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देश हित में प्राण देकर त्याग की मिसाल बनीं इंदिरा
Updated Sun, 19 Nov 2017 06:50 PM IST
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शाहजहांपुर। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 100वी जयंती को कांग्रेसजनों ने स्मरणोत्सव के तौर पर मनाते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस मौके पर टाउनहाल स्थित पार्टी कार्यालय राजीव भवन में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वार्थपरता की राजनीति के इस दौर में इंदिराजी का राष्ट्र हित में बलिदान वर्तमान राजनेताओं के लिए मिसाल है।
इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने कहा कि इंदिरा गांधी ऐसी असाधारण नेता थीं। विरोधी दलों के मूर्धन्य नेता भी तुरंत कड़े फैसले लेने की उनकी क्षमता के कायल थे। पड़ोसी धर्म के निर्वाह के लिए बांग्लादेश को स्वतंत्र पहचान दी और राष्ट्रहित में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। देश की एकता और अखंडता के लिए आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी कुर्बानी देनी पड़ी हो।
एआईसीसी सदस्य अशफाक उल्ला खां ने कहा कि आज की पीढ़ी का यह दुर्भाग्य है कि सत्ता के जरिये नफरत फैलाने वाला पर लगाम कसने के लिए वह हमारे बीच नहीं हैं। पूर्व शहर अध्यक्ष शाहिद अनवर कुरैशी ने कहा कि इंदिरा जी ने हमेशा समाज के दबे-कुचले वर्ग को ऊपर उठाने की कोशिश की और यदि वे जीवित होतीं तो देश की राजनीतिक तस्वीर दूसरी होती।
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प्रारंभ में पूर्व जिलाध्यक्ष दीक्षित के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मनोज त्रिपाठी के संचालन में हुई गोष्ठी में रजनीश गुप्ता, सावित्री शर्मा, राकेश मिश्रा, जगदीश कुशवाहा, अनूप वर्मा, फुरकान अहमद करैशी, इरफान हसन खां आदि ने विचार व्यक्त किए।
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इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने कहा कि इंदिरा गांधी ऐसी असाधारण नेता थीं। विरोधी दलों के मूर्धन्य नेता भी तुरंत कड़े फैसले लेने की उनकी क्षमता के कायल थे। पड़ोसी धर्म के निर्वाह के लिए बांग्लादेश को स्वतंत्र पहचान दी और राष्ट्रहित में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। देश की एकता और अखंडता के लिए आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी कुर्बानी देनी पड़ी हो।
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एआईसीसी सदस्य अशफाक उल्ला खां ने कहा कि आज की पीढ़ी का यह दुर्भाग्य है कि सत्ता के जरिये नफरत फैलाने वाला पर लगाम कसने के लिए वह हमारे बीच नहीं हैं। पूर्व शहर अध्यक्ष शाहिद अनवर कुरैशी ने कहा कि इंदिरा जी ने हमेशा समाज के दबे-कुचले वर्ग को ऊपर उठाने की कोशिश की और यदि वे जीवित होतीं तो देश की राजनीतिक तस्वीर दूसरी होती।
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प्रारंभ में पूर्व जिलाध्यक्ष दीक्षित के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मनोज त्रिपाठी के संचालन में हुई गोष्ठी में रजनीश गुप्ता, सावित्री शर्मा, राकेश मिश्रा, जगदीश कुशवाहा, अनूप वर्मा, फुरकान अहमद करैशी, इरफान हसन खां आदि ने विचार व्यक्त किए।