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Sant Kabir Nagar News: इंतजार में बीत गए दो साल, अधूरी रह गई विकास की आस
Tue, 08 Aug 2023 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 08 Aug 2023 11:09 PM IST
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नगरपालिका क्षेत्र के सीमा बिस्तारित वार्ड सरौली में बसा बल्ली के सहारे हो रही बिजली सप्लाई।संव
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग, नहीं होती साफ-सफाई, पेयजल का भी इंतजाम नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का विस्तार हुए दो साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हो पाया। करीब 50,000 की आबादी कहने के लिए तो शहरी हो गई, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पाई हैं। इन मोहल्ले की सड़कें टूटी हैं। बांस-बल्ली के सहारे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हाे रही है। यहां तक की नियमित साफ-सफाई भी नहीं हो पाती है। यहां के लोगों का कहना है कि नागरिक सुविधाओं के इंतजार में दो साल गुजर गए। विस्तारित क्षेत्र में अबतक कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गाें, खटौली, मैलानी, मोहद्दीनपुर, बेलवनिया, डीघा,कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज एवं उस्का खुर्द शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभी तक विकास के कार्य नहीं कराए गए है। यहां तक कि सड़कें, बिजली, जल निकासी,पेयजल तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई मोहल्ले तो ऐसे हैं, जहां हल्की बारिश में ही जलभराव हो जाता है और लोग पानी और कीचड़ से होकर आने-जाने के लिए मजबूर हैं।
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छोटी सरौली : बांस-बल्ली के सहारे बिजली
छोटी सरौली वार्ड में अभी तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। साथ ही वार्ड में शुद्ध पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यही नहीं, सड़क भी नहीं बनी है, कई जगहों पर सड़कों पर जलभराव रहता है। इससे आने जाने में समस्या होती है। स्थानीय निवासी सुरेश मौर्य बताते हैं कि शहरी क्षेत्र में आने के बावजूद यहां ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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मैलानी : पेयजल का इंतजाम नहीं
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में दो साल पहले मैलानी कस्बे को जोड़ा गया है। अभी तक यहां पर पानी का कोई इंतजाम नही हो पाया है। वाटर सप्लाई तो दूर सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। जो इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है वह भी खराब है। मैलानी निवासी कुलदीप कहते हैं कि खराब पड़े हैंडपंप को ठीक ककाने के लिए कई बार नगर पालिका के कर्मियों से कहा गया पर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ ही बिजली की सप्लाई भी बांस-बल्ली के सहारे होती है।
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मिश्रौलिया : सड़क बनी न नाली
शहरी क्षेत्र में मिश्रौलिया को जोड़ा गया तो यहां के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब यहां विकास कार्य होंगे। लंकिन, अभी तक वार्ड में पेयजल का के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। जो सड़कें हैं, वे पूरी तरह से टूट चुकी हैं। जगह-जगह नालियां टूटी पड़ी हैं। इससे पानी सड़क पर बहता है। मिश्रौलिया निवासी धीरेंद्र यादव बताते हैं कि सबसे ज्यादा दिक्कत बरसात के मौसम में होती है। सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। इससे आने-जाने में परेशानी होती है।
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बगहिया : सड़क पर कीचड़
बगहिया वार्ड में सबसे बड़ी समस्या कीचड़ की है। सड़क और नाली न बनने के कारण जो रास्ता है उस पर हमेशा कीचड़ रहता है, जिससे लोग आ जा नहीं पाते हैं। पहले से बनी सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। यहां की सबसे बड़ी समस्या पेयजल और बिजली की है। शहर में रहने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सप्लाई दी जाती है। स्थानीय निवासी सतीश मौर्य का कहना है कि वार्ड बने दो साल होने को हैं, लेकिन इस वार्ड पर नगर पालिका के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आय और संसाधनों की कमी का रोना रो रहा नगर पालिका प्रशासन
लोगों को नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने में असफल नगर पालिका प्रशासन आय और संसाधनों की कमी का रोना रो रहा है। हालांकि आय बढ़ाने की जिम्मेदारी उसी पर है। लापरवाही का आलम यह है कि नगर पालिका प्रशासन ने नौ साल से शहर में कोई सर्वे नहीं कराया, जिससे शहर में घरों की वास्तविक संख्या का पता चल सके और गृहकर व जलकर आदि मदों में आय बढ़ाई जा सके। फिलहाल नगर पालिका पुराने खलीलाबाद क्षेत्र के सिर्फ 9,000 घरों से गृह कर और 3221 घरों से जलकर की वसूली कर रही है। यदि नगर पालिका सर्वे कराए तो घरों की संख्या बढ़ेगी और गृहकर, जलकर से आय में वृद्धि होगी।
कोट :
नगर के विस्तारित क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य योजना तैयार करके शासन को भेजी गई है। बजट मिलने पर प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराया जाएगा। आय बढ़ाने की ओर भी ध्यान दिया जाएगा। सर्वे कराए जाने की दिशा में पहल करेंगे, जिससे घरों की संख्या का सही आंकड़े का पता चलेगा। अधिक से अधिक घरों में टोंटी का कनेक्शन दिए जाने की दिशा में भी काम होगा। -विनय कुमार मिश्र, ईओ
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बगहिया : सड़क पर कीचड़, लोगों का आना-जाना मुश्किल
विस्तारित क्षेत्र बगहिया में सड़क पर कीचड़ जमा है। यहां के लोग उसी कीचड़ से होकर आते है। यहां शहर जैसी कोई सुविधा नहीं है। हल्की बारिश में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। लोगों का आना-जाना मुश्किल हाे जाता है। जरूरी काम से घर से बाहर निकलने पर कपड़े खराब हो जाते हैं। फिसलन से लोग सड़क पर गिर पड़ते हैं। इससे इलाके के लोग परेशान हैं और शिकायत करते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं रही है। लोगों ने सभासद से आए दिन समस्या से अवगत कराते रहते है। सभासद भागवत मौर्या ने नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंच कर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। सभासद ने ईओ को बताया मोहल्ले में विकास की बात तो दूर है,सफाई तक नहीं हो पा रही रही है।
इन मोहल्ले में दुश्वारियां झेल रहे लोग
विस्तारित क्षेत्र मैलानी, सरौली, नेदुला, बनियाबारी, गौसपुर में तो आने-जाने का रास्ता ही दुरुस्त नहीं है। बांस-बल्ली के सहारे बिजली की सप्लाई दी गई है। नेदुला में टूटी सड़क पर पानी जमा है। उसी से होकर लोग आते-जाते हैं। विकास के नाम पर इन मोहल्लों में कुछ भी नहीं हुआ है। बनियाबारी के सभासद रोहित पांडेय ने ईओ से मुलाकात कर वार्ड की समस्याएं गिनाईं। यहां के लोगों को रही समस्या को दूर करने की मांग की।
इंसेट
कहने को तो शहरी है, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बदतर है। मोहल्ले में साफ- सफाई तक नहीं होती है। जल निकासी तक की सुविधा नहीं है। नगर पालिका प्रशासन को सुविधाएं दिए जाने की ओर ध्यान देना चाहिए। -राजेश कुमार, नगर वासी
इंसेट
दो साल पहले नगर का विस्तार हुआ तो लगा कि शहरी सुविधाएं मिलेगी,लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली मिल रही है। मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। सार्वजनिक शौचालय,शुद्ध पेयजल,सड़क आदि की सुविधाएं तो दूर की बात है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का विस्तार हुए दो साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन विस्तारित क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हो पाया। करीब 50,000 की आबादी कहने के लिए तो शहरी हो गई, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पाई हैं। इन मोहल्ले की सड़कें टूटी हैं। बांस-बल्ली के सहारे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हाे रही है। यहां तक की नियमित साफ-सफाई भी नहीं हो पाती है। यहां के लोगों का कहना है कि नागरिक सुविधाओं के इंतजार में दो साल गुजर गए। विस्तारित क्षेत्र में अबतक कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गाें, खटौली, मैलानी, मोहद्दीनपुर, बेलवनिया, डीघा,कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज एवं उस्का खुर्द शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभी तक विकास के कार्य नहीं कराए गए है। यहां तक कि सड़कें, बिजली, जल निकासी,पेयजल तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई मोहल्ले तो ऐसे हैं, जहां हल्की बारिश में ही जलभराव हो जाता है और लोग पानी और कीचड़ से होकर आने-जाने के लिए मजबूर हैं।
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छोटी सरौली : बांस-बल्ली के सहारे बिजली
छोटी सरौली वार्ड में अभी तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। साथ ही वार्ड में शुद्ध पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यही नहीं, सड़क भी नहीं बनी है, कई जगहों पर सड़कों पर जलभराव रहता है। इससे आने जाने में समस्या होती है। स्थानीय निवासी सुरेश मौर्य बताते हैं कि शहरी क्षेत्र में आने के बावजूद यहां ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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मैलानी : पेयजल का इंतजाम नहीं
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में दो साल पहले मैलानी कस्बे को जोड़ा गया है। अभी तक यहां पर पानी का कोई इंतजाम नही हो पाया है। वाटर सप्लाई तो दूर सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। जो इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है वह भी खराब है। मैलानी निवासी कुलदीप कहते हैं कि खराब पड़े हैंडपंप को ठीक ककाने के लिए कई बार नगर पालिका के कर्मियों से कहा गया पर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ ही बिजली की सप्लाई भी बांस-बल्ली के सहारे होती है।
