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डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर हंगामा
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:40 PM IST
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प्रसव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शुक्रवार को बरडाड़ की 42 वर्षीय महिला की डिलीवरी के दौरान मेंहदावल सीएचसी के जच्चा-बच्चा केंद्र के आपरेशन थियेटर में मौत के बाद मामला उग्र हो उठा। मृतका के घरवालों ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। बाद में लोगों के समझाने पर वे शव को ले गए।
बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम बरडाढ़ निवासी रामलाल की 42 वर्षीय पत्नी श्रीशांती देवी को नौ माह का समय पूरा होने व दर्द उठने पर सीएचसी मेंहदावल के जच्चा-बच्चा केंद्र पर डिलीवरी के लिए लेकर आए। महिला के देवर भगवान दास का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों ने उसकी भाभी को आपरेशन थियेटर में ले जाकर नार्मल डिलीवरी कराई। जिसमें बच्ची पैदा हुई, पर अत्यधिक रक्तस्राव के कारण भाभी की हालत बिगड़ने लगी। घरवालों से गर्भवती की स्थिति को न बताकर स्टाफ नर्सों ने आपरेशन थियेटर में जच्चा-बच्चा को रखते हुए अपने कार्य में लगीं रहीं। इसी दौरान उनकी भाभी हालत इस कदर बिगड़ी की उनकी मौत हो गई। भगवान दास का आरोप है कि स्टाफ नर्स की लापरवाही से उसकी भाभी की मौत हुई है। उन्होंने स्टाफ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन के साथ आए अन्य लोग उग्र हो गए और हंगामा करते हुए स्टाफ नर्सों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके की नजाकत को देखकर जहां सीएचसी अधीक्षक अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। वहीं डाक्टर व अन्य स्टाफ भी मौके से भाग लिया। कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद घरवाले लाश लेकर मौके से चले गए, पर सीएचसी पर कुछ दिन पूर्व कुसफर व सिवरही के गर्भवती महिलाओं के बाद इस तीसरी गर्भवती महिला के मौत के बाद सीएचसी मेंहदावल के स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ मांग की है। गौरतलब है कि 15 दिन में यहां तीसरी महिला की मौत हुई है।
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वहीं सीएमओ डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। अगर स्टाफ नर्स ने डिलीवरी के बाद भी महिला के स्वास्थ्य की जांच नहीं की है और लापरवाही बरती है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम बरडाढ़ निवासी रामलाल की 42 वर्षीय पत्नी श्रीशांती देवी को नौ माह का समय पूरा होने व दर्द उठने पर सीएचसी मेंहदावल के जच्चा-बच्चा केंद्र पर डिलीवरी के लिए लेकर आए। महिला के देवर भगवान दास का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों ने उसकी भाभी को आपरेशन थियेटर में ले जाकर नार्मल डिलीवरी कराई। जिसमें बच्ची पैदा हुई, पर अत्यधिक रक्तस्राव के कारण भाभी की हालत बिगड़ने लगी। घरवालों से गर्भवती की स्थिति को न बताकर स्टाफ नर्सों ने आपरेशन थियेटर में जच्चा-बच्चा को रखते हुए अपने कार्य में लगीं रहीं। इसी दौरान उनकी भाभी हालत इस कदर बिगड़ी की उनकी मौत हो गई। भगवान दास का आरोप है कि स्टाफ नर्स की लापरवाही से उसकी भाभी की मौत हुई है। उन्होंने स्टाफ नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
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मौत की सूचना मिलते ही परिजन के साथ आए अन्य लोग उग्र हो गए और हंगामा करते हुए स्टाफ नर्सों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके की नजाकत को देखकर जहां सीएचसी अधीक्षक अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। वहीं डाक्टर व अन्य स्टाफ भी मौके से भाग लिया। कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद घरवाले लाश लेकर मौके से चले गए, पर सीएचसी पर कुछ दिन पूर्व कुसफर व सिवरही के गर्भवती महिलाओं के बाद इस तीसरी गर्भवती महिला के मौत के बाद सीएचसी मेंहदावल के स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ मांग की है। गौरतलब है कि 15 दिन में यहां तीसरी महिला की मौत हुई है।
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वहीं सीएमओ डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। अगर स्टाफ नर्स ने डिलीवरी के बाद भी महिला के स्वास्थ्य की जांच नहीं की है और लापरवाही बरती है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।