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बगैर हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग में गंवाई जान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Mon, 29 Oct 2018 06:48 PM IST
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ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट बाइक पर सफर करना एक ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। एक ग्रामीण की जान चली गई, जबकि दो लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बड़ेपुर निवासी 35 वर्षीय परिमाल अपने छोटे भाई 32 वर्षीय प्रमोद व साथी 35 वर्षीय सुनील कुमार के साथ रविवार देर शाम एक बाइक पर बैठकर पुवायां के गांव महुरैना स्थित चाचा गुरुदयाल के घर मेहमानी में जा रहे थे। रात लगभग नौ बजे बाइक थाना निगोही क्षेत्र के गांव बिरासिन के पास पहुंची, तभी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई। ट्रिपल राइड़िंग के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई। इससे तीनों घायल हो गए। पुलिस ने पहले तो घायलों को सीएचसी पहुंचाया लेकिन यहां हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां देर रात परिमाल ने दम तोड़ दिया, जबकि उसके भाई और दोस्त का इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार हेलमेट भी नहीं लगाए थे। पुलिस व लोगों का मानना है कि यदि तीनों लोग एक ही बाइक पर नहीं होते और हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच सकती थी। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी परिमाल पर भारी पड़ गई। परिमाल की मौत से पत्नी ऊषा का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके सामने चार बच्चों रजनीश, अवनीश, पूनम, कल्लो की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले आ गई है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है।
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थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बड़ेपुर निवासी 35 वर्षीय परिमाल अपने छोटे भाई 32 वर्षीय प्रमोद व साथी 35 वर्षीय सुनील कुमार के साथ रविवार देर शाम एक बाइक पर बैठकर पुवायां के गांव महुरैना स्थित चाचा गुरुदयाल के घर मेहमानी में जा रहे थे। रात लगभग नौ बजे बाइक थाना निगोही क्षेत्र के गांव बिरासिन के पास पहुंची, तभी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई। ट्रिपल राइड़िंग के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई। इससे तीनों घायल हो गए। पुलिस ने पहले तो घायलों को सीएचसी पहुंचाया लेकिन यहां हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां देर रात परिमाल ने दम तोड़ दिया, जबकि उसके भाई और दोस्त का इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार हेलमेट भी नहीं लगाए थे। पुलिस व लोगों का मानना है कि यदि तीनों लोग एक ही बाइक पर नहीं होते और हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच सकती थी। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी परिमाल पर भारी पड़ गई। परिमाल की मौत से पत्नी ऊषा का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके सामने चार बच्चों रजनीश, अवनीश, पूनम, कल्लो की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले आ गई है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है।