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Sant Kabir Nagar News: छपरा मगर्वी में रिंगबाध कटने से ग्रामीण भयभीत
Sat, 06 Sep 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:45 AM IST
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छपरा मगर्वी के पास कटा रिंग बांध-संवाद
महुली/रोसयाबाजार। शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। छपरा मगर्वी में रिंगबांध कट जाने से बाढ़ का पानी गांव के करीब पहुंच गया, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन सतर्क है।
किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने बाढ़ वाले इलाके में 12 नाव लगा दिया है, जिससे बाढ़ के पानी से लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके। बाढ़ से प्रभावित गांव चपरा पूर्वी, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजवा, सियार खुर्द, छपरा मगर्वी आदि गांव के लोग सरयू के जलस्तर बढ़ने से लोग खौफजदा हैं।
लोग खाने-पीने की सामग्री इकट्ठा कर घर छोड़ने की तैयारी में लगे हुए हैं। शुक्रवार को रिंगबांध कटने की सूचना पर तहसीलदार धनघटा राम जी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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उन्होंने लोगों से सतर्क रहने को कहा और ग्रामीणों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। प्रशासन बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क है।
वहीं सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर रामपुर, पंडरिया सहित कई गांवों की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे लोगों में पशुओं के चारे के भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों हरिहर, रामसेवक, सीताराम, इंद्रेश निषाद, रामाज्ञा निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, रामआशीष, वीरेन्द्र, संतराम, पिंटू, महेंद्र, कल्लू, अजय, लालजी, दिनेश, पुजारी, विनोद, अशोक, राम सुमेर, रग्घू यादव, नरसिंह, रूदल आदि लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चलें आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती तो पहले ही खत्म हो गई, लेकिन अब धान की फसल भी बर्बाद हो जा रही है। पशुओं के चारे के संकट बढ़ गया है। इस समय दस दिनों से सरयू का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो गांव बाढ़ में डूब जाएगा। इस संबंध में डीएम आलोक कुमार ने बताया कि लगातार निगरानी की जा रही है। जल स्तर पर नजर रखी गई है। अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है।
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किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने बाढ़ वाले इलाके में 12 नाव लगा दिया है, जिससे बाढ़ के पानी से लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके। बाढ़ से प्रभावित गांव चपरा पूर्वी, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजवा, सियार खुर्द, छपरा मगर्वी आदि गांव के लोग सरयू के जलस्तर बढ़ने से लोग खौफजदा हैं।
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लोग खाने-पीने की सामग्री इकट्ठा कर घर छोड़ने की तैयारी में लगे हुए हैं। शुक्रवार को रिंगबांध कटने की सूचना पर तहसीलदार धनघटा राम जी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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उन्होंने लोगों से सतर्क रहने को कहा और ग्रामीणों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। प्रशासन बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क है।
वहीं सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर रामपुर, पंडरिया सहित कई गांवों की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे लोगों में पशुओं के चारे के भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों हरिहर, रामसेवक, सीताराम, इंद्रेश निषाद, रामाज्ञा निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, रामआशीष, वीरेन्द्र, संतराम, पिंटू, महेंद्र, कल्लू, अजय, लालजी, दिनेश, पुजारी, विनोद, अशोक, राम सुमेर, रग्घू यादव, नरसिंह, रूदल आदि लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चलें आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती तो पहले ही खत्म हो गई, लेकिन अब धान की फसल भी बर्बाद हो जा रही है। पशुओं के चारे के संकट बढ़ गया है। इस समय दस दिनों से सरयू का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो गांव बाढ़ में डूब जाएगा। इस संबंध में डीएम आलोक कुमार ने बताया कि लगातार निगरानी की जा रही है। जल स्तर पर नजर रखी गई है। अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है।