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मिश्रौलिया : सड़क बनी न नाली
शहरी क्षेत्र में मिश्रौलिया को जोड़ा गया तो यहां के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब यहां विकास कार्य होंगे। लंकिन, अभी तक वार्ड में पेयजल का के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। जो सड़कें हैं, वे पूरी तरह से टूट चुकी हैं। जगह-जगह नालियां टूटी पड़ी हैं। इससे पानी सड़क पर बहता है। मिश्रौलिया निवासी धीरेंद्र यादव बताते हैं कि सबसे ज्यादा दिक्कत बरसात के मौसम में होती है। सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। इससे आने-जाने में परेशानी होती है।
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बगहिया : सड़क पर कीचड़
बगहिया वार्ड में सबसे बड़ी समस्या कीचड़ की है। सड़क और नाली न बनने के कारण जो रास्ता है उस पर हमेशा कीचड़ रहता है, जिससे लोग आ जा नहीं पाते हैं। पहले से बनी सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। यहां की सबसे बड़ी समस्या पेयजल और बिजली की है। शहर में रहने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली सप्लाई दी जाती है। स्थानीय निवासी सतीश मौर्य का कहना है कि वार्ड बने दो साल होने को हैं, लेकिन इस वार्ड पर नगर पालिका के लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आय और संसाधनों की कमी का रोना रो रहा नगर पालिका प्रशासन
लोगों को नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने में असफल नगर पालिका प्रशासन आय और संसाधनों की कमी का रोना रो रहा है। हालांकि आय बढ़ाने की जिम्मेदारी उसी पर है। लापरवाही का आलम यह है कि नगर पालिका प्रशासन ने नौ साल से शहर में कोई सर्वे नहीं कराया, जिससे शहर में घरों की वास्तविक संख्या का पता चल सके और गृहकर व जलकर आदि मदों में आय बढ़ाई जा सके। फिलहाल नगर पालिका पुराने खलीलाबाद क्षेत्र के सिर्फ 9,000 घरों से गृह कर और 3221 घरों से जलकर की वसूली कर रही है। यदि नगर पालिका सर्वे कराए तो घरों की संख्या बढ़ेगी और गृहकर, जलकर से आय में वृद्धि होगी।
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नगर के विस्तारित क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य योजना तैयार करके शासन को भेजी गई है। बजट मिलने पर प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराया जाएगा। आय बढ़ाने की ओर भी ध्यान दिया जाएगा। सर्वे कराए जाने की दिशा में पहल करेंगे, जिससे घरों की संख्या का सही आंकड़े का पता चलेगा। अधिक से अधिक घरों में टोंटी का कनेक्शन दिए जाने की दिशा में भी काम होगा। -विनय कुमार मिश्र, ईओ
बगहिया : सड़क पर कीचड़, लोगों का आना-जाना मुश्किल
विस्तारित क्षेत्र बगहिया में सड़क पर कीचड़ जमा है। यहां के लोग उसी कीचड़ से होकर आते है। यहां शहर जैसी कोई सुविधा नहीं है। हल्की बारिश में सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। लोगों का आना-जाना मुश्किल हाे जाता है। जरूरी काम से घर से बाहर निकलने पर कपड़े खराब हो जाते हैं। फिसलन से लोग सड़क पर गिर पड़ते हैं। इससे इलाके के लोग परेशान हैं और शिकायत करते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं रही है। लोगों ने सभासद से आए दिन समस्या से अवगत कराते रहते है। सभासद भागवत मौर्या ने नगर पालिका परिषद के कार्यालय पहुंच कर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। सभासद ने ईओ को बताया मोहल्ले में विकास की बात तो दूर है,सफाई तक नहीं हो पा रही रही है।
इन मोहल्ले में दुश्वारियां झेल रहे लोग
विस्तारित क्षेत्र मैलानी, सरौली, नेदुला, बनियाबारी, गौसपुर में तो आने-जाने का रास्ता ही दुरुस्त नहीं है। बांस-बल्ली के सहारे बिजली की सप्लाई दी गई है। नेदुला में टूटी सड़क पर पानी जमा है। उसी से होकर लोग आते-जाते हैं। विकास के नाम पर इन मोहल्लों में कुछ भी नहीं हुआ है। बनियाबारी के सभासद रोहित पांडेय ने ईओ से मुलाकात कर वार्ड की समस्याएं गिनाईं। यहां के लोगों को रही समस्या को दूर करने की मांग की।
इंसेट
कहने को तो शहरी है, लेकिन सुविधाएं गांव से भी बदतर है। मोहल्ले में साफ- सफाई तक नहीं होती है। जल निकासी तक की सुविधा नहीं है। नगर पालिका प्रशासन को सुविधाएं दिए जाने की ओर ध्यान देना चाहिए। -राजेश कुमार, नगर वासी
इंसेट
दो साल पहले नगर का विस्तार हुआ तो लगा कि शहरी सुविधाएं मिलेगी,लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्र की ही बिजली मिल रही है। मोहल्ले को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह ध्वस्त है। सार्वजनिक शौचालय,शुद्ध पेयजल,सड़क आदि की सुविधाएं तो दूर की बात है।