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Shahjahanpur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,39,518 वादों का निस्तारण
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कचहरी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मौजूद वादकारी। संवाद
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को विभिन्न प्रकृति के कुल 1,39,518 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान विभिन्न न्यायालयों में दशकों पुराने वाद भी निस्तारित किए गए।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की अध्यक्षता और जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विष्णु कुमार शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने लोक अदालत का महत्व समझाते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत दीवानी, आपराधिक और पारिवारिक विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है। इससे सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा मिलता है। इससे पारंपरिक अदालतों पर दबाव कम करने और त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय प्रदान करने में लोक अदालत की भूमिका स्पष्ट होती है।
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उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ओम प्रकाश मिश्र-तृतीय ने किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को अधिकाधिक वादों के निस्तारण के लिए प्रोत्साहित किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव अवधेश तोमर ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत किया। साथ ही उन्हें कचहरी परिसर की समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
न्यायालय परिसर में जिला कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित व राजकीय बालगृह (शिशु एवं बालक) के बालकों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने उत्पादों की सराहना की।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन कुल आठ पुराने वादों का निस्तारण किया गया। प्राचीनतम श्रेणी के वादों में अपर सिविल जज सीडि / एसीजेएम कक्ष संख्या 20 अवंतिका प्रभाकर ने 32 वर्ष पुराने तीन वाद, वर्ष 1996 का एक वाद, सिविल जज जूडि कोर्ट संख्या 18 हिना कौसर ने 2012 के एक वाद, सिविल जज जूडि तिलहर सुमित गुप्ता प्रथम ने पांच वर्ष पुराने तीन वादों का निस्तारण किया।
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने तीन फौजदारी वादों का निस्तारण किया। अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी वाद निस्तारित किए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ओम प्रकाश मिश्र-तृतीय ने बताया कि विभिन्न प्रकृति के कुल 139518 वादों का निस्तारण हुआ। इसमें विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन कुल 12336 वादों के निस्तारण के साथ 6,71,78,184 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न राजस्व न्यायालयों के 120783 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की अध्यक्षता और जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विष्णु कुमार शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
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प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने लोक अदालत का महत्व समझाते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत दीवानी, आपराधिक और पारिवारिक विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती है। इससे सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा मिलता है। इससे पारंपरिक अदालतों पर दबाव कम करने और त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय प्रदान करने में लोक अदालत की भूमिका स्पष्ट होती है।
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उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ओम प्रकाश मिश्र-तृतीय ने किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को अधिकाधिक वादों के निस्तारण के लिए प्रोत्साहित किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के महासचिव अवधेश तोमर ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत किया। साथ ही उन्हें कचहरी परिसर की समस्याओं के बारे में अवगत कराया।
न्यायालय परिसर में जिला कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित व राजकीय बालगृह (शिशु एवं बालक) के बालकों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने उत्पादों की सराहना की।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन कुल आठ पुराने वादों का निस्तारण किया गया। प्राचीनतम श्रेणी के वादों में अपर सिविल जज सीडि / एसीजेएम कक्ष संख्या 20 अवंतिका प्रभाकर ने 32 वर्ष पुराने तीन वाद, वर्ष 1996 का एक वाद, सिविल जज जूडि कोर्ट संख्या 18 हिना कौसर ने 2012 के एक वाद, सिविल जज जूडि तिलहर सुमित गुप्ता प्रथम ने पांच वर्ष पुराने तीन वादों का निस्तारण किया।
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने तीन फौजदारी वादों का निस्तारण किया। अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी वाद निस्तारित किए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ओम प्रकाश मिश्र-तृतीय ने बताया कि विभिन्न प्रकृति के कुल 139518 वादों का निस्तारण हुआ। इसमें विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन कुल 12336 वादों के निस्तारण के साथ 6,71,78,184 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न राजस्व न्यायालयों के 120783 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया।

कचहरी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मौजूद वादकारी। संवाद