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रामगंगा में डूबकर दो चचेरे भाइयों की मौत
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:26 AM IST
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रामगंगा में डूबकर दो चचेरे भाइयों की मौत
नहाते समय सुबह हुई घटना, गोताखोरों ने निकाले शव
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। रामगंगा में शुक्रवार सुबह नहाते समय दो चचेरे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव निकाले।
गांव मदुरा निवासी धर्मेंद्र सिंह का 14 वर्षीय पुत्र मानवेंद्र अपने चचेरे भाई 12 वर्षीय संतोष पुत्र नरेंद्र सिंह घर वालों को बिना बताए शुक्रवार सुबह लगभग 8:30 बजे साइकिल लेकर रामगंगा में नहाने चले गए। जब काफी देर तक दोनों दिखाई नहीं दिए, तब परिवार के लोगों को चिंता हुई। दादी नेमवती ने अपने दूसरे पौत्र कौशलेंद्र को दोनों बच्चों का पता लगाने के लिए भेजा। वह दोनों की तलाश करते हुए रामगंगा नदी किनारे पहुंचा तो देखा कि धर्मेंद्र व संतोष की साइकिल नदी किनारे पड़ी है और पास में कपड़े और चप्पल रखे हैं। दोनों कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। कौशलेंद्र ने घर लौटकर पूरी जानकारी दी। तब फिर परिजन रोते-बिलखते रामगंगा के किनारे पहुंच गए और गांव के लोगों की भी भीड़ लग गई। पड़ोसी गांव के प्रधान रामकुमार सिंह चंदेल ने गांव के 20-25 तैराक युवकों को बच्चों की तलाश में नदी में उतार दिया। लगभग 11:30 बजे गांव के सामने ही नदी में दोनों बच्चों के शव मिल गए। बच्चों के शव नदी से निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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रामगंगा में डूबकर दो चचेरे भाइयों की मौत
नहाते समय सुबह हुई घटना, गोताखोरों ने निकाले शव
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। रामगंगा में शुक्रवार सुबह नहाते समय दो चचेरे भाइयों की डूबकर मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव निकाले।
गांव मदुरा निवासी धर्मेंद्र सिंह का 14 वर्षीय पुत्र मानवेंद्र अपने चचेरे भाई 12 वर्षीय संतोष पुत्र नरेंद्र सिंह घर वालों को बिना बताए शुक्रवार सुबह लगभग 8:30 बजे साइकिल लेकर रामगंगा में नहाने चले गए। जब काफी देर तक दोनों दिखाई नहीं दिए, तब परिवार के लोगों को चिंता हुई। दादी नेमवती ने अपने दूसरे पौत्र कौशलेंद्र को दोनों बच्चों का पता लगाने के लिए भेजा। वह दोनों की तलाश करते हुए रामगंगा नदी किनारे पहुंचा तो देखा कि धर्मेंद्र व संतोष की साइकिल नदी किनारे पड़ी है और पास में कपड़े और चप्पल रखे हैं। दोनों कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। कौशलेंद्र ने घर लौटकर पूरी जानकारी दी। तब फिर परिजन रोते-बिलखते रामगंगा के किनारे पहुंच गए और गांव के लोगों की भी भीड़ लग गई। पड़ोसी गांव के प्रधान रामकुमार सिंह चंदेल ने गांव के 20-25 तैराक युवकों को बच्चों की तलाश में नदी में उतार दिया। लगभग 11:30 बजे गांव के सामने ही नदी में दोनों बच्चों के शव मिल गए। बच्चों के शव नदी से निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया।