{"_id":"5c5c3cd8bdec2211b705f894","slug":"31549548760-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चचेरे भाइयों ने ही की थी उमाकांत की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चचेरे भाइयों ने ही की थी उमाकांत की हत्या
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। खेत पर सिंचाई करने गए उमाकांत की हत्या उसके ही दो चचेरे भाइयों ने सिंचाई के विवाद में पानी में डुबाकर कर दी थी। पुवायां पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि गांव नाहिल निवासी 35 वर्षीय उमाकांत मिश्रा 27 जनवरी की शाम गांव के पास ही खेत पर सिंचाई करने गए थे। 28 जनवरी की सुबह देर तक घर नहीं आने पर परिवार के लोग खेत पर पहुंचे तो उमाकांत का मिट्टी में सना शव खेत में पड़ा देख परिवार में कोहराम मच गया था। पोस्टमार्टम में उमाकांत की मौत का कारण पानी में डूबने से दम घुटना पाया गया था। मृतक के पिता रामकुमार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में शक के आधार पर गांव के ही चार लोगों को उठाया था, लेकिन बाद में जांच में उक्त लोग निर्दोष पाए गए। इसके बाद पुलिस ने अन्य पहलुओं पर गौर किया तो मृतक के सगे चचेरे भाइयों गोले उर्फ राममोहन मिश्रा और उसके सगे भाई जुगन्ने उर्फ पुरूषोत्तम मिश्रा पर शक गहरा गया। मामूली पूछताछ के बाद ही आरोपी बीमारी का बहाना कर पूछताछ से बचने लगे, इससे शक और पुख्ता हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि जिस दिन उमाकांत सिंचाई करने गया था, उस दिन वह लोग भी पाइप किराए पर लेकर सिंचाई करने गए थे। उमाकांत ने कहा कि आज वह अपने खेत की सिंचाई करेगा। इसको लेकर विवाद होने पर आरोपियों ने उसका सिर पकड़कर पानी में दबा दिया, जिससे उमाकांत की मौत हो गई। इसके बाद दोनों घर आ गए और मिट्टी में सने कपड़े धोकर डालने के बाद सो गए। पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि गांव नाहिल निवासी 35 वर्षीय उमाकांत मिश्रा 27 जनवरी की शाम गांव के पास ही खेत पर सिंचाई करने गए थे। 28 जनवरी की सुबह देर तक घर नहीं आने पर परिवार के लोग खेत पर पहुंचे तो उमाकांत का मिट्टी में सना शव खेत में पड़ा देख परिवार में कोहराम मच गया था। पोस्टमार्टम में उमाकांत की मौत का कारण पानी में डूबने से दम घुटना पाया गया था। मृतक के पिता रामकुमार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
पुलिस ने इस मामले में शक के आधार पर गांव के ही चार लोगों को उठाया था, लेकिन बाद में जांच में उक्त लोग निर्दोष पाए गए। इसके बाद पुलिस ने अन्य पहलुओं पर गौर किया तो मृतक के सगे चचेरे भाइयों गोले उर्फ राममोहन मिश्रा और उसके सगे भाई जुगन्ने उर्फ पुरूषोत्तम मिश्रा पर शक गहरा गया। मामूली पूछताछ के बाद ही आरोपी बीमारी का बहाना कर पूछताछ से बचने लगे, इससे शक और पुख्ता हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि जिस दिन उमाकांत सिंचाई करने गया था, उस दिन वह लोग भी पाइप किराए पर लेकर सिंचाई करने गए थे। उमाकांत ने कहा कि आज वह अपने खेत की सिंचाई करेगा। इसको लेकर विवाद होने पर आरोपियों ने उसका सिर पकड़कर पानी में दबा दिया, जिससे उमाकांत की मौत हो गई। इसके बाद दोनों घर आ गए और मिट्टी में सने कपड़े धोकर डालने के बाद सो गए। पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया है।
विज्ञापन