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भागवत कथा से दूर होता है अज्ञान रूपी अंधकार

Thu, 10 Aug 2017 05:23 PM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 05:23 PM IST
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भागवत कथा से दूर होता है अज्ञान रूपी अंधकार
पुवायां/जेंबा (शाहजहांपुर)। गांव मुड़िया कुर्मियात के प्रसिद्ध 52 दरवाजा मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा में व्यास मधुर महाराज और गांव बेला के मन कामेश्वरनाथ मंदिर पर आचार्य श्याम नरायन दीक्षित ने रामजन्म की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
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कथा व्यास मधुर महाराज ने कहा कि पापों से मुक्ति और बैकुंठ धाम प्राप्ति का कलियुग में श्रेष्ठ साधन भागवत कथा है। यह बात सूत जी ने शौनक मुनि को बताई थी। भागवत कथा सुनने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है। भागवत कथा अज्ञान रूपी अंधकार को दूर का ज्ञान रूपी प्रकाश देती है, जो तमाम लोगों को दुर्लभ है। कथा में पुष्करनाथ वर्मा, संतोष वर्मा, प्रमोद वर्मा, दशरथ वर्मा, दिलीप वर्मा, रमेश कुमार, कृपाराम, राजकुमार वर्मा सहित तमाम लोगों का सहयोग रहा।
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उधर, गांव बेला के मन कामेश्वरनाथ मंदिर पर आचार्य श्यामनरायन दीक्षित ने रामजन्म की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरा पर अत्याचार बढ़ता है। भगवान मनुज अवतार धारण कर आतताइयों का संहार कर भक्तों के दुख दूर करते हैं। रावण के अत्याचारों से मनुष्य ही नहीं जड़ तक त्रस्त थे। मुनियों को यज्ञ नहीं करने दिया जाता था। राक्षसों का सभी स्थानों पर वास हो गया था। रामचंद्र जी ने अवतार लेकर उन्हें मारकर समाज को भयमुक्त किया।
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