{"_id":"59428bbe4f1c1b5f1a8b4815","slug":"191497533374-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खबर छपते ही मिल गई गायब बंदूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खबर छपते ही मिल गई गायब बंदूक
Updated Thu, 15 Jun 2017 06:59 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)।
बंडा थाने में जमा बंदूक पुलिस को मिल गई है। अब बंदूक को उसके स्वामी को सौंपे जाने की तैयारी है। पुलिस के अनुसार बंदूक मालखाने में ही थी।
दो नवंबर 2016 को बंडा कसबे के गांव सरदारपुर स्थित राज इंटरनेशल स्कूल के प्रबंधक विचित्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद भागते समय आरोपियों की कार खराब हो जाने पर वह गांव लुकामनपुर बहेड़ा के गुरमुखदास के फार्म के सामने कार छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस मौके पर पहुंची तो गुरमुखदास के घर भी गई और उनकी बंदूक उठा ले गई थी। इसके बाद से गुरमुखदास बंदूक वापस किए जाने को लेकर पुलिस के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनसे कह दिया था कि बंदूक थाने में नहीं है।
गुरमुखदास ने मामले की जानकारी एक मंत्री को दी थी। मंत्री के पूछने पर भी पुलिस ने बंदूक थाने में नहीं होने की बात कह दी थी। 15 जून को अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने बंडा पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए बंदूक का पता लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने गुरमुखदास को बताया कि उनकी बंदूक मालखाने में रखी मिल गई है। अब बड़ा सवाल है कि यदि बंदूक मालखाने में थी तो गुरमुखसदास सहित मंत्री को गलत जानकारी क्यों दी जा रही थी। अब बंदूक कहां से मिली है। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि पहले ठीक से तलाश नहीं किए जाने के कारण बंदूक नहीं मिल रही थी। बृहस्पतिवार को बंदूक मालखाने में ही रखी मिल गई।
बंडा थाने में जमा बंदूक पुलिस को मिल गई है। अब बंदूक को उसके स्वामी को सौंपे जाने की तैयारी है। पुलिस के अनुसार बंदूक मालखाने में ही थी।
दो नवंबर 2016 को बंडा कसबे के गांव सरदारपुर स्थित राज इंटरनेशल स्कूल के प्रबंधक विचित्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद भागते समय आरोपियों की कार खराब हो जाने पर वह गांव लुकामनपुर बहेड़ा के गुरमुखदास के फार्म के सामने कार छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस मौके पर पहुंची तो गुरमुखदास के घर भी गई और उनकी बंदूक उठा ले गई थी। इसके बाद से गुरमुखदास बंदूक वापस किए जाने को लेकर पुलिस के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनसे कह दिया था कि बंदूक थाने में नहीं है।
गुरमुखदास ने मामले की जानकारी एक मंत्री को दी थी। मंत्री के पूछने पर भी पुलिस ने बंदूक थाने में नहीं होने की बात कह दी थी। 15 जून को अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने बंडा पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए बंदूक का पता लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने गुरमुखदास को बताया कि उनकी बंदूक मालखाने में रखी मिल गई है। अब बड़ा सवाल है कि यदि बंदूक मालखाने में थी तो गुरमुखसदास सहित मंत्री को गलत जानकारी क्यों दी जा रही थी। अब बंदूक कहां से मिली है। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि पहले ठीक से तलाश नहीं किए जाने के कारण बंदूक नहीं मिल रही थी। बृहस्पतिवार को बंदूक मालखाने में ही रखी मिल गई।
विज्ञापन