{"_id":"695aca39885521a72e09f5f7","slug":"young-people-are-getting-involved-in-the-cannabis-and-liquor-trade-illegal-distilleries-are-flourishing-in-the-majha-region-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-143878-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: गांजा और शराब के धंधे में शामिल हो रहे युवा, माझा में धधक रहीं भट्ठियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: गांजा और शराब के धंधे में शामिल हो रहे युवा, माझा में धधक रहीं भट्ठियां
Mon, 05 Jan 2026 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
e
संतकबीरनगर। जिले में काफी प्रशासनिक कड़ाई के बाद भी गांजा और अवैध शराब धंधा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माझा इलाके में भट्ठियां धधक रहीं हैं। इस धंधे में बड़ी संख्या में युवा पकड़े जा रहे हैं। गांजा और शराब के धंधे में युवाओं का शामिल होना समाज के लोगों के लिए चिंता का विषय बन रहा है। खासकर, ग्रामीण व सीमावर्ती इलाकों के कुछ युवा कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के लालच इस धंधे अपना रहे हैं। वे इसे कम जोखिम व ज्यादा मुनाफे का धंधा मानते हैं। कोतवाली पुलिस ने 31 दिसंबर को लगभग दो किलो गांजा के साथ तीन युवाओं को पकड़ा।
धनघटा थाना क्षेत्र का माझा एरिया अवैध कच्ची शराब के लिए सुरक्षित क्षेत्र माना जा रहा है। यहां आए दिन छापेमारी में शराब बरामद होती है। यहां पर दबिश देने के लिए भी जिम्मेदारों को सोचना पड़ता है। दबिश टीम नाव के सहारे कारोबारियों के सुरक्षित एरिया में पहुंची है। जो दूर से ही नदी की धारा में धंधेबाजों को दिखाई दे जाता है। दबिश से पहले ही अवैध शराब के धंधेबाजों को उनके विशेष सूत्रों से भी मूवमेंट की सूचना मिल जाती है और वे पहले की रफूचक्कर हो जाते हैं। दबिश डालने गई टीम को सिर्फ भट्ठियां, लहन और शराब बनाने के उपकरण मिलते हैं। उसे नष्ट कराकर टीम लौटने के लिए विवश होती है। कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के लालच में ज्यादातर युवा पीढ़ी इस धंधे में शामिल हो रही है।
-
गांजा के साथ तीन युवक हुए थे गिरफ्तार
साल के अंतिम दिन कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने तीन युवकों को अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। जिनके खिलाफ पुलिस ने थाना पर एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट भी दर्ज किया। पुलिस के अनुसार युवकों की पहचान अमर मणि निवासी नेवास थाना सहजनवा जनपद गोरखपुर, धर्मेंद्र गुप्ता उर्फ धरमू निवासी पुरानी तहसील खलीलाबाद और शुभम निवासी जनता मार्ग बरदहिया बाजार खलीलाबाद के रूप में हुई थी। पुलिस ने शुभम के पास से 610 ग्राम, धर्मेंद्र उर्फ धरमू के पास से 660 ग्राम और अमर मणि के पास से 700 ग्राम गांजा बरामद किया था।
विज्ञापन
-
दो माह में नष्ट कराई 28 क्विंटल लहन
आबकारी व धनघटा संयुक्त पुलिस टीम ने दो माह में ही धनघटा थाना क्षेत्र के माझा में छापेमारी करके लगभग 28 क्विंटल लहन को नष्ट कराया। 28 नवंबर को संयुक्त टीम ने बिड़हरघाट सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान टीम ने 70 लीटर अवैध शराब बरामद करते हुए मौके से 18 क्विंटल महुआ का लहन नष्ट कराते हुए 13 भट्ठियों व शराब बनाने के उपकरण को नष्ट कराया। इसी तरह 24 दिसंबर को भी माझा क्षेत्र के दबिश के दौरान 10 क्विंटल महुआ का लहन नष्ट कराते हुए 12 भट्ठियों व शराब बनाने के उपकरण को भी नष्ट किया। साथ ही सोनाड़ी गांव में छापा मारकर आरोपित गुड्डू को दबोचकर उसके पास से देशी मदिरा का 28 टेट्रा पैक, 7 बोतल अंग्रेजी शराब व पांच बीयर बरामद किया। बरामदगी के आधार पर धनघटा थाने में गुड्डू निवासी सोनाड़ी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
