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गंगा और रामगंगा में फिर बढ़ा उफान, बैराजों से बढ़ी पानी की मात्रा
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:05 AM IST
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फोटो-27,मिर्जापुर में गांवके किनारे पहुंचा पानी।
फोटो-36, परौर में कटान रोकने के लिए बंबू क्रीट
फोटो-37,कटान का जायजा लेते राजा परौर अजय सिंह
गंगा और रामगंगा में फिर बढ़ा उफान, बैराजों से छोड़ा पानी
0 रामगंगा में बाढ़ से पहरुआ और हरिहरपुर में कृषि भूमि जलमग्न
शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर। एक सप्ताह से अधिक समय से हो रही वर्षा से जिले की कलान और जलालाबाद तहसील के कटरी क्षेत्र में बाढ़ के हालात फिर से गंभीर होने लगे हैं। हालांकि, रविवार रात से सोमवार सुबह तक बादल छाए रहे, लेकिन बारिश थमी रही। बीते 24 घंटे के मुकाबले भैंसार बांध पर गंगा पांच सेमी नीचे खिसकी है। इसके बावजूद कछला घाट पर गंगा 25 सेमी और चौबारी घाट पर रामगंगा पर 15 सेमी बढ़ गई। इस बीच, नरौरा समेत अन्य बैराजों से 1.13 लाख क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज होने से तटवर्ती गांवों के लोगों को विषम हालातों की चिंता सताने लगी है। इधर, शहर के समीप गर्रा और खन्नौत में पानी घटा है, लेकिन ड्यूनी डॉम से 7230 क्यूसेक पानी की निकासी गर्रा में उफान के आसार बढ़ गए हैं। रामगंगा से लगातार हो रहे कटान को देखने राजा परौर अजय सिंह ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गए और नदी से किसानों के कट रहे खेतों की रोकथाम के लिए उच्चाधिकारियों से बात की।
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जिओ ट्यूब और चार कच्ची ठोकरें रामगंगा में समाईं
रामगंगा के जल स्तर मे हुई बेतहाशा वृद्धि से ग्राम पहरुआ और हरिहरपुर के बीच नदी पेटे से बाहर होकर फसलों को जलमग्न करने लगी हैं। रामगंगा का जल स्तर सोमवार को तेजी से बढ़ने लगा। इससे तटवर्ती ग्राम हरिहरपुर में सिंचाई विभाग द्वारा भू-कटान रोकने के लिए लगाए गए लाखों की कीमत के 22 जिओ ट्यूब और चार कच्ची ठोकरें नदी में समा गईं। रामगंगा के तटवर्ती कुनिया, पहरूआ, मौजमपुर, हरिहरपुर, कीलापुर, मईखुर्दकलां आदि गांवों में भी बाढ़ से स्थिति खराब है। हरिहरपुर गांव के महेश, राजवीर, चंद्रशेखर, बड़े लल्ला, रामवीर, राजपाल आदि ने सिंचाई विभाग द्वारा किए गए बाढ़ से बचाव के सरकारी इंतजामों को नाकाफी बताया। भाकियू के तहसील अध्यक्ष उदयवीर यादव ने भी सिंचाई विभाग के प्रयासों को सरकारी धन का दुरुपयोग करार दिया है।
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आजादनगर और इस्लामनगर में बढ़ा कटान का खतरा
मिर्जापुर ओर कलान क्षेत्र में गंगा का जल स्तर दो दिन से लगातार घट रहा है। इससे गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर और इस्लामनगर के दक्षिणी इलाके के लोगों ने बाढ़ सो थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन इसी के साथ दोनों गांवों में कृषि भूमि के कटान की आशंका बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारिक सूत्र भी मानते हैं कि नदियां उतार पर होने के दौरान किनारों पर पानी का वेग बढ़ने से भूमि कटान की आशंका बढ़ जाती है। एसडीएम चंद्र प्रकाश सरोज ने रामगंगा के तटवर्ती गांवों का भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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कलक्ट्रेट में खुला बाढ़ नियंत्रण कक्ष, कर्मचारी तैनात
डीएम अमृत त्रिपाठी ने नदियों की सतत निगरानी और बाढ़ संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कलक्ट्रेट भवन के प्रथम तल पर स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में सोमवार से बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभावी करा दिया। इसके साथ ही कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रखने के लिए डीएम ने विभिन्न विभागों केकर्मचारियों की टीमें बनाकर उनकी आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगा दी है।
