फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   टीसी भले ही न हो आधार नंबर जरूरी

टीसी भले ही न हो आधार नंबर जरूरी

Fri, 14 Jul 2017 08:22 PM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 08:22 PM IST
विज्ञापन
टीसी भले ही न हो आधार नंबर जरूरी
शाहजहांपुर। छात्र-छात्राओं को आधार से जोड़ने के लिए सरकार ने पूरी तरह से कमर कस ली है। वैसे यह काम बीते शैक्षिक सत्र से शुरू हो चुका था, लेकिन नवीन शैक्षिक सत्र से विभाग ने कड़ाई से इस पर अमल शुरू कर दिया है। अब छात्र-छात्राओं के प्रवेश से लेकर उच्च शिक्षण संस्थाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों के फार्म भरने के लिए आधार जरूरी कर दिया गया है। यानी बिना आधार नंबर के न तो प्रवेश होंगे और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

अभी तक केंद्र सरकार की ओर से बैंक खाताधारकों को ही आधार और पैन नंबर अनिवार्य किया गया था, लेकिन अब छात्र-छात्राओं के लिए भी आधार अनिवार्य कर दिया गया है। इसकी शुरुआत शैक्षिक सत्र 2016-17 से की जा चुकी है। परिषदीय, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थाओं में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनवाए गए थे। इसकी सूचना विभाग ने अपने पास संकलित कर ली थी, लेकिन नवीन सत्र आरंभ होने पर नर्सरी, केजी, कक्षा एक से लेकर अन्य सभी उच्च कक्षाओं में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अभिभावकों के समक्ष खासी समस्या खड़ी हो गई है। स्कूलों में प्रवेश के समय बच्चे की टीसी नहीं, बल्कि यह पूछा जाता है कि बच्चे का आधार कार्ड बना है, अथवा नहीं। बिना आधार के प्रवेश में दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। बिना आधार वाले बच्चों को तत्काल आधार बनवाने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। यह व्यवस्था केवल परिषदीय स्कूलों में ही नहीं है। माध्यमिक कॉलेजों और महाविद्यालयों में भी बाकायदा शुरू की जा चुकी है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करते ही आधार को अनिवार्य किया, जिस कारण शैक्षिक योग्यता के साथ आधार नंबर भरना भी उतना ही जरूरी माना गया है।
विज्ञापन

बहुउपयोगी है आधार कार्ड
आधार नंबर बहुउपयोगी साबित होगा। भविष्य में इसका लाभ साफ दिखाई देगा। सबसे बड़ी बात यह होगी कि इससे फर्जीबाड़ा रुकेगा। अभी तक कई छात्र एक ही अवधि में अलग-अलग जनपदों में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति हड़प लेते थे, इससे सरकार को लाखों का चूना लगता था, आधार से लिंक होने पर यह समस्या स्वत: समाप्त हो जाएगी। एक से अधिक स्थानों पर आनलाइन फार्म नहीं भरे जा सकेंगे। इसके अलावा सरकार को विभागवार आवादी के सही आंकड़े मिलने शुरू हो जाएंगे। योजनाओं में भी फर्जीवाड़ा रुकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. अवनीश मिश्र, प्राचार्य, एसएस कॉलेज
दोहरे नामांकन पर लगेगी लगाम
स्कूली बच्चों को आधार अनिवार्य करने के पीछे कई कारण हैं। यह बहुउपयोगी साबित होगा। आधार नंबर होने से स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को ट्रेस किया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह होगी कि कई बच्चों के नामांकन अलग-अलग स्कूलों में हो जाते थे, इससे फर्जीबाड़ा बहुत होता था और सरकारी योजनाएं प्रभावित होती थीं, आधार से जुड़ने के बाद कोई भी बच्चा दो स्कूलों में प्रवेश नहीं ले सकेगा और विभागीय योजनाओं का पूरा लाभ पात्र बच्चे को ही मिलेगा।
- राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed