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आग से जलकर सगे भाइयों की मौत
Updated Fri, 23 Mar 2018 07:27 PM IST
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फोटो-24,गांव टाह खुर्द में जला उस्मान का घर
फोटो-25,उस्मान की पत्नी रूबी को अस्पताल ले जाते घर वाले
फोटो-26,मामा उस्मान के घर आग बुझाने में झुलसा मुशीर
आग से जलकर दो सगे मासूम भाइयों की मौत
मां सहित तीन लोग झुलसे, हालत गंभीर
शुक्रवार दोपहर लगी आग, घरेलू सामान, नकदी और जेवर भी जला
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार (शाहजहांपुर)।
गांव टाह खुर्द कलां में शुक्रवार दोपहर अचानक लगी आग से दो मासूम सगे भाइयों की जलकर मौत हो गई। जबकि बच्चों को बचाने के चक्कर में मृतकों की मां समेत तीन लोग झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टाह खुर्द कलां निवासी उस्मान परिवार के साथ छप्पर के मकान में रहकर गुजर करता है। शुक्रवार को उस्मान बाहर गया था। इस दौरान दोपहर में उसके छप्पर में अचानक आग लग गई। हवा चलने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने पर उस्मान की पत्नी 30 वर्षीय रूबी घर से जान बचा कर बाहर निकल गई। बाद में उसे अपने दो माह के पुत्र कामरान और पांच वर्ष के पुत्र रहमान की याद आई। उसके दोनों बेटे छप्पर में बैठे रह गए थे। इस पर रूबी फिर से घर के अंदर गई और रहमान को निकालने के प्रयास में गंभीर रूप से जल गई। कामरान को वह बाहर नहीं निकाल सकी उसकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
गांव के लोगों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग बुझाने के प्रयास में उस्मान के भांजे गांव टाह निवासी मुशीर और शराफत भी झुलस गए। घर में खड़ी एक बाइक सहित उस्मान के घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। गांव के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस और 108 सेवा पर दी। जिस पर बंडा, खुटार से कई एंबुलेंस मौके पर पहुंची और झुलसे लोगों को खुटार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण रूबी, उसके पुत्र रहमान, मुशीर और शराफत को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में रहमान ने भी दम तोड़ दिया। रूबी की हालत भी गंभीर है। घटना से उस्मान के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोग हादसे से बेहद दुखी हैं। एसडीएम मोइनुल इस्लाम, सीओ जितेंद्र सिंह ने राजस्वकर्मियों के साथ मौका मुआयना किया और लोगों से आग लगने के बारे में जानकारी ली।
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घर से बाहर होने के कारण बच गया उस्मान का बड़ा बेटा
खुटार। उसमान के मजदूरी पर जाने के बाद उसका बड़ा पुत्र आठ वर्षीय अरमान भी घर से खेलने चला गया। मां रूबी ने उसे मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना और गांव में चला गया। बाहर होने के कारण अरमान बच गया।
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बाइक तो नहीं बनी आग का कारण
खुटार। उस्मान के छप्पर में एक बाइक खड़ी थी। बाइक से कुछ दूर चूल्हे से खाना आदि बनाया जाता था। कुछ लोगों का अनुमान है कि खाना बनाते समय आग से बाइक में आग लग गई होगी। पेट्रोल के कारण आग तेजी से फैल गई, जिस कारण परिवार के लोगों को बचने का मौका नहीं मिल सका।
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नौकरी कर परिवार की गुजर करता है उस्मान
खुटार। उस्मान का एक मकान गांव में दूसरी जगह हैं, जहां उसकी मां रहती हैं। उस्मान मकान से दूर झोपड़ी डाल कर रहता था। उसके पास जमीन नहीं हैं। उस्मान लोगों के यहां मजदूरी कर परिवार की गुजर करता था। एक साथ दो बच्चों की मौत से उस्मान बेहद गमगीन है।
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बच्चों को बचाने के चक्कर में झुलस गई रूबी
जलती हुई आग के बीच से बड़े पुत्र को बचाया, लेकिन बाद में हो गई मौत
गांव के लोगों ने रूबी को आग में कूदने से बचाया
छोटे पुत्र को बचाने के लिए फिर जलती आग में घुसने का कर रही थी प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां।
मां तो आखिर मां होती है। वह अपने बच्चों को हर हाल में हर बला से बचाना चाहती है। गांव टाह खुर्द कलां में आग लगने पर रूबी ने अपने कलेजे के टुकड़ों को बचाने के चक्कर में अपनी जान की परवाह नहीं की। वह धू-धू कर जल रहे छप्पर से बच्चों को बाहर निकालने के लिए उसमें कूद पड़ी। नतीजतन वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसके दो बच्चों की भी जलकर मौत हो गई।
उस्मान के घर में जिस समय आग लगी उस समय वह कहीं गया हुआ था। शोर सुनकर जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तो उस्मान का घर धू-धू कर जल रहा था। रूबी घर के पास खड़ी आग में फंसे बच्चों को बचाने की गुहार लगा रही थी, लेकिन आग की तेज लपटों के कारण किसी की हिम्मत अंदर घुसने की नहीं हो रही थी। अचानक रूबी जलती लपटों के बीच कूद पड़ी। वह अंदर से बड़े पुत्र रहमान को उठा लाई। इस प्रयास में वह बुरी तरह से झुलस गई। आग और तेज हो गई। रूबी ने लोगों से फिर गुहार लगाई कि अंदर दो माह का बेटा कामरान रह गया है, लेकिन इस बीच आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया था। लोगों ने उसे शांत कराने का प्रयास किया। तमाम लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इस बीच मौका पाकर रूबी फिर जलते हुए छप्पर की ओर दौड़ पड़ी। तमाम लोगों से उसे पकड़ लिया और घर से दूर ले गए। रूबी रोते-रोते बेहोश हो गई। कुछ देर बाद आग बुझी तो अंदर कामरान का जला शव पड़ा मिला। आग नें उसे जिंदा ही जला दिया था।
रूबी ने खुद को आग की लपटों में झोंक कर जिस बड़े पुत्र को बचाने का प्रयास किया था, उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, अभी रूबी को बड़े पुत्र की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। रहमान की भी मौत हो जाने की सूचना गांव पहुंची तो तमाम लोगों की आंखें नम हो उठीं।
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उस्मान के परिवार को दी जाएगी मदद
उस्मान के परिवार को दैवीय आपदा योजना के तहत प्रति व्यक्ति की मौत पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं। उस्मान के परिवार को आठ लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। बर्तन आदि खरीदने के लिए 38 सौ रुपये अलग से दिए जाएंगे।
मोइनुल इस्लाम एसडीएम पुवायां
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फोटो-25,उस्मान की पत्नी रूबी को अस्पताल ले जाते घर वाले
फोटो-26,मामा उस्मान के घर आग बुझाने में झुलसा मुशीर
आग से जलकर दो सगे मासूम भाइयों की मौत
मां सहित तीन लोग झुलसे, हालत गंभीर
शुक्रवार दोपहर लगी आग, घरेलू सामान, नकदी और जेवर भी जला
अमर उजाला ब्यूरो
खुटार (शाहजहांपुर)।
गांव टाह खुर्द कलां में शुक्रवार दोपहर अचानक लगी आग से दो मासूम सगे भाइयों की जलकर मौत हो गई। जबकि बच्चों को बचाने के चक्कर में मृतकों की मां समेत तीन लोग झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टाह खुर्द कलां निवासी उस्मान परिवार के साथ छप्पर के मकान में रहकर गुजर करता है। शुक्रवार को उस्मान बाहर गया था। इस दौरान दोपहर में उसके छप्पर में अचानक आग लग गई। हवा चलने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने पर उस्मान की पत्नी 30 वर्षीय रूबी घर से जान बचा कर बाहर निकल गई। बाद में उसे अपने दो माह के पुत्र कामरान और पांच वर्ष के पुत्र रहमान की याद आई। उसके दोनों बेटे छप्पर में बैठे रह गए थे। इस पर रूबी फिर से घर के अंदर गई और रहमान को निकालने के प्रयास में गंभीर रूप से जल गई। कामरान को वह बाहर नहीं निकाल सकी उसकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
