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महिला के गांव पहुंचे पूर्व मंत्री जितिन, मदद का दिया आश्वासन
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:21 PM IST
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झुलसे बच्चे की अस्पताल से छुट्टी पर जताई नाराजगी, दोबारा कराया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। परौर क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़िता के जलकर मर जाने की घटना के बाद कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद शनिवार को महिला के गांव पहुंचे और मामले की जानकारी कर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान उन्हें पता चला कि महिला के झुलसे बच्चे की जिला अस्पताल से छुट्टी कर दी गई, इस पर उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। वह गांव से वापस लौटते समय बच्चे को अपने साथ दोबारा जिला अस्पताल लाए और उसे भर्ती कराया।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और झुलसे बच्चे के साथ भी संवेदनहीनता दिखाई गई। पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि पीड़िता के बताए जाने के बाद समय रहते कार्रवाई की गई होती तो शायद महिला को आत्मदाह करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था सुदृढ़ होने की बात कहती है लेकिन इस घटना से साबित हो रहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। पूर्व मंत्री के साथ पार्टी जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, धर्मेंद्र दीक्षित, भूपेंद्र सिंह, जगदीश कुशवाहा, अर्पित पांडेय, अवनीश यादव, कृष्णकांत आदि लोग थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। परौर क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म पीड़िता के जलकर मर जाने की घटना के बाद कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद शनिवार को महिला के गांव पहुंचे और मामले की जानकारी कर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान उन्हें पता चला कि महिला के झुलसे बच्चे की जिला अस्पताल से छुट्टी कर दी गई, इस पर उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। वह गांव से वापस लौटते समय बच्चे को अपने साथ दोबारा जिला अस्पताल लाए और उसे भर्ती कराया।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और झुलसे बच्चे के साथ भी संवेदनहीनता दिखाई गई। पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि पीड़िता के बताए जाने के बाद समय रहते कार्रवाई की गई होती तो शायद महिला को आत्मदाह करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था सुदृढ़ होने की बात कहती है लेकिन इस घटना से साबित हो रहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। पूर्व मंत्री के साथ पार्टी जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, धर्मेंद्र दीक्षित, भूपेंद्र सिंह, जगदीश कुशवाहा, अर्पित पांडेय, अवनीश यादव, कृष्णकांत आदि लोग थे।
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