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18 घंटे तक बिजली संकट से भीषण गर्मी में बिलबिलाए लोग
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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी और उमस के दौरान महानगर का पावर नेटवर्क शनिवार रात से ओवरलोडिंग के शिकंजे में आ गया। रात करीब आठ बजे ककरा कलां में 250 केवी ट्रांसफार्मर के केबिल जल उठे। दो घंटे बाद यह फाल्ट ठीक होने पर ककरा कलां के 33 केवी उपकेंद्र से जुड़े आनंदपुरम फीडर की बिजली सप्लाई सामान्य भी नहीं हो पाई कि रात 11 बजे कनौजिया तिराहा मोड़ के पास 400 केवी के ट्रांसफार्मर में आग लग गई। क्षेत्रवासियों की सूचना पर जब तक लाइन बंद कर आग बुझाने के प्रयास होते, ट्रांसफार्मर जल चुका था। रविवार सुबह नया ट्रांसफार्मर लगाने से पहले मामूली बूंदाबांदी के बाद धूप खिली तो ट्रांसफार्मर बदलने का काम शुरू हुआ, लेकिन इस दौरान आनंदपुरम और सिंजई फीडरों से जुड़े करीब नौ हजार घरों के लोग18 घंटे तक गर्मी और उमस से बिलबिलाते रहे।
शनिवार शाम से बादल छाए होने के कारण जनजीवन गर्मी के साथ उमस से पहले से बेहाल था। ऐसे में लोगों की दिक्कतें उस वक्त बढ़ गईं, जब ककरा कलां में पानी की टंकी के पास रखे 11 केवी लाइन से जुड़ा ट्रांसफार्मर आग के गोले में बदल गया। तेज धमाके के साथ केबिल जोड़ में आग लगते ही आसपास के लोगों ने ककरा बिजली उपकेंद्र पर सूचना देकर समय रहते लाइन बंद करा दी। जानकारी पाकर प्रभारी अवर अभियंता मनीष प्रजापति ने लाइन स्टाफ को मौके पर भेजकर ट्रांसफार्मर से नए केबिल के कनेक्शन कराए। रात दस बजे से बिजली सप्लाई बहाल होने के बाद भी बार-बार जंपर उडने से बत्ती गुल होती रही।
ट्रिपिंग से परेशान होकर लोगों ने पंखे-कूलर का मोह त्याग छतों पर बिस्तर लगा लिए। बमुश्किल एक घंटा बीता होगा कि आनंदपुरम समेत सिंजई फीडर से जुड़े इलाके फिर अंधेरे मेें डूब गए। देर तक बिजली नहीं आने पर लोगों ने ककरा सब स्टेशन से संपर्क साधा तो पता चला कि कनौजिया अस्पताल के पीछे एक मैरिज लॉन के पास रखा ट्रांसफार्मर जल गया है। उस वक्त आग से हीटअप हो चुका ट्रांसफार्मर बदलना संभव नहीं हुआ। रात 12.30 बजे के बाद लाइन स्टाफ ने इस ट्रांसफार्मर को मेन नेटवर्क से अलग कर 11 केवी लाइन अब्दुल्लागंज उपकेंद्र की लाइन से जोड़ी, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह कारगर साबित नहीं हुई। सुबह दस बजे नया ट्रांसफार्मर मिलने पर उसे बदलने का काम शुरू हुआ। इस दौरान बिजली संकट से प्रभावित क्षेत्र के लोग गर्मी और उमस से खासे परेशान हुए।
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गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग बिजली का कनेक्शन पर स्वीकृत क्षमता से अधिक प्रयोग कर रहे हैं और इसीलिए ऐसे मौसम मेें ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। 400 केवी का ट्रांसफार्मर भारी होने के कारण साइट पर लाने और लगाने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन अब प्रभावित क्षेत्रों मेें बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।
-मनीष प्रजापति, प्रभारी जेई, पावर कॉरपोरेशन
आज तेज आंधी के साथ बारिश के आसार
रात में घने हुए बादल रविवार सुबह करीब आठ बजे बरसने को बेताब दिखे, लेकिन हल्की बूंदाबांदी के दौरान दस से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पुरवाई आधा घंटे बाद बादलों को तितर-बितर करने लगी। धूप निकलने पर बूंदाबांदी से बढ़ी आर्द्रता उमस में बदलकर लोगों को परेशान करने लगी। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बादलों की वजह से बीते दिन की तुलना में दिन और रात के तापमान में औसतन एक डिग्री सेल्सियस की कमी रिकार्ड की गई, लेकिन उमस बढने से लोगों को गर्मी से राहत महसूस नहीं हुई। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर बैरोमीटर की रीडिंग में एकाएक 40 मिलीबार की गिरावट सोमवार को तेज आंधी के साथ बारिश का संकेत दे रही है।
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शनिवार शाम से बादल छाए होने के कारण जनजीवन गर्मी के साथ उमस से पहले से बेहाल था। ऐसे में लोगों की दिक्कतें उस वक्त बढ़ गईं, जब ककरा कलां में पानी की टंकी के पास रखे 11 केवी लाइन से जुड़ा ट्रांसफार्मर आग के गोले में बदल गया। तेज धमाके के साथ केबिल जोड़ में आग लगते ही आसपास के लोगों ने ककरा बिजली उपकेंद्र पर सूचना देकर समय रहते लाइन बंद करा दी। जानकारी पाकर प्रभारी अवर अभियंता मनीष प्रजापति ने लाइन स्टाफ को मौके पर भेजकर ट्रांसफार्मर से नए केबिल के कनेक्शन कराए। रात दस बजे से बिजली सप्लाई बहाल होने के बाद भी बार-बार जंपर उडने से बत्ती गुल होती रही।
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ट्रिपिंग से परेशान होकर लोगों ने पंखे-कूलर का मोह त्याग छतों पर बिस्तर लगा लिए। बमुश्किल एक घंटा बीता होगा कि आनंदपुरम समेत सिंजई फीडर से जुड़े इलाके फिर अंधेरे मेें डूब गए। देर तक बिजली नहीं आने पर लोगों ने ककरा सब स्टेशन से संपर्क साधा तो पता चला कि कनौजिया अस्पताल के पीछे एक मैरिज लॉन के पास रखा ट्रांसफार्मर जल गया है। उस वक्त आग से हीटअप हो चुका ट्रांसफार्मर बदलना संभव नहीं हुआ। रात 12.30 बजे के बाद लाइन स्टाफ ने इस ट्रांसफार्मर को मेन नेटवर्क से अलग कर 11 केवी लाइन अब्दुल्लागंज उपकेंद्र की लाइन से जोड़ी, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह कारगर साबित नहीं हुई। सुबह दस बजे नया ट्रांसफार्मर मिलने पर उसे बदलने का काम शुरू हुआ। इस दौरान बिजली संकट से प्रभावित क्षेत्र के लोग गर्मी और उमस से खासे परेशान हुए।
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गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग बिजली का कनेक्शन पर स्वीकृत क्षमता से अधिक प्रयोग कर रहे हैं और इसीलिए ऐसे मौसम मेें ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। 400 केवी का ट्रांसफार्मर भारी होने के कारण साइट पर लाने और लगाने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन अब प्रभावित क्षेत्रों मेें बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।
-मनीष प्रजापति, प्रभारी जेई, पावर कॉरपोरेशन
आज तेज आंधी के साथ बारिश के आसार
रात में घने हुए बादल रविवार सुबह करीब आठ बजे बरसने को बेताब दिखे, लेकिन हल्की बूंदाबांदी के दौरान दस से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पुरवाई आधा घंटे बाद बादलों को तितर-बितर करने लगी। धूप निकलने पर बूंदाबांदी से बढ़ी आर्द्रता उमस में बदलकर लोगों को परेशान करने लगी। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बादलों की वजह से बीते दिन की तुलना में दिन और रात के तापमान में औसतन एक डिग्री सेल्सियस की कमी रिकार्ड की गई, लेकिन उमस बढने से लोगों को गर्मी से राहत महसूस नहीं हुई। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर बैरोमीटर की रीडिंग में एकाएक 40 मिलीबार की गिरावट सोमवार को तेज आंधी के साथ बारिश का संकेत दे रही है।