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घर से बाहर होने के कारण बच गया उस्मान का बड़ा बेटा
खुटार। उसमान के मजदूरी पर जाने के बाद उसका बड़ा पुत्र आठ वर्षीय अरमान भी घर से खेलने चला गया। मां रूबी ने उसे मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना और गांव में चला गया। बाहर होने के कारण अरमान बच गया।
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बाइक तो नहीं बनी आग का कारण
खुटार। उस्मान के छप्पर में एक बाइक खड़ी थी। बाइक से कुछ दूर चूल्हे से खाना आदि बनाया जाता था। कुछ लोगों का अनुमान है कि खाना बनाते समय आग से बाइक में आग लग गई होगी। पेट्रोल के कारण आग तेजी से फैल गई, जिस कारण परिवार के लोगों को बचने का मौका नहीं मिल सका।
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नौकरी कर परिवार की गुजर करता है उस्मान
खुटार। उस्मान का एक मकान गांव में दूसरी जगह हैं, जहां उसकी मां रहती हैं। उस्मान मकान से दूर झोपड़ी डाल कर रहता था। उसके पास जमीन नहीं हैं। उस्मान लोगों के यहां मजदूरी कर परिवार की गुजर करता था। एक साथ दो बच्चों की मौत से उस्मान बेहद गमगीन है।
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बच्चों को बचाने के चक्कर में झुलस गई रूबी
जलती हुई आग के बीच से बड़े पुत्र को बचाया, लेकिन बाद में हो गई मौत
गांव के लोगों ने रूबी को आग में कूदने से बचाया
छोटे पुत्र को बचाने के लिए फिर जलती आग में घुसने का कर रही थी प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां।
मां तो आखिर मां होती है। वह अपने बच्चों को हर हाल में हर बला से बचाना चाहती है। गांव टाह खुर्द कलां में आग लगने पर रूबी ने अपने कलेजे के टुकड़ों को बचाने के चक्कर में अपनी जान की परवाह नहीं की। वह धू-धू कर जल रहे छप्पर से बच्चों को बाहर निकालने के लिए उसमें कूद पड़ी। नतीजतन वह गंभीर रूप से झुलस गई। उसके दो बच्चों की भी जलकर मौत हो गई।
उस्मान के घर में जिस समय आग लगी उस समय वह कहीं गया हुआ था। शोर सुनकर जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तो उस्मान का घर धू-धू कर जल रहा था। रूबी घर के पास खड़ी आग में फंसे बच्चों को बचाने की गुहार लगा रही थी, लेकिन आग की तेज लपटों के कारण किसी की हिम्मत अंदर घुसने की नहीं हो रही थी। अचानक रूबी जलती लपटों के बीच कूद पड़ी। वह अंदर से बड़े पुत्र रहमान को उठा लाई। इस प्रयास में वह बुरी तरह से झुलस गई। आग और तेज हो गई। रूबी ने लोगों से फिर गुहार लगाई कि अंदर दो माह का बेटा कामरान रह गया है, लेकिन इस बीच आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया था। लोगों ने उसे शांत कराने का प्रयास किया। तमाम लोग आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इस बीच मौका पाकर रूबी फिर जलते हुए छप्पर की ओर दौड़ पड़ी। तमाम लोगों से उसे पकड़ लिया और घर से दूर ले गए। रूबी रोते-रोते बेहोश हो गई। कुछ देर बाद आग बुझी तो अंदर कामरान का जला शव पड़ा मिला। आग नें उसे जिंदा ही जला दिया था।
रूबी ने खुद को आग की लपटों में झोंक कर जिस बड़े पुत्र को बचाने का प्रयास किया था, उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, अभी रूबी को बड़े पुत्र की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। रहमान की भी मौत हो जाने की सूचना गांव पहुंची तो तमाम लोगों की आंखें नम हो उठीं।
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उस्मान के परिवार को दी जाएगी मदद
उस्मान के परिवार को दैवीय आपदा योजना के तहत प्रति व्यक्ति की मौत पर चार लाख रुपये दिए जाते हैं। उस्मान के परिवार को आठ लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। बर्तन आदि खरीदने के लिए 38 सौ रुपये अलग से दिए जाएंगे।
मोइनुल इस्लाम एसडीएम पुवायां