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मानदेय नहीं मिलने पर मांगी भीख
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मदरसा शिक्षकों ने मानदेय नहीं मिलने पर मांगी भीख
कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
शाहजहांपुर। मदरसों में आधुनिक विषयों को पढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा नियुक्त शिक्षकों को ढाई साल से भी अधिक समय से निर्धारित मानदेय नहीं दिया गया है। मंगलवार को मदरसा शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में भीख मांगकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और मानदेय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
मदरसा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीेएम प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति केंद्र की पुरोनिधानित योजनांतर्गत आधुनिक विषयों को पढ़ाने के लिए हुई थी, जिसके अंतर्गत स्नातक शिक्षकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह और परास्नातक/ बीएड शिक्षकों को 12000 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों को अप्रैल 2016 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय भी अगस्त 2018 से नहीं दिया गया है।
ज्ञापन भेजने वालों में इखलाक खां, शकील अहमद, परवेज अहमद, फरीद अहमद, शगुफ्ता यूनुस, अलमास फात्मा, निदा, महनाज समेत बड़ी संख्या में मदरसा शिक्षक शामिल रहे।
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कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
शाहजहांपुर। मदरसों में आधुनिक विषयों को पढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा नियुक्त शिक्षकों को ढाई साल से भी अधिक समय से निर्धारित मानदेय नहीं दिया गया है। मंगलवार को मदरसा शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में भीख मांगकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और मानदेय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
मदरसा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीेएम प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति केंद्र की पुरोनिधानित योजनांतर्गत आधुनिक विषयों को पढ़ाने के लिए हुई थी, जिसके अंतर्गत स्नातक शिक्षकों को छह हजार रुपये प्रतिमाह और परास्नातक/ बीएड शिक्षकों को 12000 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों को अप्रैल 2016 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय भी अगस्त 2018 से नहीं दिया गया है।
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ज्ञापन भेजने वालों में इखलाक खां, शकील अहमद, परवेज अहमद, फरीद अहमद, शगुफ्ता यूनुस, अलमास फात्मा, निदा, महनाज समेत बड़ी संख्या में मदरसा शिक्षक शामिल रहे।
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