{"_id":"5bb26313867a554f192abe82","slug":"11538417427-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ अभियान: 272 गांवों की राह का रोड़ा बने 15 हजार शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ अभियान: 272 गांवों की राह का रोड़ा बने 15 हजार शौचालय
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
लीड........
ओडीएफ अभियान: 272 गांवों की राह का रोड़ा बने 15 हजार शौचालय
0 1812 के सापेक्ष खुले में शौचमुक्त घोषित हो सके सिर्फ 1540 गांव
0 अवशेष शौचालयों के निर्माण को डीएम ने दी दस दिन की मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत शत प्रतिशत शौचालय निर्मित कर सभी गांवों को ओडीएफ श्रेणी में लाने की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो रही है, लेकिन कार्यगत शिथिलता के कारण करीब 15000 अपूर्ण शौचालय 272 गांवों को ओडीएफ बनाने की राह में रोड़ा बन गए। यह अलग बात है कि प्रदेश सरकार ने गांधी जयंती पर सूबे को खुले में शौचमुक्त घोषित करने का इरादा टाल दिया है, लेकिन प्रशासन ने शेष शौचालयों का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने को कमर कस ली है। डीएम अमृत त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें इस कार्य को पूरा करने को दस दिन की मोहलत दी है।
विभिन्न विकास खंडों की सभी 1077 ग्राम पंचायतों में अभी तक 1540 राजस्व गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय बनाए जा सके जबकि 1812 राजस्व ग्रामों को ओडीएफ श्रेणी में लाया जाना है और इसके लिए सिर्फ सात दिन शेष बचे हैं। जिले में 2.60 लाख शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन बमुश्किल 2.45 शौचालय बनाए जा सके। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड के दौरे में शौचालयों का सत्यापन करने के साथ विभागीय दायित्व भी निभाएं।
लाभार्थियों ने अन्य मदों में खर्च की शौचालय की धनराशि
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन लाभार्थियों को शौचालय दिए गए, उनमें शौच के लिए खुले स्थानों पर जाने की प्रवृत्ति बरकरार रही। जांच में कई ऐसे पात्र लाभार्थी भी पाए गए, जिन्होंने शौचालय के लिए स्वीकृत धनराशि बैंक से आहरित करने के बाद अन्य घरेलू कामों पर खर्च कर डाली। शुरुआत में स्वीकृत बजट की धनराशि मिलने में हुई देरी और बीते दो वर्ष में पंचायत राज विभाग में कई डीपीआरओ बदलने से विभाग में उत्पन्न कार्यगत अस्थिरता से भी शौचालयों के निर्माण में बाधाएं पड़ीं।
विज्ञापन
-----------
लाभार्थियों को शौचालय जल्द बनाने को प्रेरित करने के लिए डीएम के स्तर से विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की पर्यवेक्षणीय ड्यूटी लगा दी गई हैं। एक-दो दिन के अंदर शौचालय निर्माण लक्ष्य पूरा हो जाने की पूरी आशा है।
-अरविंद कुमार जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
ओडीएफ अभियान: 272 गांवों की राह का रोड़ा बने 15 हजार शौचालय
0 1812 के सापेक्ष खुले में शौचमुक्त घोषित हो सके सिर्फ 1540 गांव
0 अवशेष शौचालयों के निर्माण को डीएम ने दी दस दिन की मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत शत प्रतिशत शौचालय निर्मित कर सभी गांवों को ओडीएफ श्रेणी में लाने की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो रही है, लेकिन कार्यगत शिथिलता के कारण करीब 15000 अपूर्ण शौचालय 272 गांवों को ओडीएफ बनाने की राह में रोड़ा बन गए। यह अलग बात है कि प्रदेश सरकार ने गांधी जयंती पर सूबे को खुले में शौचमुक्त घोषित करने का इरादा टाल दिया है, लेकिन प्रशासन ने शेष शौचालयों का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने को कमर कस ली है। डीएम अमृत त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें इस कार्य को पूरा करने को दस दिन की मोहलत दी है।
विभिन्न विकास खंडों की सभी 1077 ग्राम पंचायतों में अभी तक 1540 राजस्व गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय बनाए जा सके जबकि 1812 राजस्व ग्रामों को ओडीएफ श्रेणी में लाया जाना है और इसके लिए सिर्फ सात दिन शेष बचे हैं। जिले में 2.60 लाख शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन बमुश्किल 2.45 शौचालय बनाए जा सके। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड के दौरे में शौचालयों का सत्यापन करने के साथ विभागीय दायित्व भी निभाएं।
विज्ञापन
लाभार्थियों ने अन्य मदों में खर्च की शौचालय की धनराशि
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन लाभार्थियों को शौचालय दिए गए, उनमें शौच के लिए खुले स्थानों पर जाने की प्रवृत्ति बरकरार रही। जांच में कई ऐसे पात्र लाभार्थी भी पाए गए, जिन्होंने शौचालय के लिए स्वीकृत धनराशि बैंक से आहरित करने के बाद अन्य घरेलू कामों पर खर्च कर डाली। शुरुआत में स्वीकृत बजट की धनराशि मिलने में हुई देरी और बीते दो वर्ष में पंचायत राज विभाग में कई डीपीआरओ बदलने से विभाग में उत्पन्न कार्यगत अस्थिरता से भी शौचालयों के निर्माण में बाधाएं पड़ीं।
विज्ञापन
-----------
लाभार्थियों को शौचालय जल्द बनाने को प्रेरित करने के लिए डीएम के स्तर से विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की पर्यवेक्षणीय ड्यूटी लगा दी गई हैं। एक-दो दिन के अंदर शौचालय निर्माण लक्ष्य पूरा हो जाने की पूरी आशा है।
-अरविंद कुमार जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी