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Sant Kabir Nagar News: जब तक बच्चे नहीं होंगे निपुण, शिक्षक कराते रहेंगे अभ्यास

Sun, 21 Apr 2024 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 21 Apr 2024 02:11 AM IST
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Until children become proficient, teachers will keep making them practice.
- परिषदीय स्कूल के बच्चों को हिंदी व गणित में करेंगे दक्ष
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहतर होगा। इसके लिए कक्षा एक से तीन तक पंजीकृत बच्चों को हिंदी और गणित में दक्ष बनाया जाएगा। जब तक बच्चा पूरी तरह से निपुण नहीं होगा तब तक शिक्षक बच्चे को अभ्यास कराएंगे। यह निर्णय प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा को बेहतर बनाने को लेकर किया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मक कार्य के तहत प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए नई पहल की है। इसमें पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को निपुणता की परीक्षा देनी होगी। यदि बच्चा पास नहीं होता है ताे उसे निपुण विद्यार्थी का दर्जा नहीं मिल पाएगा और उसे नए शैक्षणिक सत्र में पहले तीन महीने में पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम को दोबारा तैयार करवाया जाएगा।
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हिंदी में बच्चों को निपुण बनाने के लिए मूलभूत भाषा और साक्षरता, शब्दावली, पढ़ना-समझना, मौखिक भाषा का विकास, पठन प्रवाह, प्रिंट के बारे में अवधारणा, लेखन और कल्चर आफ रीडिंग में परिपक्व बनाना होगा। कोई बच्चा यह सब पढ़ने एवं समझने में सक्षम नहीं है तो उस विद्यार्थी को निपुण छात्र का दर्जा नहीं दिया जाएगा। गणित में बाल वाटिका के बच्चों को 10 तक संख्या पढ़नी आनी चाहिए। एक अंकीय जोड़ व घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही से हल करना, कक्षा दूसरी के बच्चों को 99 तक जोड़, दो अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल करना, कक्षा तीसरी के बच्चों को 999 तक जोड़, तीन अंकीय घटाव के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही करना जरूरी है।
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इस संबंध में बीएसए अमित सिंह ने बताया कि निपुण भारत लक्ष्य के तहत कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को लिखने पढ़ने की क्षमता को परखने के लिए कई मानक तय किए गए हैं। जिन बच्चों को समझ में नहीं आएगा तो शिक्षक उसे समझने तक पढ़ाएंगे और उसे निपुणता हासिल कराएंगे।
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