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300 हेक्टेयर में ड्रिप सिंचाई से लहलहाएगी गन्ना फसल
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:24 PM IST
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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के उप घटक लघु सिंचाई पर आधारित ड्रॉप मोर क्रॉप कार्यक्रम के तहत बरेली मंडल के चारों जिलों में करीब तीन सौ हेक्टेयर गन्ने की फसल इस वर्ष ड्रिप सिंचाई पद्धति से लहलहाएगी। प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उपायुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने योजना के तहत परिक्षेत्र वार लक्ष्य निर्धारित करने के साथ जिला गन्ना अधिकारियों को योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों का निर्धारित वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने बताया कि माइक्रो इरिगेशन आधारित पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के अंतर्गत जिले में ड्रिप सिंचाई का लक्ष्य निर्धारण मंडलायुक्त के स्तर से किया जाना प्रस्तावित है। फिर भी अनुमान है कि इस योजना में जिले का करीब 80 हेक्टेयर गन्ने का रकबा आच्छादित होगा। इस योजना के तहत मेरठ व देवीपाटन परिक्षेत्र में 200 हेक्टेयर, सहारनपुर में 100 हेक्टेयर, मुरादाबाद, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र में 50-50 हेक्टेयर में ड्रिप सिंचाई से गन्ने की पैदावार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीसीओ ने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए इच्छुक किसानों को वेब पोर्टल यूपीएग्रीकल्चर.कॉम पर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए गन्ना आयुक्त ने किसानों का चयन कर उनका पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना की फसल में ड्रिप सिंचाई योजना बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। गन्ना में सिंचाई की अधिक जरूरत होती है। ड्रिप सिंचाई से गन्ने की प्रत्येक पौध को जड़ों के पास बूंद-बूंद कर पानी पहुंचाए जाने से पानी की बचत होगी। इससे किसानों को भी आर्थिक बचत होगी और गुणवत्तायुक्त गन्ना उत्पादन प्राप्त होगा। डीसीओ के अनुसार गन्ना आयुक्त के निर्देश पर जिले में सभी चीनी मिल क्षेत्रों में अस्वीकृत गन्ने की प्रजातियों के उन्मूलन और अन्य विभिन्न गन्ना प्रजातियों के संतुलन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। गन्ना उत्पादन और चीनी परता लक्ष्य हासिल करने के लिए गन्ने की बुवाई और सिंचाई की वैज्ञानिक पद्धतियों पर जोर दिया जा रहा है।
नौ हजार मृदा नमूनों से पोषक तत्वों की होगी भरपाई
पैदावार बढ़ाने के लिए प्रदेश में इस वर्ष अब तक विभिन्न मिलों में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में 92 हजार से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें जिले के करीब नौ हजार नमूने भी शामिल हैं। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार इन्हीं नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले में विभिन्न तहसीलों की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, तांबा, लोहा, बोरान आदि 20 पोषक तत्वों की भरपाई के लिए किसानों को जरूरी उर्वरक और रसायन उपलब्ध कराए जाएंगे।
गन्ना प्रदर्शन का डीसीओ ने किया निरीक्षण
डीसीओ ने सोमवार को बीज उत्पादन अधिकारी कुलदीप सिंह के साथ निगोही चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम अजमतपुर और हंसौआ का दौरा किया। उन्होंने वहां गन्ना फसल प्रदर्शन और गोष्ठियों के आयोजन का निरीक्षण किया। अजमतपुर में फसल प्रदर्शन से संबंधित कुछ खामियां देख डीसीओ ने उन्हें दूर कराने के निर्देश दिए।
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नौ हजार मृदा नमूनों से पोषक तत्वों की होगी भरपाई
पैदावार बढ़ाने के लिए प्रदेश में इस वर्ष अब तक विभिन्न मिलों में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में 92 हजार से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें जिले के करीब नौ हजार नमूने भी शामिल हैं। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार इन्हीं नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिले में विभिन्न तहसीलों की मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, तांबा, लोहा, बोरान आदि 20 पोषक तत्वों की भरपाई के लिए किसानों को जरूरी उर्वरक और रसायन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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गन्ना प्रदर्शन का डीसीओ ने किया निरीक्षण
डीसीओ ने सोमवार को बीज उत्पादन अधिकारी कुलदीप सिंह के साथ निगोही चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम अजमतपुर और हंसौआ का दौरा किया। उन्होंने वहां गन्ना फसल प्रदर्शन और गोष्ठियों के आयोजन का निरीक्षण किया। अजमतपुर में फसल प्रदर्शन से संबंधित कुछ खामियां देख डीसीओ ने उन्हें दूर कराने के निर्देश दिए।
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