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फोटो-27,मिर्जापुर में गांवके किनारे पहुंचा पानी।
फोटो-36, परौर में कटान रोकने के लिए बंबू क्रीट
फोटो-37,कटान का जायजा लेते राजा परौर अजय सिंह
गंगा और रामगंगा में फिर बढ़ा उफान, बैराजों से छोड़ा पानी
0 रामगंगा में बाढ़ से पहरुआ और हरिहरपुर में कृषि भूमि जलमग्न
शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर। एक सप्ताह से अधिक समय से हो रही वर्षा से जिले की कलान और जलालाबाद तहसील के कटरी क्षेत्र में बाढ़ के हालात फिर से गंभीर होने लगे हैं। हालांकि, रविवार रात से सोमवार सुबह तक बादल छाए रहे, लेकिन बारिश थमी रही। बीते 24 घंटे के मुकाबले भैंसार बांध पर गंगा पांच सेमी नीचे खिसकी है। इसके बावजूद कछला घाट पर गंगा 25 सेमी और चौबारी घाट पर रामगंगा पर 15 सेमी बढ़ गई। इस बीच, नरौरा समेत अन्य बैराजों से 1.13 लाख क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज होने से तटवर्ती गांवों के लोगों को विषम हालातों की चिंता सताने लगी है। इधर, शहर के समीप गर्रा और खन्नौत में पानी घटा है, लेकिन ड्यूनी डॉम से 7230 क्यूसेक पानी की निकासी गर्रा में उफान के आसार बढ़ गए हैं। रामगंगा से लगातार हो रहे कटान को देखने राजा परौर अजय सिंह ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गए और नदी से किसानों के कट रहे खेतों की रोकथाम के लिए उच्चाधिकारियों से बात की।
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जिओ ट्यूब और चार कच्ची ठोकरें रामगंगा में समाईं
रामगंगा के जल स्तर मे हुई बेतहाशा वृद्धि से ग्राम पहरुआ और हरिहरपुर के बीच नदी पेटे से बाहर होकर फसलों को जलमग्न करने लगी हैं। रामगंगा का जल स्तर सोमवार को तेजी से बढ़ने लगा। इससे तटवर्ती ग्राम हरिहरपुर में सिंचाई विभाग द्वारा भू-कटान रोकने के लिए लगाए गए लाखों की कीमत के 22 जिओ ट्यूब और चार कच्ची ठोकरें नदी में समा गईं। रामगंगा के तटवर्ती कुनिया, पहरूआ, मौजमपुर, हरिहरपुर, कीलापुर, मईखुर्दकलां आदि गांवों में भी बाढ़ से स्थिति खराब है। हरिहरपुर गांव के महेश, राजवीर, चंद्रशेखर, बड़े लल्ला, रामवीर, राजपाल आदि ने सिंचाई विभाग द्वारा किए गए बाढ़ से बचाव के सरकारी इंतजामों को नाकाफी बताया। भाकियू के तहसील अध्यक्ष उदयवीर यादव ने भी सिंचाई विभाग के प्रयासों को सरकारी धन का दुरुपयोग करार दिया है।
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आजादनगर और इस्लामनगर में बढ़ा कटान का खतरा
मिर्जापुर ओर कलान क्षेत्र में गंगा का जल स्तर दो दिन से लगातार घट रहा है। इससे गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर और इस्लामनगर के दक्षिणी इलाके के लोगों ने बाढ़ सो थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन इसी के साथ दोनों गांवों में कृषि भूमि के कटान की आशंका बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के अधिकारिक सूत्र भी मानते हैं कि नदियां उतार पर होने के दौरान किनारों पर पानी का वेग बढ़ने से भूमि कटान की आशंका बढ़ जाती है। एसडीएम चंद्र प्रकाश सरोज ने रामगंगा के तटवर्ती गांवों का भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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कलक्ट्रेट में खुला बाढ़ नियंत्रण कक्ष, कर्मचारी तैनात
डीएम अमृत त्रिपाठी ने नदियों की सतत निगरानी और बाढ़ संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कलक्ट्रेट भवन के प्रथम तल पर स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में सोमवार से बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभावी करा दिया। इसके साथ ही कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रखने के लिए डीएम ने विभिन्न विभागों केकर्मचारियों की टीमें बनाकर उनकी आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगा दी है।