बाद हिरन की मौत हो जाने पर आनन फानन में उसका पोस्टमार्टम कराया गया और शव को दफन कर दिया गया।
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हिरन गंभीर घायल था। बेहोश करने के बाद उसको टांके लगाए। लगा कि हिरन ठीक हो जाएगा, इस कारण रेफर नहीं किया गया। बाद में हिरन की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में ज्यादा खून बहने से मौत होना पाया गया है।
डॉ. विनोद कुमार, डिप्टी सीवीओ पुवायां