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Shahjahanpur News: वेतन न मिलने पर हड़ताल पर गए 115 डॉक्टर, भटके मरीज

Thu, 16 Mar 2023 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:38 AM IST
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115 doctors went on strike due to non-payment of salary, patients went astray
(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद
सीएमएस और प्राचार्य के आफिस के सामने दिया धरना, कई बार सीएमएस से नोकझोंक हुई, इमरजेंसी सेवाएं रहीं चालू
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- राजकीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक बोले- कई बार कर चुके हैं प्रबंधन से वार्ता पर कोई सुनवाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर और सीनियर डॉक्टरों ने वेतन न मिलने की वजह से हड़ताल शुरू कर दी। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मरीज दिन भर ओपीडी में इलाज के लिए भटकते रहे। डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस और प्राचार्य के आफिस के सामने धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सीएमएस और डॉक्टरों के बीच नोकझोंक भी हुई।
मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर और सीनियर 115 डॉक्टरों को काफी समय से वेतन नहीं मिला है। किसी को नौ महीने तो किसी को सात व किसी को छह माह से वेतन नहीं दिया गया है। वेतन दिलाए जाने की मांग डॉक्टर काफी समय से कर रहे हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को कई बार लिखित में पत्र देकर वेतन दिलाए जाने की मांग उठाई तो उनको हर बार आश्वासन देकर शांत कर दिया गया।
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बुधवार को भी जूनियर और सीनियर डॉक्टर अचानक हड़ताल पर चले गए। सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही उन्होंने चालू रखी, बाकी ओपीडी खाली रही। डॉक्टर पहले सीएमएस फिर प्राचार्य के कक्ष के बाहर भी बैठकर विरोध जताते रहे। इस दौरान ओपीडी में रोजाना की तरह पहुंचे करीब दो से तीन हजार मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
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वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर डॉक्टरों का बकाया है पांच करोड़ रुपये
राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के वेतन का पांच करोड़ रुपये बकाया है। इधर, वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है ऐसे में वेतन के लिए बजट न मिलने से डॉक्टर ज्यादा आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि इसी वित्तीय वर्ष में उनको वेतन नहीं दिया जा रहा है तो अगले वित्तीय वर्ष तक यह धनराशि काफी ज्यादा हो जाएगी।

समस्या की कहानी मरीजों की जुबानी
फोटो 15 बीडीएन- 28
- मेडिकल कॉलेज में इलाज मिलने की उम्मीद से आए थे। घंटों लाइन में लगे रहे इसके बाद पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है और दवा नहीं मिल पाएगी।
- शाहिद हुसैन, निवासी अल्लाहपुर भोगी

- मेडिकल कॉलेज में अच्छा इलाज मिलने की उम्मीद से आए थे। पहले पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगे रहे बाद में ओपीडी में खड़े रहे। इसके बाद भी दवा नहीं मिली।
- संजू, निवासी बिल्सी

- राजकीय मेडिकल कॉलेज का हाल खराब है यह सुना तो आज दवा लेने आए तो पता भी चल गया। दवाई मिलने के इंतजार में पांच घंटे लाइन में लगे रहे इसके बाद भी दवाई नहीं मिल सकी।
- रामसेवक, निवासी खिरिया बाकरपुर

- हमें रिश्तेदारों ने सलाह दी थी कि मेडिकल कॉलेज में दवा लेने जाना। उनकी सलाह पर हम यहां आए, लेकिन काफी देर से भटक रहे हैं इसके बाद भी दवाई नहीं मिल पाई है।
- सीमा सक्सेना, निवासी उझानी


शासन से जैसे-जैसे बजट मिलता रहा उस हिसाब से डॉक्टरों को वेतन जारी किया गया था। अब डॉक्टरों के वेतन के लिए पांच करोड़ रुपये की आवश्यकता है। हमने लखनऊ बात की है एक-दो दिन में ही बजट मिल जाएगा, इसके बाद सभी का वेतन जारी कर दिया जाएगा। डॉक्टरों को समझाया जा रहा है कि वह मानवता के नाते मरीजों को देखते रहें। जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। प्रमुुख सचिव से हमने बात करके समस्या बता दी है।

- डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

(15 बीडीएन-26)मेडीकल कॉलेज में हड़ताल करते डॉक्टर।संवाद

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