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आज भी दीपक की रोशनी में रहने को मजबूर हैं रामनगर के ग्रामीण
Updated Thu, 08 Feb 2018 07:52 PM IST
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आज भी दीये की रोशनी में रहने को मजबूर हैं रामनगर के ग्रामीण
तीन माह पहले हुआ सर्वे, लेकिन अभी तक नहीं खिंची लाइन
धूल उड़ती सड़क से गुजरना पड़ता है गांव तक जाने के लिए
ग्रामीणों ने सीएम को पत्र लिखकर विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़िया रंगीन। ब्लॉक मदनापुर की ग्राम पंचायत निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इस गांव तक जाने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही गांव को विद्युतीकरण योजना से जोड़ा गया है। यहां के लोग धूल उड़ती सड़क से गुजरने और रात में दीपक की रोशनी में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव में विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की है।
ब्लॉक मदनापुर की ग्राम पंचायत निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। यहां के लोग आज भी दीपक की रोशनी में रहने को मजबूर हैं। 1200 की आबादी वाले इस गांव की हालत यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए एक सही सड़क तक नहीं है। निजामपुर नगरिया से यह मजरा गांव महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। इस दूरी को तय करने के लिए पक्की सड़क बनने के बजाय केवल सड़क पर मिट्टी कार्य कराया गया लेकिन वह भी सौ मीटर छोड़ दिया गया। ग्रामीण बताते हैं कि इस संबंध में कई बार कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस से भी मांग की गई। विधायक की पहल पर गांव को विद्युतीकरण परियोजना में शामिल करने के लिए तीन माह पहले बिजली विभाग की ओर से सर्वे भी किया जा चुका है लेकिन इस काम में प्रगति अब भी शून्य है। ग्रामीणों ने बताया कि निजामपुर नगरिया में चालू बिजली लाइन को 20 किलोमीटर दूर जैतीपुर स्थित बिजली उपकेंद्र से जोड़ा गया है और यहां से लाइन निकालकर एक माह पहले दो किलोमीटर दूर गांव केशीनगला में विद्युतीकरण किया जा चुका है और डेढ़ किलोमीटर दूर निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर को विद्युतीकरण परियोजना से छोड़ दिया गया। गांव के हरपाल सिंह, राजपाल सिंह, रामवीर, महेंद्र ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव के विद्युतीकरण व पक्की सड़क बनवाए जाने की मांग की है।
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तीन माह पहले हुआ सर्वे, लेकिन अभी तक नहीं खिंची लाइन
धूल उड़ती सड़क से गुजरना पड़ता है गांव तक जाने के लिए
ग्रामीणों ने सीएम को पत्र लिखकर विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़िया रंगीन। ब्लॉक मदनापुर की ग्राम पंचायत निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इस गांव तक जाने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही गांव को विद्युतीकरण योजना से जोड़ा गया है। यहां के लोग धूल उड़ती सड़क से गुजरने और रात में दीपक की रोशनी में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव में विद्युतीकरण कराए जाने की मांग की है।
ब्लॉक मदनापुर की ग्राम पंचायत निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। यहां के लोग आज भी दीपक की रोशनी में रहने को मजबूर हैं। 1200 की आबादी वाले इस गांव की हालत यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए एक सही सड़क तक नहीं है। निजामपुर नगरिया से यह मजरा गांव महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। इस दूरी को तय करने के लिए पक्की सड़क बनने के बजाय केवल सड़क पर मिट्टी कार्य कराया गया लेकिन वह भी सौ मीटर छोड़ दिया गया। ग्रामीण बताते हैं कि इस संबंध में कई बार कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस से भी मांग की गई। विधायक की पहल पर गांव को विद्युतीकरण परियोजना में शामिल करने के लिए तीन माह पहले बिजली विभाग की ओर से सर्वे भी किया जा चुका है लेकिन इस काम में प्रगति अब भी शून्य है। ग्रामीणों ने बताया कि निजामपुर नगरिया में चालू बिजली लाइन को 20 किलोमीटर दूर जैतीपुर स्थित बिजली उपकेंद्र से जोड़ा गया है और यहां से लाइन निकालकर एक माह पहले दो किलोमीटर दूर गांव केशीनगला में विद्युतीकरण किया जा चुका है और डेढ़ किलोमीटर दूर निजामपुर नगरिया के मजरा गांव रामनगर को विद्युतीकरण परियोजना से छोड़ दिया गया। गांव के हरपाल सिंह, राजपाल सिंह, रामवीर, महेंद्र ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव के विद्युतीकरण व पक्की सड़क बनवाए जाने की मांग की है।
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