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राइस मिलर्स को चावल की रिकवरी में राहत के संकेत
Updated Wed, 13 Sep 2017 06:43 PM IST
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शाहजहांपुर। धान की सरकारी खरीद से बाहर कर दिए जाने से आहत राइस मिलर्स को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने चावल की रिकवरी में चार प्रतिशत की छूट प्रदान करने के संकेत दिए हैं। कहा कि धान से चावल बनाने पर बमुश्किल 58 फीसदी रिकवरी मिल रही है, लेकिन सरकार को 67 प्रतिशत चावल देना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री ने इस घाटे से उबारने के लिए चावल की रिकवरी घटाने का आश्वासन दिया है।
राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेेश अध्यक्ष रमाकांत मोदी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री समेत खाद्य मंत्री अतुल गर्ग और विभागीय अधिकारियोें के साथ हुई बैठक के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता की यहां पत्रकारों को जानकारी दी।
बताया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में जिले के राइस मिलर्स का पक्ष रखने के लिए नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, खाद्य सचिव निवेदिता शुक्ला और एसोसिएशन के प्रदेेश महामंत्री विनय शुक्ला समेेत अन्य कई पदाधिकारी शामिल रहे। बताया कि आढ़तियों के माध्यम से धान की खरीद में राइस मिलर्स को देय कमीशन के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी, लेकिन अन्य कई बिंदुओं को मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक रूप से न केवल स्वीकार किया, बहुत जल्द शासनादेश जारी कराने का वादा किया।
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उन्होंने बताया कि राइस मिलर्स की समस्याओं को लेकर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद मुख्यमंत्री को पहले ही फीड बैक दे चुके थे। इसलिए हर बिंदु को उन्होंने पूरी संजीदगी से सुना। चावल की निकासी को मंडी से गेट पास की अनिवार्यता खत्म किए जाने पर उन्होेंने सहमति देने के साथ बकाया अदा नहीं करने पर बंद पूर्वी यूपी की बंद राइस मिलें चलाने के लिए आंशिक भुगतान कर चावल की कुटाई शुरू कराने और शेष धनराशि बाद में जमा करने की बड़ी राहत प्रदान की।
प्रदेश अध्यक्ष मोदी के अनुसार विभिन्न क्रय एजेंसियों पर मिलों का पिछला बकाया भुगतान शीघ्र कराने और भारतीय खाद्य निगम से हो रही दिक्कतों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने खाद्य सचिव को एफसीआई के स्तर से सही कार्य कराने के निर्देश देते हुए कहा कि राइस मिलर्स का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न नहीं होेने दिया जाएगा। इस मौके पर विष्णु शरण अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विपनेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल, वरुण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेेश अध्यक्ष रमाकांत मोदी ने लखनऊ में मुख्यमंत्री समेत खाद्य मंत्री अतुल गर्ग और विभागीय अधिकारियोें के साथ हुई बैठक के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता की यहां पत्रकारों को जानकारी दी।
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बताया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक में जिले के राइस मिलर्स का पक्ष रखने के लिए नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, खाद्य सचिव निवेदिता शुक्ला और एसोसिएशन के प्रदेेश महामंत्री विनय शुक्ला समेेत अन्य कई पदाधिकारी शामिल रहे। बताया कि आढ़तियों के माध्यम से धान की खरीद में राइस मिलर्स को देय कमीशन के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी, लेकिन अन्य कई बिंदुओं को मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक रूप से न केवल स्वीकार किया, बहुत जल्द शासनादेश जारी कराने का वादा किया।
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उन्होंने बताया कि राइस मिलर्स की समस्याओं को लेकर पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद मुख्यमंत्री को पहले ही फीड बैक दे चुके थे। इसलिए हर बिंदु को उन्होंने पूरी संजीदगी से सुना। चावल की निकासी को मंडी से गेट पास की अनिवार्यता खत्म किए जाने पर उन्होेंने सहमति देने के साथ बकाया अदा नहीं करने पर बंद पूर्वी यूपी की बंद राइस मिलें चलाने के लिए आंशिक भुगतान कर चावल की कुटाई शुरू कराने और शेष धनराशि बाद में जमा करने की बड़ी राहत प्रदान की।
प्रदेश अध्यक्ष मोदी के अनुसार विभिन्न क्रय एजेंसियों पर मिलों का पिछला बकाया भुगतान शीघ्र कराने और भारतीय खाद्य निगम से हो रही दिक्कतों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने खाद्य सचिव को एफसीआई के स्तर से सही कार्य कराने के निर्देश देते हुए कहा कि राइस मिलर्स का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न नहीं होेने दिया जाएगा। इस मौके पर विष्णु शरण अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विपनेश गुप्ता, विवेक अग्रवाल, वरुण गुप्ता आदि मौजूद रहे।