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पीओएस मशीन में खराबी पर भड़के उर्वरक विक्रेता
Updated Tue, 06 Jun 2017 06:03 PM IST
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शाहजहांपुर। उर्वरकों की अधिक मूल्य पर बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने के मकसद से थोक एवं फुटकर प्रतिष्ठानों पर अनिवार्य की गईं प्वॉइंट ऑफ सेल मशीनों की तकनीकी गड़बड़ी को लेकर जिले के उर्वरक विक्रेेता मंगलवार को भड़क उठे। उन्होंने लोधीपुर के गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र में पीओएस की खराबी को मुद्दा बनाकर मंगलवार को प्रदर्शन कर मशीनों के वितरण कार्य का बहिष्कार किया। व्यापारियों के विरोध के चलते निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि को मशीनों का वितरण कार्य रोकना पड़ा।
बता दें कि केंद्र सरकार ने मोबाइल फर्टिलाइजर मैसेजिंग सर्विस के तहत कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को डीबीटी के जरिये उर्वरकों की सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजने और बाजार मेें उर्वरकों की निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने पर रोक लगाने के लिए सभी विक्रेता प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीनें लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कारपोेरेशन ने कृषि विभाग को 717 मशीनेें मुहैया कराई हैं।
जीएसएफसी के प्रतिनिधियों ने यहां आकर विक्रेेताओं को 18 हजार रुपये जमा कराकर मशीनों का वितरण भी शुरू कराया। इधर, मशीन से जुड़ी भ्रांतियों और अन्य व्यवहारिक समस्याओं को लेकर जिला फर्टिलाइजर सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बीते दिन जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के नेतृत्व में बीते दिन कृषि उप निदेशक कार्यालय में खासा हंगामा किया।
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उर्वरक विक्रेताओं ने मशीन पर गारंटी और वारंटी के साथ सर्विस स्टेशन की मांग की। जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी ने व्यापारियों को पीओएस मशीन के बहाने किसी तरह का शोषण होने देने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया। बाद में करीब 50 मशीनों का वितरण भी हुआ, लेकिन दुकानों पर विक्रेताओं ने उन्हें चलाने का प्रयास किया तो तकनीकी दिक्कतों केचलते कई मशीनें चालू होे नहीं पाईं। इससे विक्रेताआें का गुस्सा फिर से भड़क उठा। उन्होंने जिलाध्यक्ष समेत उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम के साथ गन्ना किसान संस्थान जाकर वहां के सभागार में मशीनें वितरित करा रहे विभाग और निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने जमकर नारेबाजी की। साथ ही कंपनी के टेक्नीशियन बुलाकर सभी मशीनेें चालू हालत में लाए जाने की मांग की। विक्रेताओं के तीखे तेवर देख कंपनी के प्रतिनिधि राकेश कुमार के अनुसार तकनीकी टीम के आने तक मशीनों का वितरण रोक दिया गया है।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने मोबाइल फर्टिलाइजर मैसेजिंग सर्विस के तहत कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को डीबीटी के जरिये उर्वरकों की सब्सिडी उनके बैंक खातों में भेजने और बाजार मेें उर्वरकों की निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने पर रोक लगाने के लिए सभी विक्रेता प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीनें लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कारपोेरेशन ने कृषि विभाग को 717 मशीनेें मुहैया कराई हैं।
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जीएसएफसी के प्रतिनिधियों ने यहां आकर विक्रेेताओं को 18 हजार रुपये जमा कराकर मशीनों का वितरण भी शुरू कराया। इधर, मशीन से जुड़ी भ्रांतियों और अन्य व्यवहारिक समस्याओं को लेकर जिला फर्टिलाइजर सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बीते दिन जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के नेतृत्व में बीते दिन कृषि उप निदेशक कार्यालय में खासा हंगामा किया।
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उर्वरक विक्रेताओं ने मशीन पर गारंटी और वारंटी के साथ सर्विस स्टेशन की मांग की। जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी ने व्यापारियों को पीओएस मशीन के बहाने किसी तरह का शोषण होने देने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया। बाद में करीब 50 मशीनों का वितरण भी हुआ, लेकिन दुकानों पर विक्रेताओं ने उन्हें चलाने का प्रयास किया तो तकनीकी दिक्कतों केचलते कई मशीनें चालू होे नहीं पाईं। इससे विक्रेताआें का गुस्सा फिर से भड़क उठा। उन्होंने जिलाध्यक्ष समेत उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम के साथ गन्ना किसान संस्थान जाकर वहां के सभागार में मशीनें वितरित करा रहे विभाग और निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने जमकर नारेबाजी की। साथ ही कंपनी के टेक्नीशियन बुलाकर सभी मशीनेें चालू हालत में लाए जाने की मांग की। विक्रेताओं के तीखे तेवर देख कंपनी के प्रतिनिधि राकेश कुमार के अनुसार तकनीकी टीम के आने तक मशीनों का वितरण रोक दिया गया है।