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हत्या के मामले मे दो सगे भाइयों को उम्र कैद
शाहजहांपुर
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:06 AM IST
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शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने हत्या के एक मामले में दो सगे भाइयों पर आरोप साबित होने पर आजीवन कारावास की सजा व एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव दमगड़ा में वर्ष 2014 में हुई हत्या के एक मामले में अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव दमगड़ा निवासी वादी कड्डे लाल कश्यप के भाई राजेंद्र कश्यप तीन अगस्त 2014 को बुधवाना की बाजार से लौटते समय जैतीपुर क्षेत्र के गांव कोटा चले गए। वहां राजेंद्र की गांव के सन्ने उर्फ सरने उर्फ सन्नू से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों लोग गांव दमगड़ा लौट रहे थे। रास्ते में रामलाल के खेत के पास सन्नू ने राजेंद्र पर लोहे की सरिया से हमला बोल दिया। इससे राजेंद्र की मौत हो गई। मृतक के भाई कड्डेलाल कश्यप की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सन्नू और उसके भाई श्रीराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक ने दोनों भाइयों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिला किया। अदालत में सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से छह गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सन्ने उर्फ सरनू उर्फ सन्नू व श्रीराम (दोनों सगे भाइयों) को हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये मृतक राजेंद्र के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है।
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थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव दमगड़ा में वर्ष 2014 में हुई हत्या के एक मामले में अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव दमगड़ा निवासी वादी कड्डे लाल कश्यप के भाई राजेंद्र कश्यप तीन अगस्त 2014 को बुधवाना की बाजार से लौटते समय जैतीपुर क्षेत्र के गांव कोटा चले गए। वहां राजेंद्र की गांव के सन्ने उर्फ सरने उर्फ सन्नू से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों लोग गांव दमगड़ा लौट रहे थे। रास्ते में रामलाल के खेत के पास सन्नू ने राजेंद्र पर लोहे की सरिया से हमला बोल दिया। इससे राजेंद्र की मौत हो गई। मृतक के भाई कड्डेलाल कश्यप की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सन्नू और उसके भाई श्रीराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक ने दोनों भाइयों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिला किया। अदालत में सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से छह गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सन्ने उर्फ सरनू उर्फ सन्नू व श्रीराम (दोनों सगे भाइयों) को हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये मृतक राजेंद्र के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है।
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