फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पेयजल

करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पेयजल

Tue, 06 Mar 2018 06:52 PM IST
Updated Tue, 06 Mar 2018 06:52 PM IST
विज्ञापन
करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पेयजल
करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पेयजल
विज्ञापन

स्वजल धारा परियोजना के तहत बनी पानी की टंकियां सफेद हाथी बनी, गर्मी में हो सकती है पेयजल की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
जनपद के कई गांवों में स्वजल धारा परियोजना के तहत बनाई गई पानी की टंकियां सफेद हाथी बन कर रह गई हैं। इन टंकियों के निर्माण कई वर्ष बाद तक गांव के लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब गर्मी का मौसम शुरू होने के बाद फिर से टंकियों को शुरू कराने की मांग उठने लगी है।
वर्ष 2005-06 में स्वजल धारा परियोजना के तहत गांवों में पानी की टंकियों और पंप हाउस का निर्माण कराया गया था। योजना का उद्देश्य गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। कई लाख रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकियों का निर्माण और बोरिंग कराने के बाद गांवों में पाइप लाइन डाल दी गई, लेकिन उसके बाद इनमें बिजली कनेक्शन, मोटर, आदि लगाने की कार्रवाई अधर में छोड़ दी गई। निर्माण के बाद से ही किसी ने इनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। देखरेख के अभाव में टंकियों के पंप हाउसों पर लोगों ने कब्जा कर जानवर आदि बांधना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

टंकी बनने के समय गांव के लोगों को उम्मीद थी कि अब वह लोग भी शहरों की तरह टंकी के माध्यम से आने वाले स्वच्छ जल का उपयोग कर सकेंगे लेकिन अब तक उनकी यह मुराद पूरी नहीं हो सकी है। अब तमाम गांवों में सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में जब यह टंकियां शुरू की जाएंगी तो लोगों को कनेक्शन देने के लिए सीसी रोड को तोड़ना पड़ेगा, जिस कारण कराए गए विकास कार्यों का भारी नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------------
फोटो-23,भावलखेड़ा ब्लॉक के दनियापुर गांव में बना ओवरहेड टैंक।
00
टंकी सूखी, पाइप लाइन ध्वस्त
भावलखेड़ा। स्वच्छ जलधारा योजना के अंतर्गत वर्ष 2010 में करीब 70 लाख की लागत से ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौडेरा के मजरा दनियापुर में 300 किलोलीटर के बनाए गए ओवरहेड टैंक से अब तक पेयजल सप्लाई चालू नहीं हो सका है। गांव में सप्लाई के लिए डाली गई पाइप लाइन ध्वस्त हो गई है। ऐसे में सप्लाई शुरू होने पर भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल सकेगा। इस टैंक से दनियापुर, चौडेरा, परमाली, रौसरकोठी आदि गांवों की करीब 26 हजार की आबादी को जलापूर्ति के लिए मोटर पंप भी लगवा दिया गया था, लेकिन ग्रामीणों को पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई। आलम यह है कि ओवरहेड टैंक परिसर में ग्रामीण उपले पाथने के साथ जानवर बांधने लगे है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम प्रधान चौडेरा विमला मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कई पत्र अफसरों को भेजे, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जलनिगम के जेई ने रोशन अली ने बताया कि वर्ष 2010 में ग्रामसभा को टंकी हैंड ओवर कर दी गई थी।
--------------
बोले ग्रामीण
फोटो-24
ग्राम दनियांपुर निवासी दयाराम ने कहा कि उम्मीद थी कि टंकी सा घर घर पानी पहुंचेगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने जिलाधिकारी से पेयजल सप्लाई शुरू कराने की मांग की है।
----------------
फोटो-25
ग्राम रौसरकोठी निवासी रामनरेश ने कहा कि विभागीय अफसरों की लापरवाही से लाखों की लागत से बनी टंकी का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन ठीक कराकर सप्लाई शुरू कराने की मांग की है।
------------------
फोटो-26,गांव धनसिंहपुर में बनी पानी की टंकी
00000000000
धनसिंहपुर के लोगों की उम्मीदें टूटी
खुटार। गांव धनसिंहपुर में स्वजल धारा परियोजना के तहत टंकी का निर्माण कराया गया था। टंकी के साथ ही पंप हाउस भी बनवाया गया था, लेकिन 12 वर्ष बीतने के बाद भी टंकी को भरने के लिए मोटर ही नहीं लग सका। अब लोगों की टंकी का कनेक्शन लेकर पानी का उपयोग करने की उम्मीदें टूट गईं।
---------------
फोटो-27,गांव नभीची की जर्जर पानी की टंकी
000000000000000
पानी मिला नहीं, टंकी हो गई जर्जर
बंडा। बंडा के गांव नभीची में वर्ष 2008 में पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। तीन वर्ष बाद भी वर्ष 2011 तक टंकी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। गांव में पानी सप्लाई करने वाले पाइप कम गहराई में डाल दिए गए। गांव के लोगों को टंकी पानी नसीब नहीं हुआ, लेकिन टंकी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। सीढ़ियां आदि भी टूट चुकी हैं। तमाम बार मांग के बाद भी जांच और कार्रवाई नहीं की गई।
------------------
फोटो-28,गांव चांदपुर में वर्षों पूर्व बनी जर्जर पानी टंकी
000000000000000
मोटर ही नहीं तो कैसे हो पानी की सप्लाई
चांदपुर। खुटार के गांव चांदपुर में भी स्वजल धारा योजना के तहत टंकी बनवाई गई थी। टंकी और पंप हाउस बनवाए जाने के बाद गांव में पानी सप्लाई के लिए पाइप भी डाल दिए गए, लेकिन मोटर लगाया ही नहीं गया, जिस कारण यह टंकी सफेद हाथी जैसी साबित हुई। यहां आज तक पानी की सप्लाई नहीं हो सकी है। गांव वाले तमाम बार टंकी का मोटर लगवाकर पानी सप्लाई शुरू कराए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

000
बोले जिम्मेदार
स्वजल धारा परियोजना के अंतर्गत जहां भी ओवरहेड टैंक बने वह ग्रामसभा को हैंड ओवर कर दिए गए थे अब ग्रामसभा की जिम्मेदारी है कि वह पेयजल सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त रखे। फिर भी जहां कहीं कोई कमी मिल रही है उसका स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। कोशिश है कि जल्द सप्लाई शुरू हो जाए।
उमेश गुप्ता
अधिशासी अभियंता,जल निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed