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गंगा-रामगंगा समेत गर्रा में फिर बढ़ा उफान, बाढ़ से घिरे ग्रामीण
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:32 PM IST
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गंगा-रामगंगा समेत गर्रा में उफान, बाढ़ से घिरे ग्रामीण
0 48 घंटे के दौरान रामगंगा 78 सेमी और गर्रा 70 सेमी उफनाई
फोटो-31,32 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश और बैराजोें से रिलीज पानी में भारी बढ़ोतरी हो जाने से जलालाबाद व कलान तहसील के कटरी क्षेत्र में गंगा-रामगंगा समेत गर्रा नदी में रविवार को भी उफान जारी रहा। कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा बीते 24 घंटे के मुकाबले 15 सेमी बढ़कर 142.95 मीटर पर पहुंच गई जबकि रामगंगा के जल स्तर में 68 सेमी की बढ़ोतरी हो गई। दो दिन में रामगंगा 78 सेमी और गर्रा 70 सेमी बढ़ चुकी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह नरौरा बैराज से 162999 क्यूसेक और अन्य बैराजों से 108684 क्यूसेक पानी बहाए जाने की सूचना से माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे केे दौरान गंगा-रामगंगा के दो दर्जन तटवर्ती गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। उधर, गर्रा में पानी बढ़ने से सदर और तिलहर तहसील के गांवों पर भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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मिर्जापुर क्षेत्र मेें गंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरे कई गांव
मिर्जापुर क्षेत्र में कई गांवों तक गंगा की बाढ़ का पानी दस्तक देने लगा है। बाढ़ का पानी जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर चौंरा गांव के निकट रोड पर बह रहा है। यही नहीं, गंगा की बाढ़ से ग्राम आजादनगर, चौंरा, इस्लामनगर और रामगंगा से ग्राम बीघापुर चौतरफा घिर गए हैं। अधिकारियों ने बाढ़ से घिरे गांवों के पीड़ितों को अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं पहुंचाई है। प्रधान फारुख अली और समाजसेवी रिजवान अहमद अपने स्तर से बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे हैं। बाढ़ से घिरे गांवों के बाशिंदों ने डीएम से नाव की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है। उधर, रामगंगा मई खुर्दकलां में कटान करती हुई श्यामपाल, विश्राम, रामाधीन, रामऔतार आदि के घरों की ओर बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी बंबू क्रेट में बालू और ईंट के टुकड़े भरी बोरियां लगाकर भूकटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ से हरिहरपुर में सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए बनाई गईं कच्ची ठोकरें नदी में समा गई हैं। गांव के लोग भयभीत हैं क्योंकि इस गंाव मे सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य भी बंद कर दिया है।
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मोहनपुर और बिचपुरी पर गहराया रामगंगा का खतरा
रामगंगा उफनाने के साथ कई गांवों मेें भूमि कटान तेज हो गया है। रामगंगा परौर के मजरा मोहनपुर व बिचपुरी गांव समेत परौर के ऐतिहासिक राजमहल राजा नरायन सिंह के किले को निशाना बनाए है। सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोकने के प्रयास दिखावा साबित हो रहे हैं। कटान से परौर व मजरों की दूरी बमुश्किल 50 मीटर रह गई है। प्रभावित गांवों के मदनपाल सिंह, भाग सिंह, अजयपाल सिंह, राजीव सिंह चौहान, दिनेश सिंह आदि ने कटान रोकने के ठोस प्रयास किए जाने की मांग की है।
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खुदागंज क्षेत्र में गांवों के नजदीक पहुंचा गर्रा का पानी
गर्रा नदी में दोबारा बाढ़ आने से दर्जनों गांवों को फिर खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्र के ग्राम जमीलापुर, पुन्नापुर, रामेश्वरगंज, पहाड़ीपुर भोपत, मुतिया देहात माली आदि गांवों के किनारे में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत हैं। बाढ़ चौकियां पूरी तरह निष्क्रिय हैं। राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंचा हैं। बाढ़ से दहशतजदा तमाम ग्रामीणों ने अपने घरों को खाली करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने भी नदी के किनारे ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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0 48 घंटे के दौरान रामगंगा 78 सेमी और गर्रा 70 सेमी उफनाई
फोटो-31,32 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश और बैराजोें से रिलीज पानी में भारी बढ़ोतरी हो जाने से जलालाबाद व कलान तहसील के कटरी क्षेत्र में गंगा-रामगंगा समेत गर्रा नदी में रविवार को भी उफान जारी रहा। कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा बीते 24 घंटे के मुकाबले 15 सेमी बढ़कर 142.95 मीटर पर पहुंच गई जबकि रामगंगा के जल स्तर में 68 सेमी की बढ़ोतरी हो गई। दो दिन में रामगंगा 78 सेमी और गर्रा 70 सेमी बढ़ चुकी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह नरौरा बैराज से 162999 क्यूसेक और अन्य बैराजों से 108684 क्यूसेक पानी बहाए जाने की सूचना से माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे केे दौरान गंगा-रामगंगा के दो दर्जन तटवर्ती गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। उधर, गर्रा में पानी बढ़ने से सदर और तिलहर तहसील के गांवों पर भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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मिर्जापुर क्षेत्र मेें गंगा की बाढ़ से चौतरफा घिरे कई गांव
मिर्जापुर क्षेत्र में कई गांवों तक गंगा की बाढ़ का पानी दस्तक देने लगा है। बाढ़ का पानी जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर चौंरा गांव के निकट रोड पर बह रहा है। यही नहीं, गंगा की बाढ़ से ग्राम आजादनगर, चौंरा, इस्लामनगर और रामगंगा से ग्राम बीघापुर चौतरफा घिर गए हैं। अधिकारियों ने बाढ़ से घिरे गांवों के पीड़ितों को अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं पहुंचाई है। प्रधान फारुख अली और समाजसेवी रिजवान अहमद अपने स्तर से बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुटे हैं। बाढ़ से घिरे गांवों के बाशिंदों ने डीएम से नाव की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है। उधर, रामगंगा मई खुर्दकलां में कटान करती हुई श्यामपाल, विश्राम, रामाधीन, रामऔतार आदि के घरों की ओर बढ़ रही है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी बंबू क्रेट में बालू और ईंट के टुकड़े भरी बोरियां लगाकर भूकटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ से हरिहरपुर में सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए बनाई गईं कच्ची ठोकरें नदी में समा गई हैं। गांव के लोग भयभीत हैं क्योंकि इस गंाव मे सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य भी बंद कर दिया है।
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मोहनपुर और बिचपुरी पर गहराया रामगंगा का खतरा
रामगंगा उफनाने के साथ कई गांवों मेें भूमि कटान तेज हो गया है। रामगंगा परौर के मजरा मोहनपुर व बिचपुरी गांव समेत परौर के ऐतिहासिक राजमहल राजा नरायन सिंह के किले को निशाना बनाए है। सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोकने के प्रयास दिखावा साबित हो रहे हैं। कटान से परौर व मजरों की दूरी बमुश्किल 50 मीटर रह गई है। प्रभावित गांवों के मदनपाल सिंह, भाग सिंह, अजयपाल सिंह, राजीव सिंह चौहान, दिनेश सिंह आदि ने कटान रोकने के ठोस प्रयास किए जाने की मांग की है।
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खुदागंज क्षेत्र में गांवों के नजदीक पहुंचा गर्रा का पानी
गर्रा नदी में दोबारा बाढ़ आने से दर्जनों गांवों को फिर खतरा पैदा हो गया है। क्षेत्र के ग्राम जमीलापुर, पुन्नापुर, रामेश्वरगंज, पहाड़ीपुर भोपत, मुतिया देहात माली आदि गांवों के किनारे में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत हैं। बाढ़ चौकियां पूरी तरह निष्क्रिय हैं। राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंचा हैं। बाढ़ से दहशतजदा तमाम ग्रामीणों ने अपने घरों को खाली करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने भी नदी के किनारे ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।