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योग साधकों ने किया शंख प्रक्षालन
Updated Sun, 15 Oct 2017 06:22 PM IST
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शाहजहांपुर। ऋतु परिवर्तन के समय पैदा होने वाली बीमारियों से बचने और शरीर के विकारों को दूर करने के लिए भारतीय योग संस्थान के बैनर तले शंख प्रक्षालन क्रिया का आयोेजन किया गया। शंख प्रक्षालन के लिए बड़ी संख्या में साधक शामिल हुए।
बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में सुबह तड़के हुए विशेष कार्यक्रम में सबसे पहले साधकों ने नमकयुक्त पानी पीकर कई चक्रों में खड़े होकर ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटि चक्रासन, तिर्यक भुजंगासन और उदराकर्षण आसन का अभ्यास किया। योग शिक्षक मदन मोहन त्रिपाठी और विनोद बिहारी पांडेय ने इन आसनों का महत्व भी समझाया। जिला प्रधान पवन कुमार सिंह ने कहा कि पेट की सफाई के लिए शुद्धिकरण क्रियाओं का होना बहुत आवश्यक हो जाता है। खासतौर पर ऋतु परिवर्तन में होने वाली बीमारियों से बचने और पेट की सफाई के लिए शंख प्रक्षालन क्रिया रामवाण है। इस क्रिया से पेट के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन शक्ति बढ़ जाती है। शंख प्रक्षालन में अवधेश प्रजापति, मयंक भूषण पांडेय, रमेश दीक्षित, कृष्ण कुमार शर्मा, सूर्यभान शुक्ला आदि का योगदान रहा।
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बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में सुबह तड़के हुए विशेष कार्यक्रम में सबसे पहले साधकों ने नमकयुक्त पानी पीकर कई चक्रों में खड़े होकर ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटि चक्रासन, तिर्यक भुजंगासन और उदराकर्षण आसन का अभ्यास किया। योग शिक्षक मदन मोहन त्रिपाठी और विनोद बिहारी पांडेय ने इन आसनों का महत्व भी समझाया। जिला प्रधान पवन कुमार सिंह ने कहा कि पेट की सफाई के लिए शुद्धिकरण क्रियाओं का होना बहुत आवश्यक हो जाता है। खासतौर पर ऋतु परिवर्तन में होने वाली बीमारियों से बचने और पेट की सफाई के लिए शंख प्रक्षालन क्रिया रामवाण है। इस क्रिया से पेट के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और पाचन शक्ति बढ़ जाती है। शंख प्रक्षालन में अवधेश प्रजापति, मयंक भूषण पांडेय, रमेश दीक्षित, कृष्ण कुमार शर्मा, सूर्यभान शुक्ला आदि का योगदान रहा।
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