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Sant Kabir Nagar News: हाईवे पर वाहनों की रफ्तार पर लगेगी लगाम, जिले को मिले इंटरसेप्टर वाहन
Sat, 20 Dec 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 20 Dec 2025 12:51 AM IST
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आरटीओ कार्यालय परखड़ा इंटरसेप्टर वाहन -संवाद
संतकबीरनगर। जनपद में हाईवे पर तेजी से चल रहे वाहनों पर अब ब्रेक लगेगा। इसके लिए जिले में संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को इंटरसेप्टर वाहन मिला है। इससे वाहन की गति कितनी है पता चल जाएगा। उसके अनुसार तेज रफ्तार वाहन पर कार्रवाई करने में आसानी होगी। परिवहन विभाग इंटरसेप्टर वाहन को इंस्टाल कराने की तैयारी में जुट गया है। इधर सीएम ने भी हाईवे पर तेज रफ्तार में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
इंटरसेप्टर वाहन खास तौर पर यातायात नियमों का पालन करवाने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया वाहन होता है। इसमें लेजर स्पीड गन, ब्रेथ एनालाइजर, कैमरे और जीपीएस जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगे होते हैं। इससे तेज़ गति, शराब पीकर गाड़ी चलाने और अन्य उल्लंघन पर तत्काल नजर रखकर कार्रवाई की जा सकती है। यातायात नियम का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत ई-चालान किया जाता है। इससे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होती है। इनमें प्राथमिक चिकित्सा किट, फायर एक्सटिंग्विशर, और आपातकालीन स्थिति के लिए अन्य उपकरण भी होते हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से जीपीएस के ज़रिए 24 घंटे मॉनिटर किया जा सकता है। इससे इनकी लोकेशन, रफ्तार और रूट की जानकारी मिलती है। इसका उद्देश्य सड़क हादसों और मौतों की संख्या को कम करना, यातायात नियम का सख्ती से पालन करवाना और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रभावी और साक्ष्य-आधारित प्रवर्तन सुनिश्चित करना।
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जिले को एक इंटरसेप्टर वाहन मिला है। जिसे इंस्टाल कराया जा रहा है। इससे प्रवर्तन की कार्रवाई में काफी आसानी होगी। -प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ
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इंटरसेप्टर वाहन खास तौर पर यातायात नियमों का पालन करवाने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया वाहन होता है। इसमें लेजर स्पीड गन, ब्रेथ एनालाइजर, कैमरे और जीपीएस जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगे होते हैं। इससे तेज़ गति, शराब पीकर गाड़ी चलाने और अन्य उल्लंघन पर तत्काल नजर रखकर कार्रवाई की जा सकती है। यातायात नियम का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत ई-चालान किया जाता है। इससे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होती है। इनमें प्राथमिक चिकित्सा किट, फायर एक्सटिंग्विशर, और आपातकालीन स्थिति के लिए अन्य उपकरण भी होते हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से जीपीएस के ज़रिए 24 घंटे मॉनिटर किया जा सकता है। इससे इनकी लोकेशन, रफ्तार और रूट की जानकारी मिलती है। इसका उद्देश्य सड़क हादसों और मौतों की संख्या को कम करना, यातायात नियम का सख्ती से पालन करवाना और सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रभावी और साक्ष्य-आधारित प्रवर्तन सुनिश्चित करना।
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जिले को एक इंटरसेप्टर वाहन मिला है। जिसे इंस्टाल कराया जा रहा है। इससे प्रवर्तन की कार्रवाई में काफी आसानी होगी। -प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