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कैंसर के उपचार ने रोटी के लिए कर दिया मोहताज
Updated Sun, 25 Jun 2017 07:43 PM IST
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मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर) कैंसर के चलते जिंदगी की जंग हार गए सुरेंद्र कुमार की पत्नी राजेश्वरी के सामने अब बेटियों की परवरिश और उनके हाथ पीले करने की समस्या खड़ी हो गई है। राजेश्वरी सबकुछ गंवाकर भी पति की जान नहीं बचा सकीं।
गांव सैदापुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार खेतीबाड़ी करके परिवार की गुजर बसर कर रहे थे। करीब एक एकड़ जमीन के मालिक सुरेंद्र को दस महीना पहले गले में कैंसर होने का पता चला। डॉक्टरों को दिखाने पर उन्हें ऑप्रेेशन कराने की सलाह दी गई और दो लाख रुपये का खर्चा बताया गया। सुरेंद्र ने इलाज के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करने की काफी कोशिश की लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल सकी। तब उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी जोड़कर और नाते-रिश्तेदारों से उधार लेकर दो लाख रुपये का इंतजाम कर बरेली के एक अस्पताल में ऑप्रेशन करा लिया, लेकिन बीमारी से उन्हें पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी। तब से लगातार उनकी पत्नी पत्नी राजेश्वरी नाते-रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज करा रही थीं। उम्मीद थी कि सुरेंद्र के ठीक होने के बाद घर के हालात सुधर जाएंगे लेकिन सुरेंद्र जिंदगी की जंग हार गए। पति की मौत से राजेश्वरी बुरी तरह टूट गई हैं। अब उन्हें तीन बेटियों सोनम, सोनी, वैष्णो की परवरिश की चिंता खाए जा रही है।
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गांव सैदापुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार खेतीबाड़ी करके परिवार की गुजर बसर कर रहे थे। करीब एक एकड़ जमीन के मालिक सुरेंद्र को दस महीना पहले गले में कैंसर होने का पता चला। डॉक्टरों को दिखाने पर उन्हें ऑप्रेेशन कराने की सलाह दी गई और दो लाख रुपये का खर्चा बताया गया। सुरेंद्र ने इलाज के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करने की काफी कोशिश की लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल सकी। तब उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी जोड़कर और नाते-रिश्तेदारों से उधार लेकर दो लाख रुपये का इंतजाम कर बरेली के एक अस्पताल में ऑप्रेशन करा लिया, लेकिन बीमारी से उन्हें पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी। तब से लगातार उनकी पत्नी पत्नी राजेश्वरी नाते-रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज करा रही थीं। उम्मीद थी कि सुरेंद्र के ठीक होने के बाद घर के हालात सुधर जाएंगे लेकिन सुरेंद्र जिंदगी की जंग हार गए। पति की मौत से राजेश्वरी बुरी तरह टूट गई हैं। अब उन्हें तीन बेटियों सोनम, सोनी, वैष्णो की परवरिश की चिंता खाए जा रही है।
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