{"_id":"6ab56e251138c3f69e0b4be9","slug":"youth-are-becoming-mentally-weak-due-to-stress-and-depression-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-157818-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: युवा तनाव और अवसाद के कारण मानसिक रूप से हो रहे कमजोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: युवा तनाव और अवसाद के कारण मानसिक रूप से हो रहे कमजोर
विज्ञापन
प्रभा देवी महाविद्यालय में एचआईवी के बारे में जानकारी देते जिला अस्पताल के काउंसलर अजीत त्रिपाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभा इकाई और जिला अस्पताल के जरिये बृहस्पतिवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अमरेंद्र कुमार ने कहा कि आपसी संवाद और सौहार्द एक ऐसी दिव्य औषधि है, जिससे बड़े से बड़े रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। आज का युवा तनाव, अवसाद एवं अनिद्रा के कारण मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाता है। ऊपर से मादक पदार्थों के सेवन ने उन्हें शारीरिक रूप से भी अक्षम बना दिया है।
यह गंभीर विषय और चिंता का कारण है। आप सभी को ऐसे युवा मित्रों से दूरी बनाने के बजाय निरंतर संवाद करना होगा और उन्हें शारीरिक मानसिक रूप से प्रोत्साहित करना होगा, जिससे वह सामान्य जीवन की ओर अपने कदम बढ़ा सकें।
काउंसलर डॉ. अजीत तिवारी ने स्वयंसेवकों को एचआईवी और एड्स के संंबंध में जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। योग और प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग ही मानसिक स्वास्थ्य की दृढ़ता का आधार होता हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरनाथ पांडेय ने किया। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी सीमा, सुनीता गौतम समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभा इकाई और जिला अस्पताल के जरिये बृहस्पतिवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अमरेंद्र कुमार ने कहा कि आपसी संवाद और सौहार्द एक ऐसी दिव्य औषधि है, जिससे बड़े से बड़े रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। आज का युवा तनाव, अवसाद एवं अनिद्रा के कारण मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाता है। ऊपर से मादक पदार्थों के सेवन ने उन्हें शारीरिक रूप से भी अक्षम बना दिया है।
यह गंभीर विषय और चिंता का कारण है। आप सभी को ऐसे युवा मित्रों से दूरी बनाने के बजाय निरंतर संवाद करना होगा और उन्हें शारीरिक मानसिक रूप से प्रोत्साहित करना होगा, जिससे वह सामान्य जीवन की ओर अपने कदम बढ़ा सकें।
विज्ञापन
काउंसलर डॉ. अजीत तिवारी ने स्वयंसेवकों को एचआईवी और एड्स के संंबंध में जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। योग और प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग ही मानसिक स्वास्थ्य की दृढ़ता का आधार होता हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरनाथ पांडेय ने किया। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी सीमा, सुनीता गौतम समेत अन्य मौजूद रहे।