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324 गरीब परिवारों को मिलेगा ‘आसरा’
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 20 Jan 2015 11:39 PM IST
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शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बीपीएल श्रेणी के बेघर परिवारों को एक अदद छत देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दो साल पहले लागू की गई ‘आसरा’ योजना पर छाया जमीन का संकट अब दूर होता नजर आ रहा है। पहले चरण में खुले आसमान तले गुजर-बसर करने वाले जलालाबाद के 324 बेघर परिवारों को ‘आसरा’ में ठिकाना मिलेगा। इसके लिए वहां की नगरपालिका परिषद से प्राप्त जमीन के प्रस्ताव पर जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने कार्यदायी संस्था से प्रस्तावित जमीन का सर्वे कराकर प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है।
चेयरमैन ने कराई 0.826
हेक्टेयर भूमि उपलब्ध
आसरा आवासों के लिए जलालाबाद के चेयरमैन संजय पाठक ने शाहजहांपुर रोड के किनारे याकूबपुर चौराहा और बारहपत्थर चौराहा के बीच 0.826 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है। डूडा ने कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन्स एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) से प्रस्तावित जमीन का सर्वेक्षण कर उसे आवासों के लिए उपयुक्त पाया। इस संबंध में वहां तीन मंजिला फ्लैट बनाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। सहायक परियोजना अधिकारी (डूडा) हरिओम अग्रहरि के अनुसार जलालाबाद में आसरा आवासों के 27 ब्लॉक बनाए जाने हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 25-25 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले 12 आवास बनाए जाने हैं।
शहर में आवासों का निर्माण
पालिका बोर्ड पर निर्भर
लखनऊ से स्थानान्तरित होकर बीते शनिवार को यहां पहुंचे डूडा के नवागत परियोजना अधिकारी अब्दुल कादिर का मानना है कि शहर में आसरा आवासों का निर्माण पालिका बोर्ड पर निर्भर करता है। बोर्ड से मंजूरी मिलने पर ही प्रस्तावित जमीन की डीपीआर तैयार करके राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति को भेजी जा सकेगी।
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अधर में लटका शहर
के आवासों का मसला
आसरा आवास बनाने को लेकर जिले की निकाय संस्थाएं शुरू से उदासीनता दिखा रही हैं। इसलिए चार नगरपालिकाओं और छह नगर पंचायतों में जमीन देने की पहल जलालाबाद से हो पाई। शहर की नगरपालिका परिषद ने करीब एक साल पहले डूडा को मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा में 1490 वर्गमीटर जमीन देने का प्रस्ताव किया। बावजूद इसके पालिका की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई।
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चेयरमैन ने कराई 0.826
हेक्टेयर भूमि उपलब्ध
आसरा आवासों के लिए जलालाबाद के चेयरमैन संजय पाठक ने शाहजहांपुर रोड के किनारे याकूबपुर चौराहा और बारहपत्थर चौराहा के बीच 0.826 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है। डूडा ने कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन्स एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) से प्रस्तावित जमीन का सर्वेक्षण कर उसे आवासों के लिए उपयुक्त पाया। इस संबंध में वहां तीन मंजिला फ्लैट बनाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। सहायक परियोजना अधिकारी (डूडा) हरिओम अग्रहरि के अनुसार जलालाबाद में आसरा आवासों के 27 ब्लॉक बनाए जाने हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 25-25 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले 12 आवास बनाए जाने हैं।
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शहर में आवासों का निर्माण
पालिका बोर्ड पर निर्भर
लखनऊ से स्थानान्तरित होकर बीते शनिवार को यहां पहुंचे डूडा के नवागत परियोजना अधिकारी अब्दुल कादिर का मानना है कि शहर में आसरा आवासों का निर्माण पालिका बोर्ड पर निर्भर करता है। बोर्ड से मंजूरी मिलने पर ही प्रस्तावित जमीन की डीपीआर तैयार करके राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति को भेजी जा सकेगी।
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अधर में लटका शहर
के आवासों का मसला
आसरा आवास बनाने को लेकर जिले की निकाय संस्थाएं शुरू से उदासीनता दिखा रही हैं। इसलिए चार नगरपालिकाओं और छह नगर पंचायतों में जमीन देने की पहल जलालाबाद से हो पाई। शहर की नगरपालिका परिषद ने करीब एक साल पहले डूडा को मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा में 1490 वर्गमीटर जमीन देने का प्रस्ताव किया। बावजूद इसके पालिका की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई।