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Shahjahanpur News: अवैध शराब के लिए बदनाम गांव के 11 युवाओं ने पास की पुलिस भर्ती परीक्षा
Mon, 25 Nov 2024 04:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 25 Nov 2024 04:11 AM IST
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राजवीर, लक्ष्मनपुर गौंटिया, बंडा। संवाद
अरुण त्रिवेदी
देवकली (बंडा)। कभी शराब के अवैध धंधे के लिए बदनाम रहे बंडा क्षेत्र की ग्राम सभा नभीची के मजरा लक्ष्मनपुर गौंटिया के 11 युवाओं ने पुलिस भर्ती परीक्षा पास की है। इससे गांव भर में खुशी का माहौल है।
इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर समेत गांव के 30 लोग पहले से ही पुलिस में सेवा दे रहे हैं। 25 लोग सेना में हैं। गांव में पहले शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी। इसलिए गांव के कई लोगों ने अपराध की तरफ कदम बढ़ा दिए, लेकिन वर्ष 2000 में गांव के खिलावन सिंह ने यहां रंजीत पब्लिक स्कूल की स्थापना की और ग्रामीणों को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया। पहले से पुलिस व सेना में नौकरी कर रहे लोगों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण भी दिया।
इससे गांव की तस्वीर बदलने लगी। अब हर वर्ष दो से चार लोग पुलिस और सेना में भर्ती होने लगे हैं। गांव के शमशेर सिंह, जालिम सिंह, नरेंद्र सिंह सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं। चार लोग सब इंस्पेक्टर के पद पर और 23 लोग सिपाही पद पर तैनात हैं। गांव के 25 लोग सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना में हैं। जयपाल सिंह बदायूं में एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। गांव के 15 लोग शिक्षक भी हैं। गांव के दीवान सिंह एक बैंक में प्रबंधक हैं। संवाद
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इन युवाओं ने पास की परीक्षा - गांव के प्रदीप सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, गौरव सिंह, शिवम सिंह, विजय प्रताप सिंह, परमाल सिंह, प्रदीप कुमार, राजवीर सिंह, आकाश सिंह, प्रतीक्षा देवी।
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विकास कार्यों को कराने की मांग
गांव की आबादी लगभग ढाई हजार है। लगभग 12 सौ मतदाता हैं। गांव के गई रास्तों पर कीचड़ भरा रहता है। प्राथमिक स्कूल जाने वाला रास्ता भी खराब है। लक्ष्मनपुर गौंटिया बंडा से 16 किलोमीटर और देवकली से सात किलोमीटर की दूरी पर है। गांव के लोगों का कहना है कि तमाम बार शिकायत के बाद भी गांव में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं।
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मैंने सेना में हवलदार के पद पर 18 वर्ष तक सेवा दी। अब सिपाही परीक्षा पास की है। पुलिस में रहकर देश सेवा करना चाहता हूं। गांव के युवा सेना और पुलिस में जाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
-राजवीर, लक्ष्मनपुर गौंटिया
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मेरे पुत्र ने सिपाही पद के लिए परीक्षा पास की है। मैं सेना में था और नायब सूबेदार पद से तीन नवंबर को सेवानिवृत्त हुआ हूं। बड़ा पुत्र सेना में है और दूसरे पुत्र प्रदीप कुमार ने सिपाही परीक्षा उत्तीर्ण की है। -कुबेर सिंह, लक्ष्मनपुर गौंटिया
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देवकली (बंडा)। कभी शराब के अवैध धंधे के लिए बदनाम रहे बंडा क्षेत्र की ग्राम सभा नभीची के मजरा लक्ष्मनपुर गौंटिया के 11 युवाओं ने पुलिस भर्ती परीक्षा पास की है। इससे गांव भर में खुशी का माहौल है।
इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर समेत गांव के 30 लोग पहले से ही पुलिस में सेवा दे रहे हैं। 25 लोग सेना में हैं। गांव में पहले शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी। इसलिए गांव के कई लोगों ने अपराध की तरफ कदम बढ़ा दिए, लेकिन वर्ष 2000 में गांव के खिलावन सिंह ने यहां रंजीत पब्लिक स्कूल की स्थापना की और ग्रामीणों को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया। पहले से पुलिस व सेना में नौकरी कर रहे लोगों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण भी दिया।
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इससे गांव की तस्वीर बदलने लगी। अब हर वर्ष दो से चार लोग पुलिस और सेना में भर्ती होने लगे हैं। गांव के शमशेर सिंह, जालिम सिंह, नरेंद्र सिंह सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं। चार लोग सब इंस्पेक्टर के पद पर और 23 लोग सिपाही पद पर तैनात हैं। गांव के 25 लोग सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना में हैं। जयपाल सिंह बदायूं में एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। गांव के 15 लोग शिक्षक भी हैं। गांव के दीवान सिंह एक बैंक में प्रबंधक हैं। संवाद
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इन युवाओं ने पास की परीक्षा - गांव के प्रदीप सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, गौरव सिंह, शिवम सिंह, विजय प्रताप सिंह, परमाल सिंह, प्रदीप कुमार, राजवीर सिंह, आकाश सिंह, प्रतीक्षा देवी।
विकास कार्यों को कराने की मांग
गांव की आबादी लगभग ढाई हजार है। लगभग 12 सौ मतदाता हैं। गांव के गई रास्तों पर कीचड़ भरा रहता है। प्राथमिक स्कूल जाने वाला रास्ता भी खराब है। लक्ष्मनपुर गौंटिया बंडा से 16 किलोमीटर और देवकली से सात किलोमीटर की दूरी पर है। गांव के लोगों का कहना है कि तमाम बार शिकायत के बाद भी गांव में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं।
मैंने सेना में हवलदार के पद पर 18 वर्ष तक सेवा दी। अब सिपाही परीक्षा पास की है। पुलिस में रहकर देश सेवा करना चाहता हूं। गांव के युवा सेना और पुलिस में जाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
-राजवीर, लक्ष्मनपुर गौंटिया
मेरे पुत्र ने सिपाही पद के लिए परीक्षा पास की है। मैं सेना में था और नायब सूबेदार पद से तीन नवंबर को सेवानिवृत्त हुआ हूं। बड़ा पुत्र सेना में है और दूसरे पुत्र प्रदीप कुमार ने सिपाही परीक्षा उत्तीर्ण की है। -कुबेर सिंह, लक्ष्मनपुर गौंटिया

राजवीर, लक्ष्मनपुर गौंटिया, बंडा। संवाद