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बुखार से हाहाकार, जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी फुल
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:08 AM IST
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जिले में बुखार से हाहाकार मचा हुआ है। जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी, पीएचसी तक बुखार के ही मरीज बढ़ रहे हैं। तीन दिन के अंदर बुखार से छह लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले जिले में एक माह में 18 मौतें हो चुकी हैं। इसकी गूंज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची, तो उन्होंने लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा लेकिन लखनऊ की टीम यहां नहंीं आई। टीम बदायूं चली गई। बुखार से मौतों को लेकर जिले में दहशत का माहौल है।
जिला अस्पताल का आलम यह है कि यहां हर रोज लगभग 17 से 18 सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है। गंभीर मरीजों के लिए खोले ट्रामा सेंटर में भी मरीजों की संख्या 80 से 100 तक हो रही है। कुछ इसी तरह का हाल देहात क्षेत्र में स्थापित सीएचसी और पीएचसी का भी है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 300 से लेकर 500 तक मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर की कमी के कारण कई बार ऐसा होता है कि मरीजों को बिना देखे ही पर्चा पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस कारण यहां और भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्टाफ का टोटा जिला अस्पताल में भी है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए वार्डो में अलग से बेड डलवाए गए हैं, ताकि आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज हो सके।
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जिला अस्पताल का आलम यह है कि यहां हर रोज लगभग 17 से 18 सौ मरीजों की ओपीडी हो रही है। गंभीर मरीजों के लिए खोले ट्रामा सेंटर में भी मरीजों की संख्या 80 से 100 तक हो रही है। कुछ इसी तरह का हाल देहात क्षेत्र में स्थापित सीएचसी और पीएचसी का भी है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 300 से लेकर 500 तक मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर की कमी के कारण कई बार ऐसा होता है कि मरीजों को बिना देखे ही पर्चा पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस कारण यहां और भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्टाफ का टोटा जिला अस्पताल में भी है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए वार्डो में अलग से बेड डलवाए गए हैं, ताकि आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज हो सके।
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