-
शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित हैं। ग्रामीण व सीमावर्ती इलाकों के कुछ युवाओं में तस्करी से जल्दी रुपये मिलने का भ्रम में ज्यादा दिखता है। युवा इस कम जोखिम व ज्यादा मुनाफे वाले रास्ते की ओर आकर्षित होते हैं। गांजा सामाजिक रूप से अपराध व नशेड़ी की छवि से जुड़ा है। जबकि शराब कई समुदायों में सामाजिक रूप से स्वीकार्य है। युवाओं की गलत राह नीतिगत असंतुलन, आर्थिक असमानता और सामाजिक दोहरे मापदंड का नतीजा है। -डॉ. विजय मिश्र, एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग, एचआर पीजी कॉलेज खलीलाबाद
विज्ञापन
धनघटा थाना क्षेत्र का माझा एरिया अवैध कच्ची शराब के लिए सुरक्षित क्षेत्र माना जा रहा है। यहां आए दिन छापेमारी में शराब बरामद होती है। यहां पर दबिश देने के लिए भी जिम्मेदारों को सोचना पड़ता है। दबिश टीम नाव के सहारे कारोबारियों के सुरक्षित एरिया में पहुंची है। जो दूर से ही नदी की धारा में धंधेबाजों को दिखाई दे जाता है। दबिश से पहले ही अवैध शराब के धंधेबाजों को उनके विशेष सूत्रों से भी मूवमेंट की सूचना मिल जाती है और वे पहले की रफूचक्कर हो जाते हैं। दबिश डालने गई टीम को सिर्फ भट्ठियां, लहन और शराब बनाने के उपकरण मिलते हैं। उसे नष्ट कराकर टीम लौटने के लिए विवश होती है। कम समय में ज्यादा रुपये कमाने के लालच में ज्यादातर युवा पीढ़ी इस धंधे में शामिल हो रही है।
विज्ञापन
-
गांजा के साथ तीन युवक हुए थे गिरफ्तार
साल के अंतिम दिन कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने तीन युवकों को अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। जिनके खिलाफ पुलिस ने थाना पर एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट भी दर्ज किया। पुलिस के अनुसार युवकों की पहचान अमर मणि निवासी नेवास थाना सहजनवा जनपद गोरखपुर, धर्मेंद्र गुप्ता उर्फ धरमू निवासी पुरानी तहसील खलीलाबाद और शुभम निवासी जनता मार्ग बरदहिया बाजार खलीलाबाद के रूप में हुई थी। पुलिस ने शुभम के पास से 610 ग्राम, धर्मेंद्र उर्फ धरमू के पास से 660 ग्राम और अमर मणि के पास से 700 ग्राम गांजा बरामद किया था।
विज्ञापन
-
दो माह में नष्ट कराई 28 क्विंटल लहन
आबकारी व धनघटा संयुक्त पुलिस टीम ने दो माह में ही धनघटा थाना क्षेत्र के माझा में छापेमारी करके लगभग 28 क्विंटल लहन को नष्ट कराया। 28 नवंबर को संयुक्त टीम ने बिड़हरघाट सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान टीम ने 70 लीटर अवैध शराब बरामद करते हुए मौके से 18 क्विंटल महुआ का लहन नष्ट कराते हुए 13 भट्ठियों व शराब बनाने के उपकरण को नष्ट कराया। इसी तरह 24 दिसंबर को भी माझा क्षेत्र के दबिश के दौरान 10 क्विंटल महुआ का लहन नष्ट कराते हुए 12 भट्ठियों व शराब बनाने के उपकरण को भी नष्ट किया। साथ ही सोनाड़ी गांव में छापा मारकर आरोपित गुड्डू को दबोचकर उसके पास से देशी मदिरा का 28 टेट्रा पैक, 7 बोतल अंग्रेजी शराब व पांच बीयर बरामद किया। बरामदगी के आधार पर धनघटा थाने में गुड्डू निवासी सोनाड़ी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
-
शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित हैं। ग्रामीण व सीमावर्ती इलाकों के कुछ युवाओं में तस्करी से जल्दी रुपये मिलने का भ्रम में ज्यादा दिखता है। युवा इस कम जोखिम व ज्यादा मुनाफे वाले रास्ते की ओर आकर्षित होते हैं। गांजा सामाजिक रूप से अपराध व नशेड़ी की छवि से जुड़ा है। जबकि शराब कई समुदायों में सामाजिक रूप से स्वीकार्य है। युवाओं की गलत राह नीतिगत असंतुलन, आर्थिक असमानता और सामाजिक दोहरे मापदंड का नतीजा है। -डॉ. विजय मिश्र, एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग, एचआर पीजी कॉलेज खलीलाबाद